
JAMSHEDPUR


सचिव, स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड के सभी सीएचसी में जन औषधि केन्द्र शुरू करायें- केे.के सोन के द्वारा आज एमजीएम कॉलेज, एमजीएम अस्पताल, रिजनल वैक्सीन स्टोर, मणिपाल-टाटा मेडिकल कॉलेज व सदर अस्पताल का निरीक्षण किया गया । इस दौरान उन्होने एमजीएम कॉलेज व एमजीएम अस्पताल में चल
रहे निर्माण कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश संबंधित संवेदक को दिए । साथ ही रिजनल वैक्सीन स्टोर का भी निरीक्षण कर जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों का जायजा लिया । श्री सोन द्वारा मणिपाल-टाटा मेडिकल कॉलेज व सदर अस्पताल का भी निरीक्षण किया गया । मौके पर उन्होने विभिन्न वार्ड का निरीक्षण कर उपलब्ध चिकित्सीय सुविधाओं के विषय में जानकारी ली । निरीक्षण के पश्चात सदर अस्पताल सभागार में उन्होने बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए । श्री सोन ने उपस्थित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप ऐसी सेवा में हैं जिसमें कमिटमेंट जरूरी है । उन्होने सभी एमओआईसी को नियमित अपने पोषक क्षेत्र का भ्रमण करने तथा प्रत्येक महीने आवश्यक रूप से प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य समिति की बैठक हो, इसे सुनिश्चित करने के निर्देश दिए । श्री सोन ने कहा कि सभी सीएचसी में जन औषधि केन्द्र शुरू करना है ।
अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ साहिर पाल द्वारा पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिले में स्वास्थ्य सेवा की गतिविधियों के सबंध में अवगत कराया गया। इस दौरान कोरोना काल में जिला प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमण के रोकथाम हेतु क्या-क्या कदम उठाये गए इसकी संक्षिप्त जानकारी साझा की गई । एसीएमओ द्वारा बताया गया कि 65 फीसदी चिकित्सा व स्वास्थ्य कर्मियों का वैक्सीनेशन हो चुका है, शेष बचे हुए लाभुकों का भी वैक्सीनेशन जारी है वहीं फ्रंट लाइन वर्कर का भी वैक्सीनेशन कार्य जिले में सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है । श्री सोन द्वारा कहा गया कि तीसरे चरण में 50 वर्ष से ज्यादा उम्र के वैसे लोगों को प्राथमिकता में रखना है जो कोरोना संक्रमण से उबरे हैं ।
सचिव, स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार द्वारा निकट समय में स्कूल व आंगनबाड़ी केन्द्र खुलने की संभावनाओं को देखते हुए कहा गया कि प्राथमिकता के आधार पर शत-प्रतिशत आंगनबाड़ी सेविका/सहायिका, स्कूलों में मिड-डे-मिल बनाने वाली दीदी आदि का वैक्सीन लगवाना सुनिश्चत करें । साथ ही पुलिस वाहन में फर्स्ट एड किट उलपब्ध कराने एवं पुलिस कर्मियों को बेसिक ट्रेनिंग का निर्देश सिविल सर्जन को दिया गया । श्री सोन ने कहा कि किसी भी दुर्घटना में फर्स्ट रिस्पॉन्डर पुलिस होती है ऐसे में आवश्यक है कि उनके पास फर्स्ट एड किट हो ताकि घायल लोगों को कुछ प्राथमिक उपचार मिल सके । उन्होने एनएचएआई के संबंधित पदाधिकारी से समन्वय स्थापित कर हाईवे किनारे नजदीकी अस्पताल व सीएचसी-पीएसची के साइनेज लगाने के निर्देश दिए ताकि किसी आकस्मिक स्थित में जिले की सीमा में सफर कर रहे यात्रियों को चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध हो सके ।
मौके पर डॉ ए.के लाल, डॉ बीएन उषा, डॉ असद, सभी एमओआईसी तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे ।

