
JAMSHEDPURजमशेदपुर। राजस्थान की धरती मारी रोम रोम में बस गई…, किस्मत वालों को मिलता है श्याम तेरा दरबार…., धरती देवाड़ी राजस्थान जठे से मेरो श्याम निकल्यो…., अपने दिल का हाल सुनावन आयां हां…., होलिया में
रे गुलाल……, ढूंढत ढूंढत खाटू नगरी आ गई…., प्यारा सा मुखडा घुंघराले बाल…., सांवरिया की महफिल को मेरा सांवरा ने सजाया है…., ऐसी मस्ती कहाँ मिलेगी…., सांवरियो बैठों हैं जो लेना है सो मांग लें…., गोबिंद मेरो है कन्हैया मेरो हैं…., छाये काली घटाएं तो क्या इसकी छतरी के नीचे हॅू में…. आदि भटली वाले बाबा श्याम के भजनों पर बिरसानगर जोन न०-1 बी (टेल्को) स्थित पप्पू सिंह के आवास में (आंध्रा समिति और इण्डेन गेस गोदाम के पास) देर रात तक भक्त झूमते रहे। मौका था श्री श्याम भटली परिवार चैरिटेबल ट्रस्ट जमशेदपुर द्वारा 105वां मासिक श्याम कीत्र्तन महोत्सव का। श्री गणेश वंदना के साथ भजनों का कार्यक्रम शुरू हुआ जो देर रात तक चलते रहा। इससे पहले संध्या 7 बजे से बाबा श्याम की पूजा अर्चना शुरू हुई। यजमान रेखा-पप्पू सिंह द्धारा पूजा की गयी और पंडित रामजी पारिख ने विधिवत् रूप से पूजा करायी और सब भक्तों को रक्षा सुत्र बांधा। इस धार्मिक मौके पर स्थानीय भजन गायक महाबीर अग्रवाल, राधा रानी, नीरज जालान, रोहित गुलाटी एंव बंटी चांगिल द्वारा बाबा श्याम के चरणों में भजनों की अमृत वर्षा कर भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। मासिक कीत्र्तन महोत्सव का मुख्य आकर्षण भटली वाले श्याम बाबा का भव्य दरबार, छप्पन भोग, अखंड ज्योत तथा श्याम रसोई प्रसाद था। कोरोना संक्रमण से बचाव के नियमों का पालन करते हुए इस घार्मिक कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष राजेश पसारी, धनजंय सिंह, संजय मिश्रा, चंचल लकड़ा, आरपी सिंह, डा. महेश्वरी प्रसाद, प्रियंका सिंह, मनीता मिश्रा, सुमन लकड़ा, कविता धूत, सुधीर अग्रवाल, गगन रूस्तोगी, नीतेश धूत, ललित डांगा, नरेश अग्रवाल, संदीप बजाज आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।



