
जमशेदपुर।

विश्व योग दिवस के अवसर पर विश्व योग दिवस के अवसर पर योग साधना में मददगार साबित हो सकता है पेड़ पौधा पर्यावरण स्वच्छ रहेगा तभी हम ध्यान योग, आसन, प्राणायाम स्वच्छ वातावरण में कर सकते हैं अगर पृथ्वी पर ऑक्सीजन की कमी हो जाए तो यह सब प्रक्रिया करना मुश्किल हो जाएगा इसलिए गमले का एक पौधा भी पर्यावरण के संतुलन को बरकरार रखने में मददगार साबित हो सकता है शहर में घूम घूम कर लगभग 50 योग प्रेमियों के बीच त्रिफला के पौधे का वितरण किया गया बिरसानगर जहरेथान के लिए भी पौधे दिए गए विश्व में तेजी से फैल रही कोरोना वायरस के कुप्रभावऔर उससे उत्पन्न महामारी की स्थिति को देखते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से निशुल्क पौधा वितरण का प्रचार किया गया इस प्रचार से लोगों ने अपने पौधे की आवश्यकता को बताया प्रत्येक इलाके में घूम घूम कर लगभग 50 त्रिफला का पौधा ( आंवला ,हरे ,बहेरा ) पथरकूची पौधा का वितरण किया गया आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ग्लोबल एवं प्रीवेंशन आफ क्रुएलिटी टू एनिमल्स एंड प्लांट्स (PCAP)जमशेदपुर की ओर निशुल्क पौधा वितरण कार्यक्रम क्रोना वायरस के दुष्प्रभाव के कारण सोशल डिस्टेंस, हंडगलप्स, एवं मास्क पहनकर शहर में घूम घूम कर सोनारी, टेल्को, बर्मामाइंस एवं कदमा इच्छा अनुसार लोगों के बीच पौधा वितरित किया गया प्रत्येक व्यक्ति को दो-तीन एवं पांच तरह के पौधे दिए गए इस कार्यक्रम में विनयकृष्णा एवं सुनील आनंद का सहयोग रहा सुनील आनंद ने कहां की योग से शरीर, मन एवं आत्मा शुद्ध होती है मनुष्य शारीरिक मानसिक एवं आध्यात्मिक स्तर पर विकसित होता है परंतु पर्यावरण शुद्ध होने से पूरा पृथ्वी स्वच्छ होता है और इसी स्वच्छ वातावरण में योग करने से मनुष्य का तीनों स्तर पर विकास होता है
पर्यावरण के महत्व के विषय में बताते हुए कहा कि सन 1980 के बाद से धरती की सतह का औसत तापमान तकरीबन 1 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है नासा का कहना है कि यह गर्मी कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन ग्रीन हाउस गैसों और पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ के कारण उत्पन्न हुई है जंगलों की अंधाधुंध कटाई ने इस समस्या को गंभीर कर दिया है जो कार्बन डाइऑक्साइड पेड़-पौधे शोख लेते थे वह अब वातावरण में घुल रही है दूसरी ओर ब्रिटिश मौसम वैज्ञानिकों ने चेताया है कि अगले 5 साल पिछले 10 वर्षों के मुकाबले अधिक सर्वाधिक गर्म रहने वाले हैं तापमान बढ़ने का सीधा असर खेती किसानी पर पड़ेगा और पैदावार कम हो जाएगी कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि 1 डिग्री तापमान बढ़ने से पैदावार में 3 से 7 फ़ीसदी की कमी आ जाती है भारत में पर्यावरण को लेकर एक बड़ा खतरा पॉलिथीन और प्लास्टिक से भी है आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ग्लोबल जमशेदपुर की ओर से इस समस्या से उबरने के लिए एक छोटा सा प्रयास संस्था की ओर से की जा रही है प्रत्येक महीने कम से इसी तरह प्रत्येक महीने में संस्था की ओर से रक्तदान शिविर एवं मोतियाबिंद जांच शिविर में भाग लेने वाले सभी लोगों को पौधा दिया जाता है पौधा देने का तरीका यह है कि जो भी अपनी योग्यता के अनुसार है पौधा लेते हैं फलदार पौधे ,शो वाले पौधे, फूल वाले पौधे एवं औषधीय पौधे दिए जाते हैं जनप्रतिनिधियों को भी पौधा भेंट किया जाता है

