
खतरों के खिलाड़ी
घायल साँप को आत्मीयता का मरहम लगाते स्नेक सेवर मिथिलेश श्रीवास्तव का वीडियो वायरल, साहस और संवेदना को सराह रहे लोग
जमशेदपुर।


जहरीले सांपों के काटने से घायल इंसान की उपचार की बातें अक्सर देखी सुनी जाती है। लेकिन इंसान द्वारा पिटाई से घायल साँप के उपचार का दृश्य विरले की देखने को मिलती है। जमशेदपुर के बागबेड़ा के रहने वाले सर्प मित्र छोटू नाम से मशहूर स्नेक सेवर मिथिलेश श्रीवास्तव द्वारा एक घायल साँप के उपचार के लिए दिखाई गई आत्मीयता के चर्चें सोशल मीडिया और शहर में जमकर हो रही है। सोमवार को छोटू श्रीवास्तव ने एक घायल रेड धामिन साँप को रेस्क्यू किया और बड़े ही प्यार से साँप के ज़ख्म पर मरहम पट्टी भी लगाया। दरअसल सोमवार को मिथिलेश श्रीवास्तव को किसी ने कॉल कर के बताया कि उनके घर के सामने एक घायल साँप दो दिनों से कुंडली मारकर बैठा हुआ है। साँप क़रीब पाँच फ़ीट से ज्यादा लंबा था जिससे घरवाले दहशत में थें। सूचना मिलते ही छोटू अपने स्नेक सेवर्स टीम के साथ मौके पर पहुँचें और घायल साँप को रेस्क्यू किया। साँप को पकड़ने पर देखा कि उसके शरीर पर काफ़ी ज्यादा जख्म हैं और उसपर कीड़े लगे हुए हैं। साँप की इस पीड़ा को मिथिलेश श्रीवास्तव (छोटू) बर्दाश्त नहीं कर सकें। उन्होंने फ़ौरन अपने फ़र्स्ट ऐड किट निकाल कर पहले तो डेटॉल और रुई से ज़ख्म को अच्छे से साफ़ किया। उसके बाद अपने सहयोगियों के सहारे उस ज़ख्म पर दवा लगाकर मरहम पट्टी बाँध दिया। उपचार करने के बाद दूर जंगल में साँप को छोड़ दिया गया। इतने संवेदना और आत्मीयता से एक साँप का ईलाज करने की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। शहर के कई फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रूप में भी छोटी के प्रयासों को लोग सराह रहे हैं। यह अपने आप में एक अनोखा मामला है जहाँ एक स्नेक सेवर एक घायल साँप का उपचार करता दिख रहा हो। इस बाबत मिथिलेश श्रीवास्तव उर्फ़ छोटू ने बताया कि उन्होंने इसका कहीं से प्रशिक्षण प्राप्त नहीं किया है, बल्कि स्नेक रेस्क्यू करते करते वे अभ्यस्त हो चुके हैं। बताया कि साँप पर्यावरण और प्रकृति के मित्र होते हैं। ऐसे में हर हाल में साँपों की रक्षा की जानी चाहिए। कहा कि हिंदू मान्यताओं के अनुसार भी साँपों को पूज्य माना गया है, किंतु डर के कारण अक्सर इंसान इन्हें नुक्सान पहुंचाते हैं और मार देते हैं। मिथिलेश श्रीवास्तव ने बताया कि वे और उनकी स्नेक सेवर्स टीम का उद्देश्य है साँपों को बचाना और साँपों से इंसानी जीवन की रक्षा करना। मिथिलेश श्रीवास्तव उर्फ़ छोटू ने बताया कि उन्हें हर दिन जमशेदपुर और आसपास के इलाकों से दर्जनों कॉल आती है। वे और उनकी टीम के सदस्य प्रयास करते हैं कि लोगों की सेवा के साथ ही साँपों को भी रेस्क्यू कर दूर जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया जाये। छोटू में बताया कि स्नेक रेस्क्यू करने की पूरी प्रक्रिया की बाकायदा वीडियो रिकार्डिंग की जाती है ताकि समाज में किसी प्रकार की संशय की स्थिति न रहे। कहा कि स्नेक सेवर प्रतिमा महानंद और मेघा श्रीवास्तव हर कदम में उनका साथ देती हैं। सांपों को बचाने के लिए झारखंड में ऐसे 2 महिला है जो सांपों को रेस्क्यू भी करती है और सांपों को बचाने का भी मुहिम चला रही है।

