
◆ मुख्यमंत्री ने सूबे के शिक्षा मंत्री को मामले में संज्ञान लेकर आवश्यक कार्यवाई करने का दिया निर्देश


झारखंड शिक्षा सेवा वर्ग 02 के अधिकारी बाँके बिहारी सिंह के भ्रष्टाचार की बंद फ़ाइलें दुबारा खुलेंगी। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार शाम ट्विटर पर ही इस आशय के आदेश दिये है। शिक्षा सत्याग्रह नाम की संस्था से जुड़े नेता अंकित आनंद के ट्वीट पर मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेकर शिक्षा मंत्री को सम्बंधित आदेश दिये है। सीएम ने शिकायत को रिट्वीट करते हुए शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो को मामले में संज्ञान लेकर विभागीय कार्यवाई के आदेश दिये हैं। विदित हो कि बाँके बिहारी सिंह वर्तमान में जामताड़ा ज़िले में पदस्थापित हैं। वर्ष 2015-16 में धनबाद में जिला शिक्षा अधीक्षक रहते हुए उनके कार्यकाल में कई फ़र्ज़ी शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। इसके अलावे सरकारी विद्यालयों में चापाकल लगाने की योजना में भी गबन और घोटाले की जाँच हुई थी। घोटालों के आरोप लगाने वाले जमशेदपुर के एक शिक्षक नेता को डीएसई बाँके बिहारी सिंह के कोपभाजन और बदले की कार्यवाई का शिकार होना पड़ा था। छह महीने से अधिक समय तक भ्रष्टाचार उज़ागर करने वाले शिक्षक नेता को निलंबित रखा गया था और उनके तीन वेतन इंक्रीमेंट काट दिये गये थे। उस दौरान भी शिक्षा सत्याग्रह के नेता अंकित आनंद ने इस कार्यवाई पर कड़ा विरोध किया था।
● क्या था ट्वीट :- गुरुवार देर रात करीब बारह बजे के बाद शिक्षा सत्याग्रह के नेता अंकित आनंद में जमशेदपुर में डेढ़ वर्ष पूर्व जिला शिक्षा अधीक्षक रहे बाँके बिहारी सिंह से जुड़े भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़ों पर कार्यवाई ना होने को लेकर सवाल उठाते हुए एक के बाद एक कई ट्वीट किया था। अंकित आनंद ने एक वर्ष पूर्व एक अखबार में प्रकाशित समाचार को ट्वीटर पर पोस्ट करते हुए लिखा था “जाँच में दोषी साबित होने के बावजूद पिछले दो वर्षों से अबतक झारखंड शिक्षा सेवा वर्ग के अधिकारी श्री बाँके बिहारी सिंह पर कार्यवाई ना होना विभागीय “सेटिंग” की ओर ईशारा कर रहा है। इसी ट्वीट की कड़ी को आगे जारी रखते हुए लिखा गया कि कितना आसान है ना घोटाले और भ्रष्टाचार करने के बावजूद कार्यवाई से बचे रहना। आगे सलाह लिखा कि जबतक भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाई नहीं होगी, तबतक शिक्षा में व्याप्त भ्रष्टाचार और घोटालों पर अंकुश नहीं लग सकता। अगली ट्वीट में बाँके बिहारी सिंह के मामलों पर लगे आरोपों की जाँच और प्रपत्र-क गठित करने को लेकर वर्ष 2018 में जारी निर्देश का जिक्र करते हुए ट्वीट किया गया है। बाँके बिहारी सिंह पर जमशेदपुर में पदस्थापन काल के दौरान बेंच-डेस्क आपुर्ति में भी ठेकेदारों की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा करने का आरोप था जिसपर जाँच लंबित है।
● मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, शिक्षा मंत्री को मामले में जाँच के आदेश :- शिक्षा सत्याग्रह संस्था के अंकित आनंद के भ्रष्टाचार विरोधी ट्वीट पर शुक्रवार शाम संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उसे रिट्वीट करते हुए राज्य के शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो को मामले में संज्ञान लेकर कार्यवाई के आदेश दिये है। ऐसे में वर्षों से बोतलों में बंद बाँके बिहारी सिंह के भ्रष्टाचार के जिन्न का बाहर निकलना तय है। सीएम के निर्देश के बाद विभागीय महकमा रेस होगी और बंद फ़ाईल दुबारा से खुलेंगे। इसपर शिक्षा सत्याग्रह के नेता अंकित आनंद ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सुसंगत प्रावधानों के तहत कार्यवाई सुनिश्चित होगी और प्रताड़ित शिक्षकों को न्याय मिल सकेगा।
● मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन द्वारा किये गये ट्वीट का लिंक :-
https://twitter.com/HemantSorenJMM/status/1235895532695871488?s=19

