
– शहर का पहला वातानुकूलित पंडाल होगा
– गुफा में झलकेगी आदिवासी और ग्रामीण संस्कृति
– 03 अक्टूबर (पँचमी) को उद्घाटन के बाद दर्शन के लिए खुलेंगे माई दरबार के पट
– गोद में बच्ची लिए महिला के 35 फीट की आकृति देगी बेटी बचाओ का संदेश
जमशेदपुर।
अपने अनोखे पंडालों और कलाकृतियों के कारण कोल्हान की चर्चित पूजा पंडालों में शुमार बागबेड़ा के रोड नंबर चार स्थित पू
जा पंडाल इस बार फ़िर दर्शन का केंद्र बनेगी। यह दावा करते हुए श्रीश्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा कमिटी, बागबेड़ा द्वारा बताया गया कि इस बार की पूजा पंडाल बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश देगी जो पूरे कोल्हान समेत राज्यभर के पंडालों के मध्य चर्चाओं में रहेगी। क़रीब 18 लाख रुपये की लागत से कमिटी इस पूजा को आयोजित कर रही है। ग्रामीण और पंचायती क्षेत्र होने के बावजूद बागबेड़ा के उक्त पूजा पंडाल में दर्शनार्थियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। भीड़ नियंत्रण के लिए पूजा कमिटी के वोलेंटियर स्थानीय प्रशासन को सहयोग करेंगें। वहीं अप्रिय घटनाओं पर सख्त नज़र रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे भी लगाये जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल के करीब दो दर्जन से अधिक कुशल कामगार पंडाल को अंतिम रूप देने में दिन-रात जुटे हुए हैं। पूजा पंडाल के आशय में जानकारी देने के आशय में शनिवार को पत्रकार-वार्ता का आयोजन हुआ जिसमें कमिटी के सदस्यों ने सम्बंधित जानकारियां दी। बताया कि शारदीय नवरात्र के पंचमी तिथि (03 अक्टूबर) की संध्या विधिवत उद्घाटन के पश्चात श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ माई दरबार के पट खुलेंगे। पंडाल के आशय में बताया कि इसबार गुफानुमा पंडाल बनाया जा रहा है। पंडाल बनाने में बाँस, जूट के बोरे और प्लास्टर ऑफ पेरिस का प्रयोग किया गया है। वहीं पर्यावरण की चिंता करते हुए प्लास्टिक को पूरी तरह से वर्जित रखा गया है। बताया गया कि पंडाल में बीस लाख रुपये की लागत है। वहीं लाइटिंग, साउंड समेत पूरे पूजा में क़रीब 27 लाख रुपये ख़र्च होंगे। पूजा के दौरान महिला वोलेंटियर्स की भी तैनाती रहेगी तथा प्राथमिक उपचार के लिए फर्स्ट एड के अलावे श्रद्धालुओं के उपयोग हेतु शौचालयों का भी प्रबंधन किया गया है। पूजा स्थल और पंडाल के आसपास स्वच्छता का ख़्याल करते हुए जगह-जगह डस्टबिन रखे जाएंगे। उक्त पंडाल शहर की पहली वातानुकूलित पंडाल होगी। गुफानुमा पंडाल में कई स्थानों पर एयर कंडीशन से लैश होगी। इसके लिए पंडाल में कई जगहों पर एसी लगाए जा रहे हैं। वहीं पंडाल के मध्य क़रीब 35 फ़ीट की महिला की आकृति आकर्षक का केंद्र होगी जो बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ का संदेश देगी। उक्त आकृति में महिला एक बच्ची को अपने गोद में थामें दिखेगी। यह भ्रूण हत्या, बेटियों के साथ भेदभाव और महिला उत्पीड़न के विरुद्ध समाज को एक सशक्त संदेश है। सम्बंधित जानकारी पत्रकार वार्ता के दौरान पूजा कमिटी के मुख्य संरक्षक अजय सिंह और संजय मिश्रा ने दिया। पत्रकार वार्ता के दौरान पूजा कमिटी के अध्यक्ष संतोष ठाकुर, महासचिव गुड्डू तिवारी, पवन ओझा, अप्पू तिवारी, सोनू सिंह,अंकित आनंद, अभिषेक ओझा,भीम कुंवर, गौरव सिंह, धनंजय सिंह,सुमित, घुरन, प्राशान्त,विकाश तिवारी, संतोष ,अमन, सूरज शर्मा, विशाल, संजय, टिकली समेत पूजा कमिटी के अन्य सदस्य मौजूद थे
जा पंडाल इस बार फ़िर दर्शन का केंद्र बनेगी। यह दावा करते हुए श्रीश्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा कमिटी, बागबेड़ा द्वारा बताया गया कि इस बार की पूजा पंडाल बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश देगी जो पूरे कोल्हान समेत राज्यभर के पंडालों के मध्य चर्चाओं में रहेगी। क़रीब 18 लाख रुपये की लागत से कमिटी इस पूजा को आयोजित कर रही है। ग्रामीण और पंचायती क्षेत्र होने के बावजूद बागबेड़ा के उक्त पूजा पंडाल में दर्शनार्थियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। भीड़ नियंत्रण के लिए पूजा कमिटी के वोलेंटियर स्थानीय प्रशासन को सहयोग करेंगें। वहीं अप्रिय घटनाओं पर सख्त नज़र रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे भी लगाये जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल के करीब दो दर्जन से अधिक कुशल कामगार पंडाल को अंतिम रूप देने में दिन-रात जुटे हुए हैं। पूजा पंडाल के आशय में जानकारी देने के आशय में शनिवार को पत्रकार-वार्ता का आयोजन हुआ जिसमें कमिटी के सदस्यों ने सम्बंधित जानकारियां दी। बताया कि शारदीय नवरात्र के पंचमी तिथि (03 अक्टूबर) की संध्या विधिवत उद्घाटन के पश्चात श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ माई दरबार के पट खुलेंगे। पंडाल के आशय में बताया कि इसबार गुफानुमा पंडाल बनाया जा रहा है। पंडाल बनाने में बाँस, जूट के बोरे और प्लास्टर ऑफ पेरिस का प्रयोग किया गया है। वहीं पर्यावरण की चिंता करते हुए प्लास्टिक को पूरी तरह से वर्जित रखा गया है। बताया गया कि पंडाल में बीस लाख रुपये की लागत है। वहीं लाइटिंग, साउंड समेत पूरे पूजा में क़रीब 27 लाख रुपये ख़र्च होंगे। पूजा के दौरान महिला वोलेंटियर्स की भी तैनाती रहेगी तथा प्राथमिक उपचार के लिए फर्स्ट एड के अलावे श्रद्धालुओं के उपयोग हेतु शौचालयों का भी प्रबंधन किया गया है। पूजा स्थल और पंडाल के आसपास स्वच्छता का ख़्याल करते हुए जगह-जगह डस्टबिन रखे जाएंगे। उक्त पंडाल शहर की पहली वातानुकूलित पंडाल होगी। गुफानुमा पंडाल में कई स्थानों पर एयर कंडीशन से लैश होगी। इसके लिए पंडाल में कई जगहों पर एसी लगाए जा रहे हैं। वहीं पंडाल के मध्य क़रीब 35 फ़ीट की महिला की आकृति आकर्षक का केंद्र होगी जो बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ का संदेश देगी। उक्त आकृति में महिला एक बच्ची को अपने गोद में थामें दिखेगी। यह भ्रूण हत्या, बेटियों के साथ भेदभाव और महिला उत्पीड़न के विरुद्ध समाज को एक सशक्त संदेश है। सम्बंधित जानकारी पत्रकार वार्ता के दौरान पूजा कमिटी के मुख्य संरक्षक अजय सिंह और संजय मिश्रा ने दिया। पत्रकार वार्ता के दौरान पूजा कमिटी के अध्यक्ष संतोष ठाकुर, महासचिव गुड्डू तिवारी, पवन ओझा, अप्पू तिवारी, सोनू सिंह,अंकित आनंद, अभिषेक ओझा,भीम कुंवर, गौरव सिंह, धनंजय सिंह,सुमित, घुरन, प्राशान्त,विकाश तिवारी, संतोष ,अमन, सूरज शर्मा, विशाल, संजय, टिकली समेत पूजा कमिटी के अन्य सदस्य मौजूद थे
