
मृत्युंजय बर्मन

GAMHARIA NEWS:
दक्षिण पूर्व रेलवे के काण्ड्रा जंक्शन की यात्री सुविधाओं और पूरे कोल्हान क्षेत्र के रेल विकास को लेकर स्थानीय नागरिकों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को मुखर किया है। क्षेत्र के समाजसेवियों एवं जागरूक नागरिकों ने दक्षिण पूर्व रेलवे की क्षेत्रीय रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति के सदस्य तथा नगर पंचायत सरायकेला अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी को ज्ञापन सौंपकर विभिन्न रेल समस्याओं के समाधान की मांग की।
टाटा-थावे एक्सप्रेस का ठहराव बहाल करने की मांग
अश्विनी दास के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि कोविड-19 काल के दौरान काण्ड्रा जंक्शन पर टाटा-थावे एक्सप्रेस का ठहराव बंद कर दिया गया था। महामारी समाप्त हुए वर्षों बीत जाने के बावजूद इस ठहराव को बहाल नहीं किया गया है, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है और समय व धन दोनों की हानि होती है।
रेलवे लाइन के नीचे सबवे की आवश्यकता
स्थानीय लोगों ने काण्ड्रा बाजार क्षेत्र में रेलवे लाइन के कारण होने वाली आवागमन की कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए अंडरपास अथवा लिमिटेड हाइट सबवे निर्माण की मांग रखी। उनका कहना है कि इससे लोगों को सुरक्षित और निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्र के व्यावसायिक विकास को भी गति मिलेगी।
सरायकेला और चाईबासा के मुद्दे भी होंगे शामिल
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि काण्ड्रा जंक्शन की समस्याओं के साथ-साथ पूरे कोल्हान क्षेत्र की रेल आवश्यकताओं को आगामी 106वीं बैठक में मजबूती से रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि सरायकेला जिला मुख्यालय को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने के लिए सर्वेक्षण, चाईबासा से रांची, कोलकाता एवं पुरी के लिए नई ट्रेन सेवाएं, मेमू ट्रेनों का विस्तार तथा चाईबासा में पिट लाइन और कोचिंग टर्मिनल निर्माण जैसे विषय भी एजेंडे में शामिल किए जाएंगे।
विलंबित ट्रेनों और विशेष पैकेज पर भी फोकस
उन्होंने कहा कि यात्री ट्रेनों के लगातार विलंब की समस्या और कोल्हान क्षेत्र के लिए विशेष रेलवे विकास पैकेज की मांग भी रेलवे प्रशासन के समक्ष रखी जाएगी। इससे क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिल सकती है।
राजस्व में अग्रणी, सुविधाओं में पीछे
मनोज चौधरी ने कहा कि कोल्हान क्षेत्र खनिज संपदा के कारण भारतीय रेल के लिए राजस्व का एक बड़ा स्रोत है। यहां से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में लौह अयस्क और अन्य खनिजों का परिवहन होता है। ऐसे में क्षेत्र की जनता को भी आधुनिक रेलवे सुविधाएं, बेहतर कनेक्टिविटी और आवश्यक बुनियादी ढांचा मिलना चाहिए।
जनभागीदारी से मजबूत हुई रेल विकास की मांग
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि इन मांगों पर गंभीरता से पहल होती है तो काण्ड्रा जंक्शन ही नहीं, बल्कि पूरे कोल्हान क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई गति मिल सकती है। अब लोगों की नजर रेलवे की आगामी बैठक और उसके निर्णयों पर टिकी हुई है।


