
मृत्युंजय बर्मन
गम्हरिया,
झारखंड कांग्रेस की नवगठित प्रदेश कमेटी को लेकर पार्टी के भीतर ही तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। सरायकेला के वरिष्ठ कांग्रेसी होनी सिंह मुंडा ने राष्ट्रीय नेतृत्व को पत्र लिखकर संगठनात्मक फैसलों पर सवाल उठाए हैं और इसे कार्यकर्ताओं की भावनाओं के विपरीत बताया है। इस मुद्दे पर वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर के बाद होनी सिंह मुंडा का यह दूसरा चिट्ठी बम है।
मुंडा ने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रदेश प्रभारी के राजू, तथा पूर्व मंत्री सुबोध कांत सहाय को भी भेजी है। उन्होंने कहा कि कमेटी के गठन में न तो सामाजिक संतुलन का ध्यान रखा गया और न ही जमीनी कार्यकर्ताओं के योगदान को उचित सम्मान मिला।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि कई ऐसे व्यक्तियों को कमेटी में शामिल किया गया है जो क्षेत्र में सक्रिय नहीं हैं और न ही स्थानीय समस्याओं की समझ रखते हैं। इससे वर्षों से पार्टी के लिए संघर्ष कर रहे समर्पित कार्यकर्ताओं में भारी निराशा है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस प्रकार के निर्णय से पार्टी की जमीनी पकड़ कमजोर होगी और कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटेगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं किया गया तो यह असंतोष आगे चलकर संगठनात्मक विद्रोह का रूप ले सकता है। पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं में भगदड़ मचेगी और दूसरी पार्टियों की ओर रुख कर सकते हैं।
मुंडा ने मांग की है कि कमेटी का पुनर्गठन कर वास्तविक, जमीनी और प्रभावशाली कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जाए तथा सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दी जाए।


