रांची/केरल: केरल की दिवंगत नन्ही बिटिया आलिन शेरिन अब्राहम के अंगदान के निर्णय ने पूरे देश को भावुक कर दिया है। शोक की घड़ी में माता-पिता श्रीमती शेरिन एन जॉन और श्री अरुण अब्राहम ने अद्भुत साहस, त्याग और करुणा का परिचय देते हुए अपनी संतान के अंग दान कर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की।
झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने अपने एक्स (X) हैंडल पर ट्वीट कर कहा कि अपनी संतान को खो देना किसी भी माता-पिता के लिए सबसे असहनीय क्षण होता है। ऐसे समय में अंगदान का निर्णय केवल एक सामाजिक कर्तव्य नहीं, बल्कि मानवता के प्रति अटूट आस्था का जीवंत प्रमाण है।
हमारे देश, केरल की नन्ही बिटिया आलिन शेरिन अब्राहम… यह नाम पूरे देश को द्रवित कर रहा है।
अपनी संतान को खो देना किसी भी माता-पिता के लिए सबसे असहनीय क्षण होता है। ऐसे समय में, जब हृदय शोक से भरा हो, अपने जिगर के टुकड़े के अंग दान करने का निर्णय – श्रीमती शेरिन एन जॉन और श्री… pic.twitter.com/lGJvvvyXLO
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) February 19, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही आलिन का जीवन अल्पकालिक रहा, लेकिन आज वह कई घरों की उम्मीद बनकर जीवित है। उन्होंने नन्ही आलिन को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए माता-पिता के साहस को नमन किया।
केरल सरकार द्वारा दिवंगत आलिन के अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान दिए जाने पर मुख्यमंत्री ने Pinarayi Vijayan की संवेदनशीलता की सराहना की और कहा कि इससे मानवता के संदेश को नई ऊंचाई मिली है।
शाम को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आलिन के पिता श्री अरुण अब्राहम से फोन पर बातचीत कर गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं और झारखंड की जनता की ओर से परिवार का आभार जताया।
इस वार्ता का समन्वय केरल स्वास्थ्य विभाग से जुड़े डॉ. नोबल ग्रेशियस (Kerala Organ and Tissue Transplantation Organization) ने किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें झारखंड की अंगदान नीति को और सुदृढ़ बनाने में सहयोग हेतु आमंत्रित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा— “दूसरों को जीवन देने का महादान है – अंगदान। झारखंड सरकार राज्य में अंगदान नीति को मजबूत करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।”



