

सोनम कुमारी


दुमका ।
बुधवार को मुखिया एवं ग्राम पंचायत स्वयंसेवकों के संताल परगना प्रमंडलस्तरीय सम्मेलन को सम्बोधित करते हुये मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि भ्रष्टाचार से कोई समझौता नहीं होगा और न कोई गठजोड़ बनेगा। उन्होंनंे पूर्व प्रधानमंत्री स्व राजीव गांधी को याद करते हुए कहा कि उन्हांेनें कहा था कि दिल्ली से 1 रूप्या गांवों के लिए भेजा जाता है तो गांव तक पहुचते – पहुचते 15 पैसा में बदल जाता है। लेकिन उनकी सरकार रंाची से सौ रु0 पंचायत को भेजेगी तो वह पंचायत तक सौ रुपया ही पंहुचेगा। गांव और पंचायत की खुषहाली के लिये गरीबी दूर करने के लिये मैं संघर्ष करुँगा। अपने आखिरी दम तक गरीबी से जूझंूगा। गंाव में सबसे महत्वपूर्ण है ग्राम सभा। इसे सच्चे मन से कार्यषील बनाना होगा। 2 अक्टूबर को समस्त राज्य के मुखिया पंचायत स्वयं सेवक को मुख्यमंत्री के रुप में मैं शपथ दिलाऊंगा। पूरा अक्टूबर माह पंचायत के सभी लोग ग्राम सभा की बैठकें कर अपनी योजनाएं और उसकी प्राथमिकताएं निर्धारित करेंगे। मैं और मेरे सभी मंत्री ग्राम सभा की बैठकों में भाग लेंगे। अगले चार वर्ष के लिये योजनाये बनायी जायेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप पंचायत के मुखिया हैं तो मैं राज्य का मुखिया हँू । हमे जन्म देने वाली माटी का कर्ज चुकाना है।
रघुवर दास ने कहा कि केवल सेना ही नही ंहम सब भी देष भक्त हो सकते हैं और देष की सेवा कर सकते हैं। षिक्षक, थानेदार, मुखिया, डीसी, एसपी सभी अपना कार्य अगर पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता से करते हैं तो यही देष सेवा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किस गरीब की मुस्कुराहट लाने और अपना कार्य लगन से करना ही ईष्वर की सेवा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देष की आजादी से स्वराज तो मिला पर सुराज नहीं मिला। पंचायतों की शक्ति से पहली बार महात्मा गांधी का सपना साकार होगा और स्वर्गीय दीन दयाल उपाध्याय के सपनो को हम पूरा कर पायेगे। हमारी सरकार राज्य को सबसे समृद्ध राज्यों की श्रेणी में ले आयेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुखिया को सहयोग करने के लिये गांव के ही पढ़े लिखे स्वयंसेवक नियुक्त किये गये हैं तथा कार्य करने के लिये ग्राम पंचायत सचिवालय बनाया गया है। सभी मुखिया और पंचायत स्वयं सेवक अधिकांष युवा हैं अतः अपनी युवा शक्ति को देष की तरक्की का बड़ा लक्ष्य दें।
इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुण्डा ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि अपने अधिकार का प्रयोग गांव के विकास में करें। सभी पंचायत प्रतिनिधियों को चरणबद्ध तरीके से प्रषिक्षण दिया जायेगा। सभी पंचायत आपास में विकास की प्रतिस्पद्र्धा करेें।इस अवसर पर राज्य की मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने पंचायत स्वयं सेवकों और मुखिया को कहा कि ग्रामसभा नियमित करें और अपने ग्रामीणों का मत जानकर तीन प्रकार से कार्यो को बांटे कुछ तात्कालिक, कुछ मध्य कालिक तथा कुछ दीर्घ कालिक इसी अनुसार प्राथमिकतायें तय करें। जनमत पर आधारित होकर बनने वाली नीतियां ने केवल जल्दी फलीभूत होती हैं बल्कि शासन और प्रषासन की विष्वासनीयता भी इससे बढ़ती है। पंचायतों के पास आज संवेधानिक शक्तियां प्राप्त हैं। आर्थिक विकास के साथ सामाजिक चेतना को जागृत करने का कार्य भी पंचायत कर सकती है। देहज, डायन बिसाही, बाल विवाह ओझा-गुनी आदि बहुत से कार्य हैं जिसपर पंचायत जागरूकता फैलाने का कार्य कर सकती है। आज जरूरत है कि पंचायत स्वयंसेवक बदलाव के वाहक बनें।
इस अवसर पर विकास आयुक्त सह अपर मुख्य सचिव अमित खरे ने कहा कि 4,400 पंचायत सेवकों का पूरे राज्य में चयन किया गया है। विकास आयुक्त ने बताया कि परती भूमि का विकास करने पर 50 रु0 प्रति हेक्टेअर प्रोत्साहन दिया जायेगा। बिरसा आकर योजना के कार्यान्वयन में 500 रु0 प्रति आवास प्रोत्साहन राषि दिया जायेगा। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना आदि के चयन करने पर भी मानदेय तथा विलोपित और नये कार्ड के लिये 20 रु0 देय तथा जी डी पी पी योजना बनाने पर प्रत्येक टोली को 3000 दिया जायेगा। एलईडी बल्ब के लिये प्रोत्साहन राषि 3 प्रति बल्ब बिजली चोरी होने की सूचना देने पर भी मानदेय तथा इन्दिरा आवास के निर्माण के लिये भी मानदेय दिया जायेगा। स्वागत सम्बोधन करते हुये पंचायती राज सचिव वंदना दादेल ने तथा धन्यवाद ज्ञापन उपायुक्त दुमका राहुल कुमार सिन्हा ने किया। इस अवसर पर पंचायत निर्देषिका का विमोचन तथा सरला राय, ज्योतिका टुडू, सकीना बीबी, प्रिया बास्की को पोषण सखी का नियुक्ति पत्र दिया गया।

