
सोनम कुमारी


दुमका।
48 घ्ंाटे से जिंदगी और मौत से जूझ रहे अब्दुल अंसारी अंततःगरीबी से हार गया । रविवार को उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। ट्रक केधक्के से घायल करीब 32 वर्षीय अब्दुल अंसारी अंततः रविवार को समुचितइलाज के अभाव में सदर अस्पताल में मौत हो गयी। गंभीर अवस्था में घायल अब्दुल को बीते शुक्रवार को ग्रामीणों द्वारा इलाज के लिए अस्पताल लायागया था। दुमका – पाकुड़ मुख्य सड़क पर श्रीअमरा गांव के समीप अब्दुल ट्रककी चपेट में आ गया था। जिस कारण वह गंभीर रूप् से जख्मी हो गयां। आसपास
के लोगों ने उसे सदर अस्पताल इलाज के लिए भर्ती कराया था जहां समुचितइलाज तो दूर उसे बेड तक नहीं मिल पाया था। नतीजा कि ग्रामीण उसे अस्पतालके फर्श पर लिटाकर चले गये थे। पुलिस ने अब्दुल को धक्का मारकर भाग रहेट्रक को पकड़ लिया था उसके बावजूद ट्रक मालिक द्वारा मानवता के लिहाज से
भी उसकी इलाज की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गयी। जिला प्रशासन व पुलिसभी घायल अब्दुल के समुचित इलाज के लिए आगे नहीं आया। अस्पताल केचिकित्सकों ने उसकी गंभीर अवस्था को देखते हुए बाहर रेफर कर दिया थापरन्तु उसके परिजन पैसे की तंगी के कारण उसे कहीं नहीं ले जा पाये।अस्पताल के एक कोने में अब्दुल ने तड़प- तड़प् कर मौत को गले लगा लिया।हालांकि उसके मृत्यु के बाद शहर की समाजसेवी शबनम खातून द्वारा अब्दुलके परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए उसके पिता आलमि अंसारी को कुछ राशि
प्रदान किया गया।

