रघुवर के लिए पार्टी मेें कोई जगह नही है- डा अजय

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वरीय संवाददाता, जमशेदपुर ,08 अप्रैल
आखिर सीडी का जिन्न बाहर आ गया है वर्ष 2010 में हार्स ट्रेडिंग के मामले में की बातचीत इस सीडी मे हैं।मंगलवार को लोकसभा के चुनाव में झाविमो प्रत्याशी सांसद डॉ. अजय कुमार ने मंगलवार को वह सीडी मीडिया के हवाले कर दी जिसमें राज्यसभा चुनाव-2010 से संबंधित भ्रष्टाचार के आरोप हैं।
मंगलवार को बिष्टुपुर स्थित केंद्रीय चुनाव कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान सांसद ने कहा कि वे यह सीडी सीबीआइ को भी देंगे ताकि सच्चाई सामने आ सके। वह इसे मीडिया में इसलिए ला रहे हैं ताकि लोग इसे देखकर वास्तविकता का अंदाजा लगा सकें। एक सवाल के जवाब में डॉ. अजय कुमार ने कहा कि यह सीडी उन्हें एक व्यक्ति ने दी है, लेकिन वह उसका नाम सिर्फ जांच एजेंसी को बताएंगे। उन्होंने दो दिन पहले मीडिया को सीडी मिलने की जानकारी देने के बाद कंप्यूटर विशेषज्ञों से इसकी जांच करायी तो यह बात सामने आयी कि इसे ‘कट-पेस्ट’ करके नहीं बनाया गया है। जहां तक उक्त चुनाव में विधायकों से रुपये लेन-देन की बात है तो इसमें कितनी सच्चाई है, इसका पता जांच एजेंसी लगाए। वे इसकी पुष्टि नहीं कर सकते। यदि सीडी में दर्शायी गई बात सच है तो इसका सीधा मतलब यह हुआ कि एक उम्मीदवार पर हालिया राज्यसभा चुनाव में रिश्वत लेने का जो आरोप लगा है, वह भी सही है। पत्रकारों द्वारा बार-बार कुरेदने के बावजूद डॉ. अजय कुमार ने ना तो इस सीडी की प्रमाणिकता की पुष्टि की, ना इसे देने वाले का नाम बताया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह सीडी उन्हें चुनाव से काफी पहले मिली होती तो इसका खुलासा हो गया होता, लेकिन उन्हें यह सीडी कुछ ही दिन पहले मिली है।डॉ. अजय ने बताया कि सीडी में शिबू सोरेन, हेमंत सोरेन और प्रदीप पांडेय ने केडी सिंह मामले में हुई हॉर्स ट्रेडिंग की बात स्वीकार की है। इसमें खुले रूप से विद्युतवरण महतो का नाम लिया गया है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्डिंग देखने से लगता है कि यह स्टिंग नहीं, बल्कि किसी इंटेरोगेशन के समय की गई रिकॉर्डिंग है। इस 21 मिनट की रिकॉर्डिंग में स्वीकार किया गया है कि केडी सिंह की ओर से डेढ़ करोड़ रुपए दिए गए थे।
इसके अलावे डा अजय ने रघुवर के आरोपो का भी जबाब दियारघुवर दास द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए डॉ अजय ने कहा कि मुझमें योग्यता थी, इसलिए मैं इतने पदों पर रहा। उनमें योग्यता है, तो वे भी प्राप्त कर लें। वैसे रघुवर को मेरे किए गए काम पर शक है, तो खुद जाकर जांच कर लें।

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