
आदित्यपुर।
Adityapur स्मॉल इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन (ASIA) में बुधवार को DPIIT–IPR चेयर, NUSRL रांची की अनुसंधान टीम ने राज्य में ट्रेडमार्क के व्यावसायिक उपयोग और MSME सेक्टर में इसकी आवश्यकता को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के DPIIT के सहयोग से चल रहे “झारखंड में ट्रेडमार्क की व्यावसायिक उपयोगिता” शीर्षक अध्ययन का हिस्सा है।

बैठक में ASIA के अध्यक्ष श्री इंदर अग्रवाल, महासचिव श्री प्रवीण गुटगुटिया, उपाध्यक्ष श्री सुधीर सिंह और श्री देवांग गांधी, सचिव श्री अशोक गुप्ता एवं श्री दिव्यांशु सिन्हा, साथ ही समिति सदस्य श्री मनोज गुटगुटिया और श्री कौशल सिंघल उपस्थित रहे। संगठन के सभी पदाधिकारियों ने अनुसंधान टीम का स्वागत करते हुए MSME सेक्टर की चुनौतियों और जरूरतों पर विस्तृत चर्चा की।
अनुसंधान टीम में शामिल ट्रेडमार्क अटॉर्नी श्री परमेश्वर कुमार महतो (झारखंड हाईकोर्ट) और श्री दिपेंदु दास (दिल्ली हाईकोर्ट) ने बैठक के दौरान MSMEs के लिए ट्रेडमार्क पंजीकरण की प्रक्रिया, ब्रांड सुरक्षा की आवश्यकता, कानूनी जटिलताओं और मौजूदा जागरूकता स्तर पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में ब्रांड पहचान हर उद्योग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है, विशेषकर छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए।
ASIA पदाधिकारियों ने बताया कि झारखंड में अभी भी MSME उद्यमियों में ट्रेडमार्क को लेकर पर्याप्त जानकारी नहीं है। पंजीकरण प्रक्रिया की जटिलता, दस्तावेजी औपचारिकताएँ और समय लगने जैसी बाधाओं के कारण कई उद्योगपति इस दिशा में कदम नहीं उठाते। पदाधिकारियों ने सुझाव दिया कि सरकार को MSME सेक्टर के लिए ट्रेडमार्क पंजीकरण को सरल और तेज़ बनाने के साथ-साथ इसके लिए विशेष जागरूकता अभियान भी चलाने चाहिए।
अध्यक्ष श्री इंदर अग्रवाल ने कहा कि ASIA हमेशा से औद्योगिक विकास और उद्यमियों को तकनीकी–कानूनी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अध्ययन रिपोर्ट आने वाले समय में झारखंड के MSME सेक्टर के लिए उपयोगी साबित होगी। उन्होंने ASIA की ओर से शोध टीम को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया और IP जागरूकता, ब्रांडिंग एवं उद्योग विकास के लिए मिलकर काम करने की बात कही।
अनुसंधान टीम ने ASIA के पदाधिकारियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि राज्य के औद्योगिक संगठनों से मिले सुझाव अध्ययन को और अधिक व्यापक एवं व्यावहारिक बनाने में सहायक होंगे। बैठक सकारात्मक माहौल में सम्पन्न हुई और दोनों पक्षों ने भविष्य में भी पारस्परिक सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।


