
धनबाद। भारत की सबसे बड़ी एकीकृत ऊर्जा कंपनी टाटा पावर ने घोषणा की है कि उन्हें केरल राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (केएसईबीएल) से 110 मेगावाट सौर परियोजना विकसित करने का लेटर ऑफ अवार्ड मिला है। बिजली खरीदारी करार (पीपीए) के तहत इस परियोजना में निर्माण की जाने वाली ऊर्जा की आपूर्ति केएसईबीएल को की जाएगी। यह करार परियोजन की निर्धारित वाणिज्यिक संचालन तारीख से 25 सालों तक वैध रहेगा। सितंबर 2020 में केएसईबीएल ने इस परियोजना के लिए बोली की घोषणा की थी, जिसमें टाटा पावर की बोली सफल रही। बिजली खरीदारी करार के लागू होने की तारीख से 18 महीनों के भीतर इस परियोजना को शुरू करना होगा। इस संयंत्र से हर साल करीबन 274 मेगा युनिट्स ऊर्जा निर्माण होने की आशंका है और इससे सालाना करीबन 274 मिलियन किलोग्राम कार्बन डाय ऑक्साइड के उत्सर्जन को रोका जा सकता है। इस परियोजना के साथ टाटा पावर की नवीनीकरणीय ऊर्जा क्षमता 4032 मेगावाट तक बढ़ेगी जिसमें से 2667 मेगावाट परिचालन में है और 1365 मेगावाट बिजली निर्माण क्षमता के कार्यान्वयन का काम चल रहा है, जिसमें इस लेटर ऑफ अवार्ड के अनुसार 110 मेगावाट क्षमता भी शामिल है। इस सफलता पर टाटा पावर के सीईओ और एमडी प्रवीर सिन्हा ने कहा कि केएसईबीएल से हमें 110 मेगावाट क्षमता की सौर परियोजना का काम सौंपा गया है यह घोषणा करते हुए हमें बहुत खुशी हो रही है। टाटा पावर को यह अवसर देने के लिए केरल सरकार और केएसईबीएल के अधिकारीयों के हम आभारी हैं। सौर ऊर्जा निर्माण के जरिए शुद्ध और हरित ऊर्जा के प्रति हमारे देश के संकल्प को पूरा करने के लिए टाटा पावर योगदान दे रही है यह हमारे लिए खुशी और गौरव की बात है।



