
देवघर ।


श्रावण की तीसरी सोमवारी को कांवरियों ने इतिहास रच दिया। इतनी संख्या में कांवरिया शायद ही पहले कभी बाबाधाम आए हों। लगभग तीन लाख कांवरिया बाबा नगरी में पहुंचे। जलार्पण की कतार बाबा मंदिर से करीब 16 किमी दूर तक फैल गई। पहली बार ये कतार कुमैठा स्टेडियम के पार पहुंच गई। प्रशासन भले ही मुस्तैद रहा हो लेकिन ये कहना गलत नहीं होगा कि बाबा भोले ने ही प्रशासन की नैया को पार लगाया। क्योंकि इतनी संख्या में रविवार की पूरी रात व सोमवार को दिनभर नियंत्रण में रखना प्रशासन के बूते की बात नहीं है। ये शिव की आस्था ही है कि कांवरिया भूखे-प्यासे कतार में लगे रहे लेकिन उन्होंने अपना आपा नहीं खोया।रात एक बजे डढ़वा पुल पार कर गई कतार रविवार रात से ही कांवरियों की कतार तेजी से लंबी होने लगी व रात एक बजे तक ये डढ़वा नदी पुल को पार कर चुकी थी। तड़के करीब तीन बचे ये कुमैठा स्टेडियम के पास पहुंच गया। ऐसा नहीं था कि कांवरियों के आने का सिलसिला कमा बल्कि ढलती रात के साथ कांवरियों की संख्या भी बढ़ती रही।हलाकि उमसभरी गर्मी के कारण व घंटों कतार में लगे रहने से दर्जनो कावरियो कि तबियत बिगड़ी उन्हें तुरंत इलाज के लिये अस्पताल ले जाया गया, पर इतनी भारी भीड़ और लंबी कतार के बावजूद बाबा कि कृपा से कावरियो में धैर्य बना रहा।

