
देवघर के बैद्यनाथ धाम की गिनती देश के पवित्र द्वादश ज्योतिर्लिंगों में होती है। शास्त्रों में भी यहां की महिमा का उल्लेख है। मान्यता है कि सतयुग में ही यहां का नामकरण हो गया था। स्वयं भगवान ब्रह्मा और बिष्णु ने भैरव के नाम पर यहां का नाम बैद्यनाथ धाम रखा। ऐसी आस्था है कि यहां मांगी हर मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसलिए पूरे वर्ष यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। देश ही नही विदेशों से भी श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के जलार्पण को देवघर पहुंचते हैं।
आज जनकपुर नेपाल के चन्द्रेश्वर साह ने बाबा मंदिर में 445 ग्राम चांदी (36,807₹) के बने नाग को अर्पित किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर की व्यवस्था और साफ सफाई की तारीफ कर मंदिर प्रशासन को धन्यवाद कहा।
इसके अलावे उपायुक्त श्रीमती नैंसी सहाय के निर्देशानुसार महामहिम राष्ट्रपति के आगमन को लेकर मंदिर एवं आस पास की जगहों की साफ-सफाई और रंग रोगन का कार्य किया जा रहा है। ताकि महामहिम राष्ट्रपति एक अच्छी अनुभूति प्राप्त कर देवो की नगरी देवघर से प्रस्थान करें।



