
झारखंड के देवघर जिले में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, 23 मई से जिले के सभी मतदान केंद्रों पर अन-मैप्ड (Un-mapped) मतदाताओं की सूची का प्रकाशन शुरू कर दिया गया है। जिला प्रशासन की ओर से जारी यह सूची अगले दो हफ्तों तक आम जनता के देखने और सत्यापन के लिए सभी केंद्रों पर उपलब्ध रहेगी। सूची प्रकाशन के पहले ही दिन बड़ी संख्या में लोग अपने नजदीकी पोलिंग बूथों पर पहुंचे और मतदाता सूची में अपना नाम जांचा।
निष्पक्ष और त्रुटिरहित मतदाता सूची पर जोर
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जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त ने इस संबंध में बैठक कर सभी संबंधित अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा है कि अन-मैप्ड मतदाताओं के सत्यापन का यह कार्य पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित होना चाहिए। इसके लिए समय सीमा तय कर दी गई है ताकि निर्धारित अवधि के भीतर शत-प्रतिशत मतदाताओं का वेरिफिकेशन पूरा किया जा सके।
जिला प्रशासन का लक्ष्य: कोई भी वोटर न छूटे
प्रशासन का मुख्य फोकस इस बात पर है कि देवघर जिले का एक भी पात्र नागरिक वोट देने के अधिकार से वंचित न रहे। कई बार तकनीकी कारणों या एड्रेस चेंज होने की वजह से मतदाताओं के नाम अन-मैप्ड श्रेणी में चले जाते हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए निर्वाचन आयोग ने यह विशेष अभियान चलाया है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि वे इस दो सप्ताह की विशेष अवधि का भरपूर लाभ उठाएं और अपने मताधिकार को सुरक्षित करें।
दो हफ्ते तक चलेगा सत्यापन अभियान
यह सूची आगामी दो हफ्तों तक सभी मतदान केंद्रों पर प्रदर्शित रहेगी। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम इस अन-मैप्ड सूची में है, तो वे तुरंत वहां मौजूद अधिकारी या बीएलओ से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना नाम मुख्य वोटर लिस्ट में मैप करवा सकते हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इसके लिए व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है ताकि मतदान प्रतिशत को बढ़ाया जा सके।


