
देवघर में सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। समाहर्णाल्य में उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के सभी प्रखंडों में चल रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को पारदर्शी तरीके से काम करने का निर्देश दिया गया।

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मुख्यमंत्री पशुधन योजना की सुस्त रफ्तार पर भड़के उपायुक्त
बैठक के दौरान उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने मुख्यमंत्री पशुधन योजना की प्रखंडवार समीक्षा की। इसके तहत जोड़ा बैल वितरण, बकरा पालन, सुकर पालन, बॉयलर पालन और बतख पालन वितरण कार्यों के जमीनी हकीकत की जांच की गई। धरातल पर चल रहे कार्यों की धीमी प्रगति और सुस्ती को देखकर उपायुक्त ने कड़ा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कार्य की गति में तेजी लाने और तय समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया।
लाभुकों के चयन में पारदर्शिता और जरूरतमंदों को प्राथमिकता
उपायुक्त ने विभाग की दो प्रमुख योजनाओं के तहत पात्र लाभुकों के चयन की प्रक्रिया की विस्तार से जांच की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट और कड़ा निर्देश दिया कि लाभुकों का चयन पूरी तरह से पारदर्शी होना चाहिए। योजना का लाभ किसी बिचौलिए को न मिलकर, समाज के अत्यंत जरूरतमंद, गरीब और योग्य लोगों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाए ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
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भ्रष्टाचार और अनियमितता पर मिलेगी कड़ी कानूनी सजा
बैठक के अंत में उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी अधिकारियों और कर्मियों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने साफ कहा कि लाभुक चयन की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनियमितता, पक्षपात या भ्रष्टाचार की शिकायत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी भी प्रखंड से ऐसी कोई शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित अधिकारियों और दोषी कर्मियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कड़ी अनुशासनात्मक व कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी सहित सभी प्रखंडों के बीएचओ (BHO) और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


