
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिलों के लैम्प्स/पैक्स (PACS/LAMPS), इंडस्ट्रियल को-ऑपरेटिव सोसायटी, हाउसिंग को-ऑपरेटिव सोसायटी, क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी, व्यापार मंडल और लेबर को-ऑपरेटिव सोसायटी समेत विभिन्न सहकारी समितियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण सह संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
READ MORE :JAMSHEDPUR NEWS;गुरु नानक स्कूल साकची की पूर्व प्रधानाचार्या प्रेम कौर आहूजा का निधन
सहकारिता के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण पर जोर
इस प्रशिक्षण संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य राज्य की सहकारी समितियों से जुड़े सभी सदस्यों को सहकारिता के माध्यम से जोड़कर ‘विकसित भारत’ के निर्माण में योगदान देना है। वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के विजन के अनुरूप झारखंड को-ऑपरेटिव फेडरेशन के माध्यम से सस्टेनेबल को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान झारखंड कॉ-ऑपरेटिव के चेयरमैन सत्येन्द्र चौहान ने मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार रखे। विशिष्ट अतिथियों में FCI के MD सह राज्य सहकारी विभाग के डिप्टी रजिस्ट्रार A. George Kuzur, FCI के निदेशक अतुल कुमार सरदेवा, ममता कुमारी, प्रयम्मी कुमारी, अंजना कुमारी, दलित इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (DICCI) झारखंड चैप्टर के स्टेट प्रेसिडेंट नवनीत कुमार, मैक्रोट्रोनिका सिस्टम के फाउंडर कन्हैया प्रसाद, जिला सहकारिता पदाधिकारी जमशेदपुर रविन्द्र कुमार दास, सहायक निदेशक घाटशिला मंजू बिसनिया और PACS/LAMPS के प्रतिनिधि मंजू बोदरा समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
READ MORE :ADITYAPUR NEWS :सेंट्रल पब्लिक स्कूल, आदित्यपुर में उत्साह के साथ मनाया गया राष्ट्रीय खेल दिवस
तकनीकी और व्यावहारिक ज्ञान पर विशेष सत्र
प्रशिक्षण के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि सहकारिता आंदोलन को जमीनी स्तर पर मजबूत कर सहकारी उद्यमियों और उद्यमों को आधुनिक तकनीकी से जोड़ना आवश्यक है। सहकारी समितियों को पारदर्शी प्रबंधन और नए क्षेत्रों में विस्तार के लिए डिजिटल तकनीक अपनाने की सलाह दी गई। साथ ही ग्रामीण व अर्ध-शहरी युवाओं को सहकारिता से जोड़ने के लिए अनुभव आधारित ज्ञान और नीतिगत प्रयासों की आवश्यकता पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम के मुख्य बिंदु
आयोजन: पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला और चाईबासा के विभिन्न पैक्स, लैम्प्स और सहकारी सोसायटियों के लिए संयुक्त प्रशिक्षण।
प्रमुख उपस्थिति: चेयरमैन सत्येन्द्र चौहान, डिप्टी रजिस्ट्रार A. George Kuzur, नवनीत कुमार और जिला सहकारिता पदाधिकारी रविन्द्र कुमार दास।
मुख्य उद्देश्य: सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करना।



