
नेशनल सूर्योदय के साथ आज छठ महापर्व का समापन हुआ | सदियों से मनाया जाने वाला छठ को मनुष्य प्रकृति के एक अंश के तौर पर मनाया जाता है. इस वर्ष का छठ और भी ज़यादा खास रहा क्योंकि कोरोना महामारी के चलते सभी को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है | ऐसे में इस बार श्रदालों इस छठ पर मां छठ को नमन करते हुए प्रकृति की सुरक्षा की मन्नत मांग रहे हैं |


समस्त सामग्री जो छठ पूजा में प्रयोग होती है उसे हम प्रकृति से ही लेते हैं और सूर्य को ही समर्पित कर देते हैं। सूर्य हमारे जीवन का आधार हैं। खुद जल कर भी जितना प्रकाश वनस्पतियों को प्राप्त होता है, नदियों को, पर्वतों को मिलता है उतना ही मनुष्य को भी हासिल होता है।
छठ माता के को मनम करते हुए सोशल मीडिया ऐप Koo पर कई लोगो ने इस छठ पर्यावरण को बचाते हुए छठ मनाने के पोस्ट साझा किए. जिसके समाज में एक संदेश जाए की पर्यावण हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण है. इसी के साथ साथ सोशल मीडिया Koo (कू) पर ट्रेंड हो रहा है #साफ़तटसुरक्षित_छठ |
काफी मशहूर है बिहार के छठ
गंगा नदी के किनारे बसा पटना अब महानगर हो चला है। बड़ी हस्तियों का शहर है। घनी आबादी है। सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद वह कहीं-कहीं काफी मैली दिखती है लेकिन इस छठ में लोगों ने सरकार के अलावा आम जनता का आगे आना इस तरह समाज का का एक नया रूप देखने को मिला |
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