
डीजीपी ने सारंडा के दीघा गांव में पुलिस, सीआरपीएफ और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ग्रामीणों के साथ बैठक की
संतोष वर्मा
चाईबासा।राज्य के डीजीपी बनने के बाद डीजीपी एमवी राव ने आज पहली बार चाईबासा और सारंडा का दौरा किया. इस महत्वपूर्ण दौरे के क्रम में डीजीपी ने सारंडा के दीघा गांव में पुलिस, सीआरपीएफ और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ग्रामीणों के साथ बैठक की. जिसमें नक्सल समस्या से लेकर
विकास तक समीक्षा की. जिसके बाद डीजीपी चाईबासा पहुंचे और यहां भी पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों के साथ नक्सल आपरेशन को लेकर समीक्षा और भविष्य की रणनीति बनाई. चाईबासा में बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए डीजीपी ने कहा कि वे प0 सिंहभूम जिला के
पुलिसिंग को देखने समझने आएं थे. यहां सीआरपीएफ के कई कैंप हैं, जहां सुविधाओं की समीक्षा की गई. नक्सल से लेकर लॉ एंड ऑर्डर पर भी चर्चा की गई. डीजीपी ने कहा कि यहां अभी और सुधार की जरूरत हैं.विकास पर भी फोकस रखा गया है. सडकों का जाल बिछाया जाएगा. नक्सलियों के गतिविधियों पर रोक के लिए
खास रणनीति बनाई गई है सीमावर्ती जिलों से लगातार समन्वय स्थापित की जा रही है।
हवाई सर्वेक्षण के बाद पुलिस पदाधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक
झारखंड राज्य के पुलिस महानिदेशक एम विष्णु वर्धन राव के द्वारा आज पश्चिमी सिंहभूम जिला का दौरा करने के क्रम में समाहरणालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में सिंहभूम(कोल्हान) पुलिस उपमहानिरीक्षक श्री राजीव रंजन सिंह, सीआरपीएफ के डीआईजी श्री हनुमंत रावत, चाईबासा पुलिस अधीक्षक श्री अजय लिंडा एवं सीआरपीएफ बटालियन के कमांडेंट के साथ बैठक आयोजित की गई। उक्त बैठक में डीजीपी के द्वारा जिला पुलिसिंग के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए कर्तव्य निष्पादन के दौरान क्षेत्र में आने वाले समस्याओं के बारे में जानकारी ली गई तथा पुलिसिंग को आगे बेहतर ढंग से संचालित करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया गया है।
राज्य के डीजीपी के द्वारा सीआरपीएफ के पदाधिकारियों के साथ भी बैठक आयोजित कर समस्याओं को कैसे दूर किया जाए तथा क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगाने से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही उनके द्वारा जानकारी दी गई कि क्षेत्र में कुछ नए कैम्प भी स्थापित किए जाएंगे तथा कुछ कैंपों में पुलिस बल की संख्या को भी बढ़ाया या बदला जाएगा, ताकि जिले में शांति के साथ-साथ भयमुक्त माहौल स्थापित करने के उद्देश्य को प्राप्त किया जा सके।

