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जोडा/नोआमुंडी, 2 सितंबर, 2021 : कोविड-19 का मुकाबला करने और फ्यूचर रेडी होने के अपने प्रयासों में टाटा स्टील फाउंडेशन ने गुरुवार को टाटा स्टील हॉस्पीटल, जोडा और टाटा स्टील हॉस्पीटल, नोआमुंडी में दो अत्याधुनिक प्रेशर स्विंग एडजॉर्प्सन (पीएसए) ऑक्सीजन प्लांट का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर श्री चाणक्य चौधरी, वाईस प्रेसिडेंट (कॉर्पोरेट सर्विसेज), टाटा स्टील मुख्य अतिथि के रूप में श्री सौरव रॉय, चीफ (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी), डॉ सुधीर राय, जीएम, मेडिकल सर्विसेज, टाटा स्टील, डॉ राजन चौधरी, एडवाइजर मेडिकल सर्विसेज, टाटा स्टील और श्री अतुल भटनागर, जीएम, ओएमक्यू डिवीजन, टाटा स्टील के साथ मौजूद थे।
टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा स्थापित ये दोनों पीएसए ऑक्सीजन प्लांट में से प्रत्येक 550 वर्ग फुट में फैला हुआ है और प्रत्येक की
क्षमता 833 लीटर प्रति मिनट है। ऑक्सीजन प्लांट के बगल में खाली व भरे ऑक्सीजन सिलेंडर रखने के लिए ऑक्सीजन मैनिफोल्ड और स्टोरेज एरिया है। पीएसए ऑक्सीजन प्लांट इन दोनों अस्पतालों को न केवल मेडिकल ऑक्सीजन आपूर्ति के मामले में पूरी तरह से आत्मनिर्भर अस्पताल बनायेगा, बल्कि मेडिकल गैस पाइपलाइन सप्लाई (एमपीजीएस) के साथ अस्पताल के अंदर सभी बेड को निरंतर ऑक्सीजन सपोर्ट प्रदान कर चिकित्सा सुविधा को भी बढ़ायेगा।
ये प्लांट यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक अगला कदम है कि मरीजों को मेडिकल ऑक्सीजन की कमी न हो। प्लांट के कारण हर अस्पताल में ऑक्सीजन वाले बिस्तरों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गयी है।
इससे पहले, अगस्त महीने में वेस्ट बोकारो में 726 वर्ग फुट एरिया में फैले 833 लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाले इसी प्रकार के एक प्लांट का उद्घाटन किया गया था। अगला प्लांट झरिया में शुरू करने की योजना है।
समूचे परिचालन क्षेत्रों में टाटा स्टील द्वारा संचालित अस्पतालों ने पहली और दूसरी लहर के दौरान कोविड-19 डेडीकेटेड सेंटर के रूप में बड़ी संख्या में कोविड-19 मरीजों को संभाला है और समुदाय के लोगों को उन्नत चिकित्सा सेवा प्रदान की है।
टाटा स्टील फाउंडेशन के बारे में
16 अगस्त 2016 को स्थापित टाटा स्टील फाउंडेशन टाटा स्टील लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। 600 से अधिक सदस्यों वाली एक ‘सेक्शन-8 कंपनी’ के रूप में यह 11 इकाइयों और झारखंड व ओडिशा के दो राज्यों में फैली हुई है। एक प्रबुद्ध और न्यायसंगत समाज बनाने के दृष्टिकोण के साथ, फाउंडेशन अपने कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापक आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय उद्देश्यों को शामिल कर भारत के सतत विकास में एक बड़ी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।

