
चाईबासा: कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। विश्वविद्यालय परिसर में “Mission LiFE” (मिशन लाइफ) के अंतर्गत ‘पर्यावरण संकट’ विषय पर एक दिवसीय विशेष व्याख्यान और वृक्षारोपण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में सतत विकास, सामाजिक उत्तरदायित्व और हरित जीवनशैली के प्रति जागरूकता फैलाना था।

शून्य प्रदूषण और प्लास्टिक मुक्त समाज का आह्वान
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भूगोल विभाग की प्रभारी विभागाध्यक्ष, डॉ. सुनीता कुमारी ने शिरकत की। उन्होंने पर्यावरण संकट, तेजी से हो रहे जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन पर गहरी चिंता व्यक्त की। डॉ. सुनीता ने जनभागीदारी पर जोर देते हुए छात्रों को एक सशक्त नारा दिया— “प्लास्टिक को कहें ना, शून्य प्रदूषण के सृजनकर्ता बनें।” उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक युवा वर्ग पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेगा, तब तक प्रकृति का संरक्षण और एक स्वस्थ भविष्य का निर्माण संभव नहीं है।
युवाओं ने लिए ‘Mission LiFE’ के 5 प्रमुख संकल्प
व्याख्यान से प्रेरित होकर कार्यक्रम में उपस्थित सभी एनएसएस स्वयंसेवकों और विद्यार्थियों ने ‘मिशन लाइफ’ के तहत प्रकृति संरक्षण के पाँच प्रमुख बिंदुओं को अपने दैनिक जीवन में अपनाने की शपथ ली। इन महत्वपूर्ण संकल्पों में मुख्य रूप से शामिल हैं:
ऊर्जा की बचत और जल संरक्षण को अपनी प्राथमिकता बनाना।
सिंगल यूज़ प्लास्टिक (Single-Use Plastic) का पूर्ण रूप से बहिष्कार करना।
स्वच्छता और उचित कचरा प्रबंधन को जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाना।
पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ (Eco-friendly) जीवनशैली को अपनाना।
जैव विविधता संरक्षण और अधिकाधिक वृक्षारोपण में सक्रिय योगदान देना।
‘एक व्यक्ति–एक पौधा’ अभियान पर जोर
इस अवसर पर कोल्हान विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता ने अपना शुभकामना संदेश प्रेषित किया। उन्होंने सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से “एक व्यक्ति–एक पौधा” (One Person-One Plant) अभियान से जुड़ने और हरित आवरण बढ़ाने की अपील की। वहीं, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन, डॉ. परशुराम सियाल ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं है, बल्कि यह भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित माहौल देने का सबसे महत्वपूर्ण प्रयास है।
100 स्वयंसेवकों ने किया पौधारोपण, संरक्षण का भी लिया जिम्मा
आयोजन के अंतिम चरण में विश्वविद्यालय परिसर में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया, जिसमें राष्ट्रीय सेवा योजना के लगभग 100 पीजी (PG) स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. रंजीत कुमार कर्ण ने विद्यार्थियों से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे सिर्फ पौधा लगाकर अपनी जिम्मेदारी खत्म न समझें, बल्कि अपने पूरे शैक्षणिक सत्र में उसकी देखभाल कर उसे एक पेड़ का रूप दें।
कार्यक्रम का सफल आयोजन एवं संचालन एनएसएस निदेशक व संयोजक डॉ. मीनाक्षी मुंडा और सह-संयोजक डॉ. जैक्लिन तिर्की के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम के अंत में सहायक प्राध्यापक डॉ. कंचन कच्छप ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस मौके पर डॉ. तनुजा मोहंती, शिक्षण सहायक जुरा बारी, रोहित कुड़ादा सहित कई पीएच.डी. शोधार्थी व विद्यार्थी मौजूद रहे।



