चाईबासा: कोल्हान विश्वविद्यालय (Kolhan University), चाईबासा में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और अवसंरचना (Infrastructure) को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। गुरुवार, 09 अप्रैल 2026 को विश्वविद्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य स्नातकोत्तर (PG) विभागों की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा करना और च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (CBCS) के प्रभावी क्रियान्वयन पर मंथन करना था।
कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता के नेतृत्व में हुई समीक्षा
दोपहर 12 बजे शुरू हुई इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) अंजिला गुप्ता ने की। इस दौरान IQAC के सहायक निदेशक डॉ. नितीश कुमार महतो ने अपने स्वागत भाषण में शैक्षणिक और अवसंरचनात्मक संसाधनों के समग्र मूल्यांकन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने CBCS आधारित पाठ्यक्रमों और प्रायोगिक (Practical) कार्यों के सुचारू संचालन में आ रही संभावित कमियों (Gaps) की ओर सभी का ध्यान आकृष्ट किया।
PG विभागों को देनी होगी इन संसाधनों की सटीक जानकारी
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि सभी संबंधित PG विभाग एक निर्धारित प्रारूप (Format) में अपनी विस्तृत रिपोर्ट IQAC को सौंपेंगे। विभागों को मुख्य रूप से निम्नलिखित जानकारियां देनी होंगी:
वर्तमान में संचालित पाठ्यक्रम और उपलब्ध सुविधाएं।
अपेक्षित बुनियादी जरूरतें और मानव संसाधन (Human Resources)।
सेमेस्टर के आधार पर प्रयोगशाला (Lab) कार्यों का विस्तृत विवरण।
विभागों में छात्र और कंप्यूटर का अनुपात (Student-Computer Ratio)।
कमियों का विश्लेषण कर बनेगी शैक्षणिक सुदृढ़ीकरण की योजना
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी विभागाध्यक्षों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे समयबद्ध और पूरी तरह सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं। विभागों से प्राप्त इन आंकड़ों का विश्वविद्यालय स्तर पर विश्लेषण किया जाएगा। इसके आधार पर जहां भी कमियां पाई जाएंगी, उन्हें दूर कर आवश्यक शैक्षणिक सुदृढ़ीकरण की रूपरेखा तैयार की जाएगी। प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में कोल्हान विश्वविद्यालय की इस पहल को एक अत्यंत सराहनीय कदम माना जा रहा है।
बैठक में ये प्रमुख शिक्षाविद रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में कुलपति के अलावा IQAC के निदेशक डॉ. रणजीत कर्ण, सहायक निदेशक डॉ. नितीश कुमार महतो, विभिन्न PG विभागों के विभागाध्यक्ष, IQAC के अन्य सदस्यगण और प्रायोगिक पाठ्यक्रमों से जुड़े शिक्षक मुख्य रूप से उपस्थित थे। बैठक का सफल समापन अध्यक्ष के मार्गदर्शन में हुआ, जिसके बाद भौतिक शास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सोमनाथ कर ने सभी प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।




