
चाईबासा: किरीबुरू सेल खदान प्रबंधन की ओर से 2 कर्मचारियों को डॉक्टर से नोकझोंक करने का आरोप लगाते हुए सस्पेंड कर दिए गया. इससे नाराज सेल कर्मचारियों ने रात्रि पाली से कम ठप्प कर दिया. कर्मचारी किरीबुरू सेल खदान का उत्पादन कार्य पिछली 2 पाली से बाधित करते हुए स्ट्राइक पर बैठ गए. सोमवार शाम कर्मचारियों के एक दल ने सेल प्रबंधन के साथ बैठक की, जिसमें निर्णय लिया गया कि दोनों कर्मचारी दो दिनों तक सस्पेंड रहेंगे. इसके बाद दोनों कर्मचारी ड्यूटी ज्वॉइन कर सकेंगे. उसके बाद उन्हें चार्जशीट दी जाएगी, जांच की जाएगी जिसमें वो भी अपना पक्ष रखेंगे. इन्हीं बातों पर सहमति बनने के बाद कर्मचारी अपने कार्य स्थल के लिए रवाना हुए और उत्पादन कार्य शुरू किया जा सका.
सड़क हादसे में जा रही लोगों की जानदरअसल, शनिवार देर शाम सेल कर्मचारी अपनी मां की तबीयत बिगड़ने के बाद किरीबुरू जेनरल अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने ले गए. उस दौरान महिला डॉक्टर ड्यूटी पर तैनात थीं. आरोप है कि अस्पताल में महिला डॉक्टर मरीज को देखने के बजाय मोबाइल पर गेम खेलती रहीं, जिससे सेल कर्मचारी को गुस्सा आ गया और तेज आवाज में चिल्लाते हुए डॉक्टर को इलाज करने को कहा.सेल कर्मचारी बुझेश्वर कुमार राय की ओर से डॉक्टर पर चिल्लाने के बाद डॉक्टर ने खुद को अपमानित महसूस करते हुए सीएमओ और अन्य डॉक्टरों को फोन कर दिया. देखते ही देखते सीआईएसएफ के जवान वहां पहुंच गए और सेल कर्मचारी को वाहन में बैठने को बोले, इतने में सेल के कार्मिक और प्रशासनिक पदाधिकारी रमेश सिन्हा अस्पताल पहुंचे. उन्होंने मामले को शांत करने का प्रयास किया. उन्होंने सेल कर्मचारी को ही डॉक्टर से माफी मांगने को कहा. इस दौरान अन्य सेल कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए. उस दौरान मरीज का इलाज किया गया और मामले को शांत किया गया.उन्होंने बताया कि दूसरे दिन रविवार को खदान प्रबंधन की ओर से डॉक्टर के साथ बदतमीजी करने के आरोप के साथ सेल के 2 कर्मचारियों को सस्पेंड करते हुए नोटिस भेज दिया गया. हालांकि रविवार को सेल कर्मचारियों के घर नहीं रहने के कारण नोटिस नहीं लिया गया. इसके बाद कर्मचारियों को सस्पेंड करने का नोटिस टाइम ऑफिस में दे दिया गया. रविवार की रात्रि पाली में जब सेल कर्मचारियों ने खदान क्षेत्र पहुंचकर ड्यूटी के लिए अपना कार्ड-इन करने का प्रयास किया तो उन्हें नोटिस दिखाते हुए कार्ड-इन करने से मना कर दिया गया. इससे नाराज सभी कर्मचारियों ने एक जुट होकर निर्णय लिया कि अस्पताल में मरीजों के साथ हो रही लापरवाही और खदान प्रबंधन के उदासीन रवैये के खिलाफ हड़ताल पर बैठेंगे.



