
ई-मुलाकात एप के सहयोग से आयोजित बैठक में जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारी/अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी अपने-अपने कार्यालय से हुए सम्मिलित
समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में बैठक के दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, चिकित्सक डॉ संजय कुजूर रहे उपस्थित
संतोष वर्मा
चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिला उपायुक्त अरवा राजकमल एवं पुलिस अधीक्षक श्री इंद्रजीत माहथा के संयुक्त अध्यक्षता में ई-मुलाकात एप्लीकेशन के सहयोग से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा जिले के सभी एसडीओ, एसडीपीओ, बीडीओ, सीओ एवं थाना प्रभारी के साथ बैठक का आयोजन किया गया। आज के बैठक में उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक के द्वारा झारखंड राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के द्वारा निर्गत निर्देश के अनुपालन को सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है। समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार होस्ट स्टूडियो में आयोजित बैठक में सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री परितोष कुमार ठाकुर, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमर कुमार पांडे, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय सुधीर कुमार उपस्थित रहे।
बैठक के उपरांत उपायुक्त के द्वारा जानकारी दी गयी कि बैठक में राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा प्राप्त निर्देश कि झारखंड राज्य के सीमा के अंदर किसी भी श्रमिक भाइयों को पैदल अपने गंतव्य की ओर जाने नहीं दिया जाए के अनुपालन को सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि उनके कर्तव्य क्षेत्र के अंदर पैदल यात्रा करने वाले कोई भी श्रमिक चाहे वह झारखंड राज्य के हों या राज्य के बाहर से हों, सभी को सरकारी शेल्टर होम में रखते हुए उनके खाने-पीने का इंतजाम करें और उससे संबंधित सूचना ससमय जिला मुख्यालय को उपलब्ध करवाएं ताकि उन श्रमिकों के गृह राज्य/जिला के नोडल पदाधिकारी से समन्वय स्थापित करते हुए उन्हें उनके जिला तक वाहन के माध्यम से पहुंचाने की कार्रवाई की जा सके।
उपायुक्त के द्वारा जानकारी दी गयी कि जो श्रमिक रेड जोन इलाके, विशेषकर राज्य सरकार के द्वारा प्राप्त 24 जिला की सूची जहां वायरस संक्रमण के मामले ज्यादा हैं यथा मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, सूरत आदि जो देश के 733 जिला में उक्त जिला को छोड़कर जो व्यक्ति वापस लौट रहे हैं वैसे सभी व्यक्तियों को जिनमें वायरस संक्रमण के लक्षण यथा फीवर, खाँसी पाए जाते हैं उन सभी को छोड़कर शेष सभी लौटे श्रमिक को होम क्वॉरेंटाइन में रखते हुए उनके स्वास्थ्य का लगातार पर्यवेक्षण किया जाना है। लेकिन इन 24 जिला से लौटने वाले सभी व्यक्तियों का नमूना संग्रह करते हुए इन सभी को स्टेट क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखने हेतु निर्देशित किया गया है तथा जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने के उपरांत उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें अपने घर पर होम क्वॉरेंटाइन किया जाएगा। विशेषकर उड़ीसा राज्य से सीमा लगने के कारण श्रमिक पैदल चल कर जिले के जैंतगढ़/मनोहरपुर सीमा पर आने की सूचना प्राप्त हो रही है वैसे सभी लोगों को सरकारी शेल्टर होम में रख कर खाने-पीने का इंतजाम करते हुए उनके गृह जिला से संपर्क स्थापित कर उन सभी को भी भेजने का प्रयास भी किया जा रहा है।
उपायुक्त के द्वारा बताया गया कि भारत सरकार के द्वारा लॉक डाउन के संबंध में प्राप्त आदेश के उपरांत राज्य सरकार के द्वारा विचारोपरांत लिए गए अंतिम निर्णय को क्षेत्र में लागू करने का निर्देश सभी सिविल एवं पुलिस पदाधिकारी को दिया गया है। उपायुक्त ने कहा कि एक महत्वपूर्ण विषय जिसमें प्रवासी व्यक्ति या निजी क्षेत्र में काम कर रहे व्यक्ति जो अपने गांव लौट रहे हैं वैसे सभी व्यक्तियों की विशेष निगरानी हेतु थाना स्तर पर निगरानी समिति का गठन करने तथा इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में भी मानकी-मुंडा के अध्यक्षता में समिति गठन कर कल यानी रविवार तक गठित समिति के सदस्यों का नाम एवं संपर्क सूत्र उपलब्ध करवाने हेतु सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देशित किया गया है। ग्रामीण स्तर पर गठित कमेटी में स्थानीय जनप्रतिनिधि, आंगनवाड़ी सेविका/सहायिका, जलसहिया, स्वयं सहायता समूह की महिला, चौकीदार को सम्मिलित किया जाए,ताकि गांव में अपने निजी वाहन या किसी अन्य माध्यम से लौट रहे व्यक्तियों की सूचना भी प्राप्त होती रहे और ऐसे लोगों को भी आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य जांच कर जिले को कोरोना मुक्त रखने का कार्य सुगमता पूर्वक किया जा सके।

