चाईबासा।
अदालत में पिछले सात साल से चल रहे एक मुकदमे में साक्ष्य के अभाव में रेल कर्मी फूल मोहम्मद को बरी कर दिया गया हैं। राउरकेला निवासी फूल मोहम्मद पेशे में रेलवे के लोको पायलट है। फूल मोहम्मद के ऊपर झारखण्ड सरकार के वन विभाग द्वारा आरोप लगाया गया था कि उन्होंने वर्ष 2009 में 24 मार्च के रात करीब 11.55 में पश्चिम ¨सहभूम अंतर्गत किरीबुरू रेलवे स्टेशन के टेक-अप प्लाइंट के पास से जब लो¨डग गुड्स ट्रेन लेकर राउरकेला लौट रहे थे। उस वक्त उनके ट्रेन के चपेट में आने से एक छोटे हाथी की मौत हुई थी। इसके बाद 12 अक्टूबर वर्ष 2009 को चाईबासा कोर्ट ने वाइल्ड लाइफ एक्ट 51 धारा के तहत फूल मोहम्मद के खिलाफ गैर जमानती वारंट वार्रेंट जारी कर दिया था। फूल मोहम्मद को 4 फरवरी वर्ष 2010 को झारखण्ड हाईकोर्ट रांची से आग्रिम जमानत मिला था। फूल मोहम्मद का केस रेलवे के वकील डी.एल.विश्वकर्मा लड़ रहे थे। करीब सात साल तक केस चलने का बाद गुरुवार को चाईबासा कोर्ट के सीनियर जज संजय कुमार की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में फूल मोहम्मद को बरी कर दिया है।




