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Home » Budget 2025 highlights :केन्द्रीय बजट 2025-26 की मुख्य बातें
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Budget 2025 highlights :केन्द्रीय बजट 2025-26 की मुख्य बातें

BJNN DeskBy BJNN DeskFebruary 1, 2025No Comments17 Mins Read
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नई दिल्ली।

केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केन्द्रीय बजट 2025-26 पेश किया। बजट की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:-

बजट अनुमान 2025-26

  • उधारियों के अलावा कुल प्राप्तियां और कुल व्‍यय क्रमश: 34.96 लाख करोड़ रुपये तथा 50.65 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
  • निवल कर प्राप्तियां `28.37 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
  • राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
  • सकल बाजार उधारियां 14.82 लाख करोड़ रहने का अनुमान है।
  • वित्त वर्ष 2025-26 में कैपेक्स व्यय 11.21 लाख करोड़ रुपये (जीडीपी का 3.1 प्रतिशत) रहने का अनुमान है।

विकास के प्रथम इंजन के रूप में कृषि

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना – विकासशील कृषि जिला कार्यक्रम

  • राज्यों की भागीदारी से ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ का शुभारंभ करेगी। इस कार्यक्रम में मौजूदा योजनाओं और विशिष्ट उपायों के अभिसरणके माध्यम से कम उत्पादकता, कम उपज और औसत से कम ऋण मानदण्डों वाले 100 जिलों को शामिल किया जाएगा। इस कार्यक्रम से 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलने की संभावना है।

ग्रामीण समृद्धि और लचीला निर्माण

  • राज्यों की भागीदारी से ‘ग्रामीण समृद्धि और लचीला निर्माण’ नामक एक व्यापक बहु-क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रारम्भ किया जाएगा ताकि कौशल, निवेश, प्रौद्योगिकी के माध्यम से कृषि में कम रोजगार का समाधान होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई जान आएगी।
  • पहले चरण में 100 विकासशील कृषि जिलों को शामिल किया जाएगा।

दलहन में आत्मनिर्भरता

  • सरकार तूर, उड़द और मसूर पर विशेष ध्यान देने के साथ 6-वर्षीय “दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन” प्रारम्भ करेगी।
  • केंद्रीय एजेंसियां नेफेड और एनसीसीएफ अगले 4 वर्षों के दौरान किसानों से ये दालें खरीदेगी।

सब्जियों और फलों के लिए व्यापक कार्यक्रम

  • उत्पादन, प्रभावी आपूर्तियों, प्रसंस्करण और किसानों के लिए लाभकारी मूल्य को बढ़ावा देने के लिए राज्यों की भागीदारी से एक व्यापक कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा।

बिहार में मखाना बोर्ड

  • मखानों का उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन में सुधार लाने के लिए बिहार में मखाना बोर्ड स्थापित किया जाएगा।

राष्ट्रीय उच्च पैदावार बीज मिशन

  • राष्ट्रीय उच्च पैदावार बीज मिशन शुरू किया जाएगा किया जाएगा जिसका उद्देश्य अनुसंधान इकोसिस्टम को मजबूत करना, लक्षित विकास और उच्च पैदावार वाले बीजों का प्रसार करना और बीजों की 100 से अधिक किस्मों को वाणिज्यिक स्तर पर उपलब्ध कराना होगा।

मत्स्य उद्योग

  • सरकार अंडमान और निकोबार तथा लक्षद्वीप जैसे द्वीपों पर विशेष ध्यान देने के साथ भारतीय विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र और गहरे समुद्रों से निरंतर मछली पकड़ने को बढ़ावा देने के लिए एक फ्रेमवर्क लाएगी।

कपास उत्पादकता मिशन

  • कपास की खेती की उत्पादकता और निरंतरता में पर्याप्त सुधार लाने के लिए 5 वर्षीय मिशन की घोषणा की गई है और कपास की अधिक लंबे रेशे वाली किस्मों को बढ़ावा दिया जाएगा।

किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अधिक ऋण

  • किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लिए जाने वाले ऋणों के लिए ऋण सीमा `3 लाख से बढ़ाकर `5 लाख कर दी जाएगी।

असम में यूरिया संयंत्र

  • नामरूप असम में 12.7 लाख मीट्रिक टन की वार्षिक उत्पादन क्षमता वाला एक संयंत्र स्थापित किया जाएगा।

विकास के दूसरे इंजन के रूप में एमएसएमई

एमएसएमई के वर्गीकरण मानदण्ड में संशोधन

  • सभी एमएसएमई के वर्गीकरण के लिए निवेश और कारोबार की सीमा बढ़ाकर क्रमशः 2.5 और 2 गुना कर दी जाएगी।

सूक्ष्म उद्यमों के लिए क्रेडिट कार्ड

  • उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत सूक्ष्म उद्यमों के लिए पहले वर्ष में 5 लाख रुपये तक की सीमा वाले 10 लाख कस्टमाइज्ड क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे।

स्टार्ट-अप के लिए निधियों का कोष

  • विस्तारित कार्यक्षेत्र और 10,000 करोड़ रुपए के नए अंशदान के साथ निधियों के नए कोष की स्थापना की जाएगी।

पहली बार के उद्यमियों के लिए योजना

  • 5 लाख महिलाओं अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के पहली बार के उद्यमियों के लिए अगले 5 वर्षों के दौरान 2 करोड़ रुपए तक का सावधि ऋण उपलब्‍ध कराने की एक नई योजना की घोषणा।

फुटवियर और लेदर क्षेत्रों के लिए फोकस उत्पाद स्कीम

  • भारत के फुटवियर और लेदर क्षेत्र की उत्पादकता, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने हेतु 22 लाख व्यक्तियों को रोजगार दिलाने 4 लाख करोड़ का कारोबार करने और 1.1 लाख करोड़ से अधिक का निर्यात सुगम बनाने के लिए फोकस उत्पाद स्कीम की घोषणा।

खिलौना क्षेत्र के लिए उपाय

  • भारत को ‘वैश्विक खिलौना केंद्र’ बनाते हुए उच्च गुणवत्ता वाले अनूठे नवीन और पर्यावरण के अनुकूल खिलौने बनाने की योजना।

खाद्य प्रसंस्करण के लिए सहायता

  • बिहार में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता और प्रबंधन संस्थान स्थापना की जाएगी।

विनिर्माण मिशन – ‘मेक इन इंडिया’ को आगे बढ़ाना

  • ‘मेक इन इंडिया’ को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों को शामिल करते हुए राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन की स्थापना की जाएगी।

विकास के तीसरे इंजन के रूप में निवेश

  1. I. लोगों में निवेश

सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0

  • पोषण संबंधी सहायता के लिए लागत मानदण्डों को समुचित रूप से बढ़ाया जाएगा।

अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं

  • अगले 5 वर्षों में सरकारी स्कूलों में 50000 अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।

सरकारी माध्यमिक स्कूलों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) के लिए ब्रॉडबैण्ड कनेक्टिविटी

  • भारत नेट परियोजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सभी सरकारी माध्यमिक स्कूलों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी।

भारतीय भाषा पुस्तक स्कीम

  • स्कूल और उच्चतर शिक्षा के लिए भारतीय भाषाओं में डिजिटल रूप में पुस्तकें प्रदान करने के लिए भारतीय भाषा पुस्तक योजना की घोषणा।

राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्र

  • “मेक फॉर इंडिया मेक फॉर द वर्ल्ड” विनिर्माण के लिए हमारे युवाओं को आवश्यक कौशलों से सुसज्जित करने के लिए वैश्विक विशेषज्ञता और भागीदारी के साथ 5 राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किये जाएंगे।

आईआईटी में क्षमता का विस्तार

  • 6,500 और विद्यार्थियों के लिए शिक्षा सुगम बनाने के लिए वर्ष 2014 के पश्चात शुरू किए गए 5 आईआईटी में अतिरिक्त अवसंरचना का सृजन किया जाएगा।

शिक्षा हेतु एआई में उत्कृष्टता केंद्र

  • 500 करोड़ रुपए के कुल परिव्यय से शिक्षा हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता संबंधी एक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा।

चिकित्सा शिक्षा का विस्तार

  • मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में अगले 5 वर्षों में 75000 और सीटें बढ़ाने के लक्ष्य की दिशा में अगले वर्ष 10000 अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाएंगी।

सभी जिला अस्पतालों में डे-केयर कैंसर केंद्र

  • सरकार अगले 3 वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में डे-केयर कैंसर केंद्र स्थापित करने की सुविधा प्रदान करेगी। वर्ष 2025-26 में 200 केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

शहरी आजीविका सुदृढ़ीकरण

  • शहरी कामगारों को आमदनी बढ़ाने और स्थायी आजीविका पाने में सहायता करने के लिए उनके सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए एक स्कीम की घोषणा।

पीएम स्वनिधि

  • इस स्कीम को बैंकों से संवर्धित ऋण 30,000 रुपए की सीमा के साथ यूपीआई लिंक्ड क्रेडिट कार्डों और क्षमता विकास सहायता के साथ नवीकृत किया जाएगा।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म कामगारों के कल्याण के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना

  • सरकार गिग कामगारों के लिए पहचान पत्र और ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण की व्यवस्था तथा पीएम जन आरोग्य योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करेगी।
  1. अर्थव्यवस्था में निवेश

अवसंरचना में सरकारी निजी भागीदारी

  • सरकारी निजी भागीदारी में 3 वर्षीय पाइपलाइन परियोजनाओं के लिए अवसंरचना संबंधी मंत्रालय बनाए जाएंगे राज्यों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

अवसंरचना के लिए राज्यों को सहायता

  • सुधारों के लिए पूंजी व्यय और प्रोत्साहन के लिए राज्यों को 50 वर्ष के ब्याजमुक्त ऋण के लिए डेढ लाख करोड़ रूपए के आवंटन का प्रस्ताव।

परिसंपत्ति मौद्रीकरण योजना 2025-30

  • घोषित की गई नई परियोजनाओं में 10 लाख करोड़ रुपए की पूंजी के लिए 2025-30 के लिए दूसरी योजना।

जल जीवन मिशन

  • बढ़े हुए कुल आवंटन के साथ मिशन को 2028 तक बढ़ाया गया।

शहरी चुनौती कोष 

  • एक लाख करोड़ रुपए के शहरी चुनौती कोष की घोषणा जिसे 2025-26 के लिए 10 हजार करोड़ रुपए के आवंटन के प्रस्ताव के साथ वृद्धि केंद्रों के रूप में शहर शहरों का रचनात्मक पुनर्विकास और जल एवं स्वच्छता के लिए प्रस्ताव लागू करने के लिए उपयोग किया जाएगा।

विकसित भारत के लिए परमाणु ऊर्जा मिशन

  • परमाणु ऊर्जा अधिनियम और नागरिक दायित्व परमाणु क्षति अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव।
  • 20 हजार करोड़ रुपए के आवंटन के साथ लघु मॉड्यूलर रियक्टर्स (एसएमआर) के अनुसंधान व विकास के लिए परमाणु ऊर्जा मिशन स्थापित किया जाएगा। 2033 तक 5 स्वदेश विकसित एसएमआर संचालित करने का प्रस्ताव।

पोत निर्माण

  • पोत निर्माण वित्तीय सहायता नीति को नया रूप दिया जाएगा।
  • निर्दिष्ट आकार से अधिक विशालकाय पोतों को अवसंरचनासुसंगत मास्टर लिस्ट (एचएमएल) में शामिल किया जाएगा।

समुद्री विकास कोष

  • 25 हजार करोड़ रुपए के आवंटन के साथ समुद्री विकास कोष की स्थापना का प्रस्ताव। इसमें सरकार का योगदान 49 प्रतिशत होगा। शेष योगदान बंदरगाहों और निजी क्षेत्र को करना होगा।

उड़ान क्षेत्रीय संपर्क स्कीम

  • अगले 10 वर्ष में 120 नए गंतव्यों और 4 करोड़ यात्रियों को लाने-ले-जाने के लिए क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने की संशोधित उड़ान स्कीम की घोषणा।
  • पर्वतीय आकांक्षी और उत्तर-पूर्व क्षेत्र के जिलों में हेलीपैड और छोटे हवाई अड्डों को भी समर्थन दिया जाएगा।

बिहार में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट

  • बिहार में ग्रीन पटना एयरपोर्ट और बिहटा में ब्राउनफील्ड एयरपोर्ट की क्षमता के विस्तार के अलावा बिहार में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की घोषणा।

मिथिलांचल में पश्चिमी कोशी नहर परियोजना

  • बिहार में पश्चिमी कोशी नहर ईआरएम परियोजना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी ।

खनन क्षेत्र सुधार

  • टेलिंग से महत्वपूर्ण खनिजों की रिकवरी के लिए नीति बनाई जाएगी।

स्वामिह फंड टू

  • सरकार बैंकों और निजी निवेशकों के योगदान के साथ 1 लाख और आवासीय इकाईयों को पूरा करने के कार्य में तेजी करने के उद्देश्य से 15 हजार करोड़ रुपए का कोष बनाने की घोषणा।

रोजगार आधारित वृद्धि के लिए पर्यटन

  • चुनौती मोड के जरिये राज्यों की भागीदारी से देश में 50 शीर्ष पर्यटन स्थलों को विकसित किया जाएगा।

III. नवाचार में निवेश

अनुसंधान, विकास और नवाचार

  • पिछले वर्ष जुलाई के बजट में घोषित निजी क्षेत्र संचालित अनुसंधान, विकास और नवाचार पहल को लागू करने के लिए 20 हजार करोड़ रुपए आवंटित किए जाएंगे।

डीपटैक फंड ऑफ फंड्स

  • अगली पीढ़ी के स्टार्टअप को प्रोत्साहन के लिए डीप टेक फंड ऑफ फंड्स की संभावना तलाशी जाएगी।

प्रधानमंत्री अनुसंधान फैलोशिप

  • बढ़ी हुई वित्तीय सहायता के साथ आईआईटी और आईआईएस में प्रौद्योगिकीय अनुसंधान के लिए 10 हजार फैलोशिप।

फसल जर्मप्लाज्म के लिए जीन बैंक

  • भावी खाद्य और पोषण सुरक्षा के लिए 10 लाख जर्मप्लाज्म लाइंस के साथ दूसरा जीन बैंक स्थापित किया जाएगा।

नेशनल जियो स्पेटियल मिशन

  • बुनियादी जियो स्पेटियल अवसंरचना और डाटा विकसित करने के लिए नेशनल जियो स्पेटियल मिशन की घोषणा।

ज्ञान भारतम मिशन

  • शैक्षिक संस्थानों, संग्रहालयों और निजी संग्रहकर्ताओं के साथ पांडुलिपी विरासत के सर्वेक्षण, प्रलेखन और संरक्षण के लिए ज्ञान भारतम मिशन बनाने का प्रस्ताव। इसके तहत 1 करोड़ से अधिक पांडुलिपियां शामिल की जाएंगी।

विकास के चतुर्थ इंजन के रूप में निर्यात

निर्यात संवर्द्धन मिशन

  • वाणिज्य मंत्रालय एमएसएमई और वित्त मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से संचालित निर्यात संवर्द्धन मिशन स्थापित करने का प्रस्ताव। इसके तहत अलग-अलग क्षेत्रों और मंत्रालयों के लिए लक्ष्य तय किए जाएंगे।

भारत ट्रेडनेट

  • व्यापार प्रलेखन और वित्त पोषण समाधानों के लिए संयुक्त मंच के रूप में अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए भारत ट्रेडनेट (बीटीएन) स्थापित किया जाएगा।

जीसीसी के लिए राष्ट्रीय रूपरेखा

  • ऊभरते टियर-2 शहरों में वैश्विक क्षमता केंद्रों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्यों के मार्गदर्शक के रूप में राष्ट्रीय रूपरेखा तैयार की जाएगी।

फ्यूल के रूप में सुधार : वित्तीय क्षेत्र सुधार और विकास

बीमा क्षेत्र में एफडीआई

  • भारत में संपूर्ण प्रीमियम का निवेश करने वाली कंपनियों के लिए बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 74 से बढ़ाकर 100 प्रतिशत की जाएगी।

एनएबीएफआईडी द्वारा क्रेडिट वृद्धि सुविधा

  • एनएबीएफआईडी अवसंरचना के लिए कॉरपोरेट बॉंड के उद्देश्य से आंशिक ऋण वृद्धि सुविधा स्थापित करेगा।

ग्रामीण क्रेडिट स्कोर

  • सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक एसएचजी सदस्‍यों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की ऋण आवश्‍यकताओं को पूरा करने के लिए “ग्रामीण क्रेडिट स्‍कोर” फ्रेमवर्क विकसित करेंगे।

पेंशन क्षेत्र

  • पेंशन उत्‍पादों के विनियमित समन्‍वय और विकास के लिए एक फोरम की स्‍थापना का प्रस्‍ताव।

विनियामक सुधार हेतु उच्‍चस्‍तरीय समिति

  • सभी गैर वित्‍तीय क्षेत्र संबंधी नियमों, प्रमाण लाइसेंस और अनुमति की समीक्षा करने के लिए विनियामक सुधार हेतु उच्‍च स्‍तरीय समिति के गठन का प्रस्‍ताव।

राज्‍यों का निवेश अनुकूल सूचकांक

  • प्रतिस्‍पर्धी समन्‍वित संघवाद की भावना को आगे बढ़ाने के लिए वर्ष 2025 में राज्‍यों का निवेश अनुकूल सूचकांक शुरू किया जाएगा।

जन विश्‍वास विधेयक 2.0

  • जन विश्‍वास विधेयक 2.0 में 100 से अधिक प्रावधानों को गैर आपराधिक बनाने के लिए प्रस्‍ताव।

खंड बी

प्रत्‍यक्ष कर

  • नई कर व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत 12 लाख रुपए तक की आय (अर्थात विशिष्‍ट दर जैसे पूंजीगत लाभ को छोड़कर 1 लाख रुपये प्रतिमाह की औसत आय) पर कोई आयकर देय नहीं होगा।
  • वेतनभोगी कर दाताओं के लिए यह यह सीमा 75 हजार रुपये की मानक कटौती के कारण 12.75 लाख रुपये होगी।
  • यह नई संरचना मध्‍यम वर्ग के करों को काफी कम करेगी और घरेलू उपयोग, वचत तथा निवेश को बढ़ावा देने के लिए उनके पास अधिक धन राशि उपलब्‍ध होगी।
  • नया आयकर विधेयक भी अध्‍यायों और शब्‍दों दोनों की दृष्टि से सुस्‍पष्‍ट और प्रत्‍यक्ष होगा। यह करदाताओं और कर प्रशासन के लिए समझने में आसान होगा, जिससे कर सुनिश्चितता आएगी और मुकदमेबाजी कम होगी।
  • प्रत्‍यक्ष करों में लगभग एक लाख करोड़ रुपये का परित्‍याग होगा।

  • संशोधित कर संरचना
  •  नई कर व्‍यवस्‍था में संशोधित कर संरचना निम्‍नानुसार होगी।
0-4 लाख रुपएशून्य
4-8 लाख रुपए5 प्रतिशत
8-12 लाख रुपए10 प्रतिशत
12-16 लाख रुपए15 प्रतिशत
16-20 लाख रुपए20 प्रतिशत
20-24 लाख रुपए25 प्रतिशत
24 लाख रुपए से अधिक30 प्रतिशत

  • टीडीएस/टीसीएस को तर्क संगत बनाना

  • टीडीएस की दरों और सीमाओं की संख्‍या कम कर उसे तर्क संगत बनाना
  • वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए ब्‍याज पर कटौती की सीमा 50,000 रुपये से दो गुनी बढ़ाकर 1 लाख रुपये की जा रही है।
  • किराये पर टीडीएस के लिए वार्षिक सीमा 2.40 लाख रुपये से बढ़ाकर छह लाख रुपये की गई।
  • भारतीय रिजर्व बैंक की उदारीकृत धनप्रेषण स्‍कीम (एलआरएस) के अंतर्गत धनप्रेषणों पर टीसीएस की सीमा को 7 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया गया है।
  • उच्‍च टीडीएस कटौती के प्रावधान केवल गैर-पैन मामलों पर ही लागू होंगे।
  • विवरणी दाखिल करने की नियत तारीख तक टीसीएस के भुगतान में विलंब को गैर-आपराधिक घोषित करने का प्रावधान।

  • अनुपालन बोझ को कम करना 

  • छोटे धर्मार्थ न्‍यासों/संस्‍थाओं की पंजीकृत अवधि को बढ़ाकर 5 वर्ष से 10 वर्ष कर ऐसी संस्‍थाओं के अनुपालन संबंधी बोझ को कम किया गया।
  • कर दाताओं को अपने स्‍वामित्‍व वाली संपत्तियों के लिए शून्‍य वार्षिक मूल्‍य का दावा बिना किसी शर्त के ऐसी दो संपत्तियों के लाभ की अनुमति का प्रस्‍ताव।

  • व्‍यवसाय करने की सुगमता

  • तीन वर्षों की ब्‍लॉक अवधि के लिए अंतराष्‍ट्रीय लेन-देन के मामलों में आर्म्‍स लेन्‍थ मूल्‍य निर्धारण करते हेतु एक योजना की शुरुआत।
  • अंतरराष्‍ट्रीय कराधान में विवादों को कम करने तथा निश्चितता को बनाए रखने के लिए सेफ हार्बर नियमों के दायरे का विस्‍तार।
  • 29 अगस्‍त 2024 को या उससे पश्‍चात व्‍यक्तियों द्वारा राष्‍ट्रीय बचत स्‍कीम (एनएसएस) से किए गए आहरण पर छूट।
  • एनपीएस वात्‍सल्‍य खातों के लिए भी ऐसी ही व्‍यवस्‍था का प्रस्‍ताव जो समग्र सीमाओं के अधीन सामान्‍य एनपीएस खातों के लिए उपलब्‍ध है।

  • रोजगार एवं निवेश

इलेक्‍ट्रॉनिकी विनिर्माण स्‍कीमों के लिए निश्चिचता

  • उन अनिवासियों के लिए प्रकल्‍पित कराधान व्‍यवस्‍था का प्रस्‍ताव जो ऐसी निवासी कंपनी को सेवाएं प्रदान करते हैं जो इलेक्‍ट्रॉनिक विनिर्माण सुविधा स्‍थापित या संचालित कर रही है।

विशिष्‍ट इलेक्‍ट्रॉनिक विनिर्माण इकाइयों की आपूर्ति के लिए उपकरण घटकों को स्‍टोर करने वाले अनिवासियों की कर निश्चितता के लिए सुरक्षित बंदरगाह सेवा आरंभ की गई है।

अन्तर्देशीय जहाजों के लिए टन भार योजना

देश में अन्तर्देशीय जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए मौजूदा टन भार कर योजना के लाभों को भारतीय पोत अधिनियम, 2021 के अंतर्गत पंजीकृत अन्तर्देशीय जलयानों के लिए विस्तारित करने का प्रस्ताव किया गया है।

स्टार्ट-अप के निगमन का विस्तार

1.4.2030 से पहले निगमित होने वाले भारतीय स्टार्ट-अप इको-सिस्टम को 5 वर्षों तक अवधि का विस्तार कर स्टार्ट-अप लाभ प्रदान किए गए हैं।

वैकल्पिक निवेश निधियां (एआईएफ)

श्रेणी-1 और श्रेणी-2 एआईएफ अवसंरचना और ऐसे ही अन्य क्षेत्रों में निवेश निकायों को प्रतिभूतियों से होने वाले लाभों पर कराधान की निश्चितता प्रदान करने का प्रस्ताव किया गया है।

सॉवरेन और पेंशन निधियों के लिए निवेश तिथि का विस्‍तार

सॉवरेन वेल्‍थ फंड और पेंशन निधियों द्वारा अवसंरचना क्षेत्र में वित्तपोषण को बढ़ावा देने के लिए निवेश करने की तारीख 5 वर्ष बढ़ाकर 31, मार्च, 2030 तक करने का प्रस्ताव है।

अप्रत्‍यक्ष कर

औद्योगिक वस्‍तुओं के सीमा शुल्‍क ढांचे का युक्तिकरण

केंद्रीय बजट 2025-26 के प्रस्‍तावों में

  1. 7 टैरिफ दरों को हटाने का प्रस्‍ताव किया गया है। यह 2023-24 के बजट में हटाई गई सात टैरिफ दरों के अतिरिक्त है। इसके बाद, शेष बची टैरिफ दरें ‘शून्य’ दर सहित आठ रह जाएंगी।
  2. मोटे तौर पर प्रभावी शुल्क दायित्‍व बनाए रखने के लिए कुछ मदों, जहां ऐसा दायित्‍व मामूली रूप से कम होगा, को छोड़कर उपयुक्‍त कर लगाने का प्रस्‍ताव है।
  3. एक से अधिक उपकर अथवा अधिभार न लगाने का प्रस्ताव है। उपकर के अधीन 82 टैरिफ लाइनों पर समाज कल्याण अधिभार से छूट दी जाएगी।

अप्रत्यक्ष करों में 2600 करोड़ रुपये के राजस्‍व का परित्याग होगा

औषधि/दवाओं के आयात पर राहत

  • 36 जीवन रक्षक औषधियों और दवाओं को बुनियादी सीमा शुल्‍क से पूरी तरह छूट
  • 6 जीवन रक्षक दवाएं 5 प्रतिशत के रियायती सीमा-शुल्‍क दवाओं में शामिल
  • औषध कंपनियों द्वारा चलाए जाने वाले रोगी सहायता कार्यक्रमों के अंतर्गत विशिष्‍ट औ‍षधियां और दवाएं बुनियादी सीमा शुल्‍क से पूरी तरह मुक्‍त। 13 नए रोगी सहायता कार्यक्रमों के साथ ही 37 अन्‍य दवाओं को इसमें शामिल करने का प्रस्‍ताव

घरेलू विनिर्माण और मूल्‍य वर्धन को सहायता

  • महत्‍वपूर्ण खनिज

० कोबाल्‍ट पाउडर और लिथियम आयन बैट्री के अवशिष्‍ट, लेड, जिंक और 12 अन्‍य महत्‍वपूर्ण खनिजों पर बुनियादी सीमा शुल्‍क में छूट

  • वस्‍त्र

० घरेलू तकनीकी वस्‍त्र उत्‍पादों को बढ़ावा

० दो अन्‍य प्रकार के शटल-रहित करघों वाली टेक्‍सटाइल मशीनरी सीमा शुल्‍क से मुक्‍त

० बुने हुए वस्‍त्रों पर 10 प्रतिशत या 20 प्रतिशत के बुनियादी सीमा शुल्‍क को संशोधित कर 20 प्रतिशत अथवा 115 रुपये प्रति किलोग्राम में जो भी अधिक हो करने का प्रस्‍ताव

  • इलेक्‍ट्रॉनिक वस्‍तुएं

० इन्‍टेरेक्टिव फ्लैट पैनल डिस्‍प्‍ले पर बुनियादी सीमा शुल्‍क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया गया

० ओपेन सेल्स और अन्‍य घटकों पर बुनियादी सीमा शुल्‍क घटाकर 5 प्रतिशत करने का प्रस्‍ताव

० ओपेन सेल्‍स के अन्‍य घटकों पर बुनियादी सीमा शुल्‍क में छूट

  • लिथियम आयन बैट्री

० इलेक्ट्रिक वाहनों के बैट्री के विनिर्माण के लिए 35 अतिरिक्‍त पूंजीगत वस्‍तुओं और मोबाइल फोन बैट्री विनिर्माण हेतु 28 अतिरिक्‍त पूंजीगत वस्‍तुओं पर छूट

  • पोत परिवहन क्षेत्र

० पोत निर्माण में कच्‍चे माल, घटकों, उपभोज्‍यों अथवा पुर्जों पर अगले दस वर्षों तक बुनियादी सीमा शुल्‍क में छूट

० पुराने पोतों के लिए भी ऐसी ही छूट

  • दूरसंचार

० कैरियर ग्रेड इथरनेट स्‍वीच पर बुनियादी सीमा शुल्‍क 20 प्रतिशत से 10 प्रतिशत पर लाया गया

निर्यात संवर्धन

  • हस्‍तशिल्‍प वस्‍तुएं

० हस्‍तशिल्‍प की निर्यात अवधि 6 महीने से बढ़ाकर एक वर्ष की गई, आवश्‍यकता पड़ने पर आगे तीन महीनों के लिए और बढ़ाई जा सकती है

० शुल्‍क मुक्‍त वस्‍तुओं की सूची में नौ और वस्‍तुएं शामिल की गईं

  • चमड़े की वस्‍तुएं

० वेट ब्‍लू लेदर पर बुनियादी सीमा शुल्‍क में पूर्ण छूट

० क्रश लेदर को 20 प्रतिशत निर्यात शुल्‍क से छूट

  • समुद्री उत्‍पाद

० फ्रोजन फिश पेस्‍ट (सुरीमी) और ऐसे ही उत्‍पादों के निर्यात पर बुनियादी सीमा शुल्‍क 30 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया

० मछली और झींगा के आहार बनाने के लिए फिश हाइड्रोलीसेट पर बुनियादी सीमा शुल्‍क 15 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया

  • रेल वस्‍तुओं के लिए घरेलू एमआरओ
  • रेल वस्‍तुओं के लिए घरेलू एमआरओ में वायुयानों और जलपोतों के मरम्‍मत के लिए आयातित एमआरओ के समान ही छूट का लाभ प्रदान किया जाएगा
  • ऐसी वस्‍तुओं के निर्यात की समय-सीमा छह महीने से बढ़ाकर एक वर्ष की गई जिसे आगे एक वर्ष और बढ़ाई जा सकती है

व्‍यापार सुविधा

  • प्रोविजनल कर निर्धारण की समय-सीमा
  • व्‍यवसाय प्रोविजनल कर निर्धारण को अंतिम रूप देने के लिए दो वर्ष की समय-सीमा तय करने का प्रस्‍ताव जिसे एक वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है
  • स्‍वैच्छिक अनुपालन

० आयातक या निर्यातक की सुविधा के लिए माल की मंजूरी के बाद स्‍वेच्‍छा से महत्‍वपूर्ण तथ्‍यों की घोषणा कर सकते हैं और जुर्माने के बिना ब्‍याज सहित शुल्‍क का भुगतान कर सकते हैं

  • अंतिम उपयोग की समय-सीमा बढ़ाई गई

० आयातित वस्‍तुओं के अंतिम उपयोग की समय-सीमा 6 महीने से बढ़ाकर एक वर्ष की गई

० ऐसे आयातकों को मासिक विवरण की बजाय केवल तिमाही विवरण दाखिल करना होगा

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आनंद किशोर बिहार झारखंड न्यूज़ नेटवर्क में कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे सामाजिक मुद्दों, जनहित और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि रखते हैं। आनंद का उद्देश्य कमजोर और जरूरतमंद लोगों की आवाज को सही मंच तक पहुंचाना है। वे निष्पक्ष, सरल और प्रभावशाली पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं।

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