

ब्रजेश भारती
सिमरी बख्तियारपुर,सहरसा, ।
फरकिया में एसटीएफ के द्वारा कि गये आपरेशन पर उठा सवाल
एसटीएफ के साथ एक कुख्यात अपराधी का फोटो हुआ वायरल
सहरसा-खगड़िया जिले के सीमा क्षेत्र में अवस्थित चिड़ैया ओपी के बैलाही गांव में शुक्रवार को पटना एसटीएफ के द्वारा कि गई आपरेशन पर सवालिया निशान उठने लगा है। आमलोगो में एक कुख्यात का फोटो एसटीएफ टीम के बीच चर्चा का विषय बन गया है। वही दियारा क्षेत्र में पहली वार एसटीएफ जवान की भाड़ी मात्रा में पहुंचना उसमें भी रामानंद पहलवान गिरोह के विरूद्ध लोगों को बड़ी साजिस नजर आ रही है।वही इतनी बड़ी कार्यवाही के बाद भी रामानंद पहलवान का बच निकलना हर किसी के जुबान पर है।
शुक्रवार को जब पटना एसटीएफ की टीम ने दियारा के बैलाही गांव में रामानंद पहलवान गिरोह पर छापेमारी कि खबर सुनी हर किसी के मुंह से एक ही बात निकल रही थी कि ऐसी क्या बात हो गई की कभी पुलिस के लिये हमदर्द बने रामानंद आज सिरदर्द कैसे बन गया आखिर ऐसा क्या हो गया की इस गिरोह के उपर ईतनी बड़ी कार्यवाही की गई। ग्रामीणों के अनुसार शुक्रवार के आपरेशन में एसटीएफ के बर्बरता भी देखने को मिली पुरूष के अलावे महिलाओं को भी पिटाई की बात बताई गई। पहलवान वासा के आसपास के लोगो का कहना था की पहली वार पुलिस निर्दोष को भी निशाना बनाया।विश्वत सुत्र बताते है की जैसा पुराना इतिहास बताता है की पुलिस हर वक्त कुख्यात,कुख्यात के बीच की लड़ाई को हथियार बना कर एक का सफाया करती है यही योजना शुक्रवार के आपरेशन का नतीजा है।
कुख्यात अशोक यादव उर्फ अशोक सम्राट-
समस्तीपुर जिले के बिथान प्रखंड के करांची पंचायत के मुखिया छैछनी गांव निवासी अशोक यादव उर्फ अशोक सम्राट व रामानंद पहलवान के बीच वर्षो से अपसी वर्चस्व को लेकर दुश्मनी किसी से छुपी नही है मुखिया अशोक यादव के भाई पैक्स अध्यक्ष बिरेन्द्र यादव की हत्या के बाद इन दोनों के बीच दुश्मनी परवान चढ़ गई।अशोक यादव भी अपनी दुश्मनी निकालने के लिये समय की ताक में दिख रहे थे और आग में घी का काम एसटीएफ ने कर मुखिया को मौहरा बना शुक्रवार के आपरेशन को अंजाम दिया। एसटीएफ के शुक्रवार के आपरेशन में अशोक यादव की मौजूदगी उपरोक्त बातों का पुख्ता से समर्थन करता है । वही सुत्र बताते है की रामानंद गिरोह का अंत करने के उद्देश्य से इतनी बड़ी संख्या में एसटीएफ के जवानों के साथ आपरेशन को अंजाम दिया गया था।
कई बार पुलिस का हमदर्द बना रामानंद पहलवान-
कहते है ना दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है यही बात कालान्तर से रामानंद पहलवान के साथ भी रहा है कई बार कोशी दियारा क्षेत्र में रामानंद पहलवान पुलिस का हमदर्द बन साथ दिया है चाहे वह चिड़ैया ओपी के नक्सलीयों के द्वारा लुटने की धमकी हो या फिर सैफ जवान अर्जून सिंह की हत्या के समय हुये नक्सली व पुलिस मुठभेड़ का समय । ऐन बक्त पर अगर रामानंद गिरोह का साथ पुलिस नही लेती तो उस समय कुछ बड़ी अनहोनी को नही टाला जा सकता था।रामानंद पहलवान का साथ लेकर पुलिस ने नक्सलीयों के बढ़ते कदम पर अंकुश लगाया अब अशोक यादव का साथ लेकर रामानंद गिरोह पर अंकूश की बात की जा रही है।
रामानंद गिरोह का अंत होने पर नक्सलीयों होंगे हावी-
दियारा क्षेत्र के भौगोलिक संरचना व यातायात विहीन दियारा का फरकिया क्षेत्र के कारण जानकारों का मानना है की अगर रामानंद गिरोह का सफाया पुलिस कर देती है तो फिर एक बार इस ईलाके में लाल आतंक का साया मंडराने लगेगा जो पुलिस के लिये सिरदर्द ही नही मुसीबत बन जायेगी वही दियारा क्षेत्र के किसानों के लिये तो मानो काल बन जायेगी। क्षेत्र के अन्तरगर्त आने वाले जल,जलकर व जमीन पर लाल झंडा लहराने लगेगा।
रामानंद यादव-
कोशी दियारा क्षेत्र में पहलवान के नाम से चर्चित रामानंद यादव अपने पिता गौहल यादव की हत्या के बाद अपराध की दुनिया में कदम रखा जो अबतक जारी है।गरीब लोगो के बीच पहलवान जो मसीहा से कम नही है गरीब की बेटी की शादी हो या फिर श्राद्ध कर्म ये खुले रूप से साथ देते है। इतना ही नही उन्होने अपने अपराध जगत से अपने पुत्रों को दुर-दुर तक नाता नही बनने दिया तीन पुत्रों के पिता रामानंद यादव का बड़ा पुत्र धर्मवीर यादव जो गत चुनाव में सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा से जाप के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा अभी वे विभिन्न निजी व्यवसाय कर रहें है वही दुसरा पुत्र हिम्मत कुमार दिल्ली में रहकर अभी मेडिकल की तैयारी कर रहा है तिसरा व सबसे छोटा पुत्र रौशन राज देहराजून में इनफार्मेशन टेक्नोलोजी से इंजिनियरिंग की पढाई कर रहें है हलांकि शुक्रवार के आपरेशन में उसे एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है।


