ब्रह्मानंद नारायणा मल्टीस्पेष्यलिटी अस्पताल में विष्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर संपन्न हुईं सप्ताह भर तक चलीं स्वास्थ्य गतिविधियां

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संपूर्ण स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता फैलाने का लक्ष्य

जमशेदपुर,7अप्रेल,
ब्रह्मानंद नारायणा मल्टीस्पेष्यलिटी अस्पताल में विष्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर जमशेदपुरवासियों के लिए सप्ताह भर तक स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के जरिए जमशेदपुर और आसपास के इलाकों के लोगों को संपूर्ण स्वास्थ्य सुनिष्चित करने के बारे में जानकारी दी गई। अस्पताल ने इस दौरान इस बात पर ज़ोर दिया कि स्वास्थ्य से आशय सिर्फ किसी बीमारी या कमज़ोरी पर ही ध्यान देना नहीं होता बल्कि ’जीवन के लिए स्वास्थ्य‘ के तीन अलग-अलग आयामों – शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य का भरपूर ख्याल रखना होता है। स्वास्थ्य के षारीरिक पक्ष पर ज़ोर देते, अस्पताल में करीब 250 ऐसे लोगों की मुफ्त स्वास्थ्य जांच की गई जिनके पास हैल्थकेयर सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन सभी को जरूरी दवाएं भी दी गईं।
स्वास्थ्य के मानसिक पहलू को संबोधित करते हुए तनाव प्रबंधन पर एक परामर्ष कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। जमशेदपुर की सैंट्रल जेल के कैदियों के लिए जाने माने वक्ता राजीव नायर ने कार्यषाला का संचालन किया। यह सत्र इस लिहाज से काफी उपयोगी साबित हुआ कि कई कैदियों को इसके जरिए अपराध बोध हुआ और उन्होंने नए सिरे से स्वस्थ जीवन षुरू करने का संकल्प लिया।
सामाजिक स्वास्थ्य के मोर्चे पर, अस्पताल के डाॅक्टरों और कर्मचारियों की टीम ने मिषनरी आॅफ चैरिटी तथा चेशायर होम, जमशेदपुर केमानसिक एवं शरीरिक रूप से निःशक्त निवासियों के साथ समय बिताया। अस्पताल ने इन लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य जांच तथा परामर्श की सुविधा भी प्रदान की।
सप्ताह भर तक चले ये आयोजन विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर संपन्न हो गए और इनके जरिए अस्पताल ने 2000 से अधिक लोगों से संपर्क बनाया जिनमें कैदियों से लेकर मानसिक एवं षारीरिक रूप से कमज़ोर तथा बीमार व्यक्ति भी षामिल थे।
इन गतिविधियों के बारे में विनीत सैनी, फैसिलटी डायरेक्टर, ब्रह्मानंद नारायणा मल्टीस्पेष्यलिटी अस्पताल, जमशेदपुर ने कहा कि जमषेदपुर के विभिन्न भागों में आयोजित स्वास्थ्य कार्यक्रम विष्व स्वास्थ्य संगठन के ध्येय के अनुरूप हैं। हमें खुशी है कि बतौर संगठन हम अपनी निर्धारित भूमिकाओं से कहीं आगे निकलकर जिम्मेदारियों को निभा पा रहे हैं और समाज के निःषक्त-जनों तथा उपेक्षित समुदायों के लिए कुछ करने में सक्षम हैं।
विष्व स्वास्थ्य दिवस का आयोजन हर साल 7 अप्रैल को किया जाता है। इसी दिन 1948 में विष्व स्वास्थ्य दिवस का गठन किया गया था। यह दिन हर समुदाय के लोगों को ऐसी गतिविधियों से जुड़ने में मदद करता है जो उन्हें बेहतर स्वास्थ्य की ओर ले जा सकें। विष्व स्वास्थ्य दिवस को सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दों से जुड़े अनेक सरकारी एवं गैर-सरकारी संगठनों द्वारा मान्यता हासिल है।

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