BHUNESWAR NEWS :टाटा स्टील माइनिंग ने जनजातीय संस्कृति को प्रदर्शित करने वाली जीवंत प्रदर्शनी का आयोजन किया

~विश्व के मूलनिवासी लोगों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस ~

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भुवनेश्वर: क्या आपने कभी सोचा है कि आदिवासी समुदाय के लड़के अपनी प्रेमिका को कैसे प्रपोज करते हैं? हवा में प्यार, आंखों में रोमांस, होठों पर मुस्कान और गुलाब नहीं बल्कि एक कंघी, हाथ में बांस से बनी एक जटिल डिजाइन वाली कंघी जिसे वे प्रपोज करते समय लड़की को गिफ्ट करते हैं। हम बात कर रहे हैं ओडिशा की जुआंग जनजाति की।

कहानी काफी दिलचस्प है। जुआंग लड़का इसे अपनी पसंद की लड़की को उपहार देता है और अगर लड़की इसे स्वीकार कर लेती है और इसे अपने बालों में लगा लेती है, तो जोड़ी बन जाती है। और बहुत खूब, वे एक दूसरे से शादी करने के लिए तैयार है।

विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह की इस कम ज्ञात दिलचस्प परंपरा ने बुधवार को टाटा स्टील फाउंडेशन के सहयोग से टाटा स्टील माइनिंग द्वारा अपनी सुकिंदा क्रोमाइट माइन में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस के जश्न में कई दिलों को चुरा लिया।

कंपनी ने, पारंपरिक जनजातीय सांस्कृतिक विरासत के उत्सव में, आदिवासी कलाकृतियों, आदिवासी रसोई के बर्तनों, संगीत वाद्ययंत्रों, कृषि उपकरणों, पोशाकों और आभूषणों पर प्रकाश डालते हुए एक मनोरम प्रदर्शनी का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम में हो, संथाल, मुंडा, भूमिज जैसे आदिवासी समुदायों और जुआंग और मैनकिडिया जैसे पीवीटीजी ने भाग लिया और आगंतुकों को आकर्षक कहानियों से मंत्रमुग्ध कर दिया, जो विभिन्न आदिवासी समूहों के अद्वितीय रीति-रिवाजों और परम्पराओं के बारे में बताती हैं।

इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाते हुए, प्रीतिरंजन घराई, माननीय मंत्री, ग्रामीण विकास, कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा, ओडिशा सरकार ने प्रसन्नता व्यक्त की और कहा, “इस विशेष अवसर पर यहां आना मेरे लिए खुशी की बात है और मैं जनजातीय विरासत के विभिन्न पहलुओं का जश्न मनाने के लिए इतना सुंदर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए टीम के सभी सदस्यों को धन्यवाद देता हूं।”

कार्यक्रम में सभा को संबोधित करते हुए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के राज्य समन्वयक परमानंद पटेल ने एससी एवं एसटी समुदायों के अधिकारों पर प्रकाश डाला और समुदायों के लिए सरकार द्वारा लागू की गई विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला।

टाटा स्टील माइनिंग के प्रबंध निदेशक, पंकज सतीजा ने कहा, “हमने हमेशा विविधता पूर्ण आदिवासी विरासत और संस्कृति की रक्षा करने और उसका जश्न मनाने और आदिवासी जीवन शैली के प्रति सम्मान को बढ़ावा देने का प्रयास किया है। यह आदिवासी और जनजातीय भोजन, औषधीय विधियों, संगीत, विरासत आदि को बढ़ावा देने की पहल की एक श्रृंखला का हिस्सा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि समृद्ध परंपरा भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित रहे। हम अपनी विभिन्न पहलों के माध्यम से आदिवासी समुदायों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

पारंपरिक जनजातीय उपचार शैली, जनजातीय संगीत और संगीत वाद्ययंत्र, प्रामाणिक जनजातीय खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने और जैव विविधता पर आदिवासी  समुदाय की कहानियों का दस्तावेजीकरण करने के अपने प्रयास में, टाटा स्टील माइनिंग ने अतीत में ग्रीन थेरेपी, सरजोम बा, प्रजातीय खाद्योत्सव, जैबा कला विविधता, स्नैक्स आर फ्रेंड्स जैसे कई कार्यक्रमों और जैव विविधता पर अनोखी कहानी मंचन सत्र का सफलतापूर्वक आयोजन किया है। कंपनी वर्तमान में जैव विविधता पर आदिवासी समुदाय की कहानियों का दस्तावेजीकरण कर रही है।

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