जमशेदपुर।
स्थानीय पुलिस प्रशासन व स्टील स्ट्रिप व्हील्स कंपनी प्रबंधन की मिलीभगत से आरोपित अधिकारियों को कानूनी कार्यवाई से छूट देकर शहर से बाहर जाने देने तथा मज़दूरों की माँगों पर कार्यवाई न होने के विरोध में भोजपुरी नवचेतना मंच के नेता अप्पू तिवारी की अगुआई में मंच के प्रतिनिधिमंडल द्वारा पीड़ित श्रमिकों को न्याय दिलाने हेतु ‘मज़दूर सत्याग्रह’ अभियान के तहत ज़िले के वरीय पुलिस अधीक्षक व उपायुक्त से मिलकर अविलंब दोषियों की गिरफ़्तारी की माँग की गयी । इस दौरान 13अप्रैल को कंपनी गेट के समक्ष हुए घटनाक्रम से संबंधित फ़ोटोग्राफ व फूटेज भी वरीय प्रशासनिक अधिकारियों को मंच द्वारा उपलब्ध कराते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ़्तारी की माँग की गयी । मौके पर मीडिया को संबोधित करते हुए भोजपुरी नवचेतना मंच के प्रांतीय अध्यक्ष अप्पू तिवारी ने कहा की श्रमिकों के शांतिपूर्ण आंदोलन को कंपनी प्रबंधन ने हिंसक रूप दिया जिससे स्थिति अनियंत्रित हुई । घटनाक्रम के एक महीने बीतने के पश्चात भी पीड़ित श्रमिक न्याय हेतु सरकारी बाबुओं से गुहार लगा रहे हैं किंतु कोई भी सुनने को तैयार नहीं । कुल मिलाकर थाना से लेकर एसपी , एसडीओ , श्रम विभाग में भ्रष्टाचार का बोलबाला है तथा ज़िम्मेदार पदाधिकारी मामले की लीपापोती करने में जुटे हैं । श्रमिकों के संग मारपीट , अप्राकृतिक यौनाचार करने वालों को बचाया जा रहा है और श्रम कानून के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वाले लोग जेल भेजे जा रहे हैं । उन्होंने कहा की यदि आरोपित लोगों को जेल न भेजकर प्रशासन ने शहर से बाहर जाने दिया तो इस मामले की शिकायत राज्य के सीएम तथा न्यायालय में की जाएगी । इस दौरान विशेष रूप से भोजपुरी नवचेतना मंच के अप्पू तिवारी , उमाशंकर सिंह , अंकित आनंद , कुमारेश उपाध्याय , दिनेश उपाध्याय , धर्मवीर कुमार , विकास कुमार , संजीव ठाकुर , कृष्णा दास , जयदीप मुखर्जी , दीपक पाठक , रवि , मस्त कुमार सिंह , कृष्ण मोहन सिंह , दिलीप कुमार , विकास कुमार , समेत अन्य उपस्थित रहें ।
अतः पुलिस के पक्षपातपूर्ण कार्यवाई के विरोध स्वरुप पांच सूत्रीय मांग निम्नलिखित है :
● श्रमिक नेता राजीव पाण्डेय के शिकायत पर दर्ज़ प्राथमिकी के आधार पर आरोपित कंपनी अधिकारीयों व बाउंसरों को अविलंब गिरफ़्तार किया जाए ।
● अस्थाई कर्मी धर्मवीर कुमार के संग हुए अप्राकृतिक यौनाचार मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज़ कर मामले में संलिप्त दोषियों की गिरफ़्तारी संबंधित आदेश पारित किये जाए ।
● इन शिकायतों के आलोक में श्रम विभाग द्वारा 27मई,2016 को श्रम कार्यालय में त्रिपक्षीय वार्ता बुलाई गयी है । अतः यह सुनिश्चित किया जाए की इस मामले में संलिप्त कंपनी के दोषी अधिकारी व सुरक्षाकर्मी किसी भी परिस्थिति में शहर छोड़कर न जाने पायें ।
