भागलपुर।
बिहार के भागलपुर से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाली लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा हिस्सा रविवार देर रात भरभरा कर गंगा नदी में समा गया। घटना के बाद पुल पर वाहनों की आवाजाही को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रोक दिया गया है। मरम्मत कार्य में बरती गई लापरवाही के कारण हुए इस हादसे ने बिहार के एक बेहद महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग को ठप कर दिया है, जिससे यात्रियों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पिलर 133 का स्लैब गंगा में समाया
सोमवार (4 मई) की देर रात पुल के पिलर नंबर 133 का एक बड़ा स्लैब अचानक टूटकर गंगा नदी में समा गया। इस घटना के बाद से पुल पर वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया गया है। गनीमत यह रही कि जिला प्रशासन और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों की तत्परता के कारण एक बहुत बड़ी जनहानि होने से टल गई। हालांकि, इस महत्वपूर्ण पुल के क्षतिग्रस्त होने से उत्तर बंगाल और सीमांचल से बिहार का सीधा संपर्क टूट गया है और यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है।
पुलिस की मुस्तैदी और सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
यह घटना सोमवार की रात करीब 12 बजकर 50 मिनट की बताई जा रही है। घटना के वक्त ट्रैफिक पुलिस के जवान पुल पर ही मुस्तैद थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि रात करीब 12:35 बजे पिलर 133 के पास का स्लैब धंसने लगा था। खतरे का अंदेशा होते ही पुलिस और स्थानीय अधिकारियों (एसएचओ) ने तुरंत मोर्चा संभाला और पुल पर मौजूद लोगों व वाहनों को सुरक्षित वहां से निकाल लिया। लोगों को वहां से हटाने के महज 15 मिनट के भीतर ही वह भारी-भरकम स्लैब सीधे गंगा नदी में जा गिरा। जिस समय स्लैब गिरा, उस पर कोई वाहन मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा रुक गया।
2001 में यूपी पुल निगम ने किया था निर्माण, 25 साल में ही हुआ धराशायी
यह घटना पुल निर्माण की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है। लगभग 4.50 किलोमीटर लंबे इस महासेतु का निर्माण साल 2001 में यूपी पुल निगम द्वारा किया गया था। यह बेहद हैरानी और चिंता का विषय है कि मात्र 25 सालों के भीतर ही इतना महत्वपूर्ण पुल टूटकर बिखर गया। विक्रमशिला सेतु बिहार के लिए केवल एक पुल नहीं, बल्कि सीमांचल और नॉर्थ बंगाल को जोड़ने वाला एकमात्र और बेहद व्यस्त मार्ग है। इसके बंद होने से व्यापार और आम जनजीवन पर व्यापक असर पड़ना तय है।
डीएम ने दी अहम जानकारी, मुंगेर के रास्ते किया गया रूट डायवर्ट
घटना के बाद हालात का जायजा लेने पहुंचे भागलपुर के जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि भागलपुर और नवगछिया दोनों ही तरफ से पुल को एहतियातन पूरी तरह सील कर दिया गया है। सुरक्षा कारणों से रात में कोई नया वैकल्पिक मार्ग शुरू करना संभव नहीं था, लेकिन जो यात्री भागलपुर आना चाहते हैं, उनके लिए रूट डायवर्ट कर मुंगेर की तरफ से आने की व्यवस्था की जा रही है। जिला प्रशासन लगातार नए वैकल्पिक मार्गों की तलाश में जुटा हुआ है।
जांच के लिए पहुंची विशेषज्ञों की टीम, फंड जारी होने का है इंतजार
घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञों, आला अधिकारियों और इंजीनियरों की विशेष टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गई हैं और मामले की बारीकी से जांच कर रही हैं। सड़क निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता साकेत कुमार रोशन ने स्थिति की पुष्टि करते हुए कहा कि पुल का एक हिस्सा टूटकर गिर गया है। फिलहाल वैकल्पिक रास्ते की तैयारियां चल रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुल के रखरखाव और मरम्मत के लिए विभाग को सूचित कर दिया गया है। मरम्मत कार्य के लिए अभी फंड जारी नहीं हुआ है; जैसे ही सरकार की तरफ से फंड जारी किया जाएगा, पुल को ठीक करने का काम तुरंत शुरू कर दिया जाएगा।



