
नीजी बैंकों से हमारी कोई प्रतिस्पद्र्धा नहीं: महापात्रा
जमशेदपुर: बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक सह सीईओ दीनबंधू महापात्रा ने कहा देश के विकास में वितीय संस्थानों की महती भूमिका है. पिछड़ापन दूर होने से ही देश तरक्की करेगा. इस दिशा में सरकार के साथ-साथ बैंक भी कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं. वे शुक्रवार को बैंक ऑफ इंडिया की ओर से सहयोग एवं संपर्क कार्यक्रम के तहत आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने शहर आए हैं. मिडियाकर्मियों से बात करते हुए दीनबंधू महापात्रा ने कहा कि सरकारी बैंकों की नीजी बैंकों से कोई प्रतिस्पद्र्धा नहीं हैं. बल्कि हमारी प्रतिस्पद्र्धा खूद से हैं. जिससे हम ग्राहकों के विश्वास पर खरा उतर सकें. उन्हें ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं एवं लाभ प्रदान कर सकें. इसी का हिस्सा सहयोग एवं संपर्क हैं. प्रबंध निदेशक ने कहा कि अब लोन देने में बैंकों को कोई परेशानी नहीं है. क्योंकि लोन वाले का सारा डाटा आज कल ऑनलाईन है. जरूरत के हिसाब से उसकी जांच मिनटों में की जा सकती है. एनपीए के संबंध में उन्होंने कहा कि छोटे उद्यमी की तुलना में बड़े उद्यमी इस श्रेणी में ज्यादा हैं. हालांकि एमएसएमई के तहत भारत सरकार के वित विभाग ने एनपीए को लेकर गारंटी फंड बनाया है. जो बैंकों को बल प्रदान करता है. देश में खासकर पूर्वोतर भारत में बैंक की शाखाएं बढ़ाने के संबंध में पुछे जाने पर उन्होंने कहा कि बैंक शाखाएं बढ़ाने बजाय डीजी बैंकिंग को बढ़ावा दे रहा हैं. गांव-गांव में बीसी (बैंक समन्वयक) बहाल कर रहा है. जिससे लोगों को मौके पर ही रुपये लेने एवं जमा करने में सहुलियत हो.
पाठशाला-प्रयोगशाला के तहत चलाया जा रहा जागरूकता
बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक सह सीईओ ने कहा कि हाल के दिनों में साईबर क्राइम के मामले बढ़े हैं. हालांकि दूसरे देशों की अपेक्षा भारत में इसके मामले में कम हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से लोगों को अवगत कराने तथा शिक्षित कराने के लिए बैंक की ओर से पाठशाला एवं प्रयोगशाला नामक कार्यक्रम गावों में चलाया जा रहा है. इसके जरीए लोगों को शिक्षित किया जा रहा है. साथ ही प्रायोगिक तौैर पर उन्हें प्रशिक्षित भी किया जा रहा है. इसी तरह शिक्षा ऋण लेने वालों को समय पर जॉब नहीं मिलने पर बैंकों की ओर से कौशल विकास से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाकर ऐसे लाभूकों के स्वरोजगार में मदद की जा रही है

