Author: BJNN Desk

जमशेदपुर। गोलमुरी के टुइलाडुंगरी स्थित गाढ़ाबासा कम्युनिटी सेन्टर में चल रहे श्रीमद भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ महोत्सव के दूसरे दिन व्यास पीठ से कथावाचक आचार्य आशुतोष तिवारी शांडिल्य जी महराज (अयोध्या धाम से आये) ने कथा के माध्यम से बताया कि भागवत कथा सुनने से जीव का ही नहीं अपितु धुंधकारी जैसे प्रेत का भी कल्याण करके उसे परम् गति प्रदान कर देता है। जैसे गंगा लोगों को पवित्र करती है वैसे कथा गंगा लोको को पवित्र करती है। कथा श्रवण मात्र से अज्ञान समाप्त होकर ज्ञान प्राप्त होता है। ये कथा भक्ति, ज्ञान वैराग्य को पुष्ट करती है ओर…

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‘सफर-ए-शहादत’ का सातवां दिन: निडरता के प्रतिक छोटे साहिबजादों की शहादत वृतांत सुन नम हुई संगत की आँखे सर्व्वोच्च शहादत पर गर्व महसूस कर आंखों में आंसू लिए दिवान से विदा हुई संगत जमशेदपुर। साकची गुरुद्वारा मैदान में ऐसा सुखद माहौल था जिसे एक गुरु का सच्चा सिख ही समझ सकता था, एक तरफ़ संगत नम आँखे लेकर दीवान से बाहर निकल रही थी दूसरी तरफ इन गौरवशाली क्षणों पर गर्व करते हुए नम आँखो से ही बोले सो निहाल के जयकारे लगा रही थी। मौक़ा था ‘सफर-ए-शहादत’ शहीदी सप्ताह का सातवां दिन और अंतिम दिन का विशेष समागम जहाँ…

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जमशेदपुर । पटमदा प्रखंड के जिला पार्षद खगेन महतो ने अपने क्षेत्र के स्थानीय किसानों को नई तकनीक से खेती करने के लिए प्रेरित किया और कहा कि नई तकनीक से खेती करने पर किसानों की तकदीर बदलने वाली है । उन्होंने कहा कि किसान विशेषज्ञ डॉक्टर अमरेश महतो के मार्गदर्शन में उक्त खेती किया जा रहा है । वहीं मौके पर उपस्थित दीन बंधु ट्रस्ट के अध्यक्ष उत्तम चक्रवर्ती और महासचिव नागेन्द्र कुमार ने कहा कि आटि पुआल मशरूम प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉक्टर अमरेश महतो ने देश व राज्य के किसानों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने…

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जमशेदपुर । जिला विधिक सेवा प्राधिकार पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर द्वारा 90 दिन के आउटरीच कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को घाघीडीह सेन्ट्रल जेल में कैदियों के बीच जागरूकता अभियान चलाया गया । इस अभियान में लीगल डिफेंस कौंसिल के सदस्य रंजना श्रीवास्तव एवं अभिनव कुमार ने कैदियों के अधिकार व जेल मैन्युअल के बारे में विस्तार से जानकारी दिया । साथ ही डालसा के कार्य व उसके उद्देश्यों पर भी प्रकाश डाला गया । इस दौरान जागरूकता अभियान में घाघीडीह सेन्ट्रल जेल के पीएलवी भी उपस्थित थे ।

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जमशेदपुर। मानगो एनएच 33 स्थित वसुन्धरा स्टेट (नियर इरीगेशन कॉलोनी) में श्री शिव महापुराण कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन शुक्रवार को वृन्दावन से पधारे स्वामी वृजनंदन शास्त्री महाराज ने व्यास पीठ से गुण निघि का पूर्व जन्म, कुबेर पद की प्राप्ति एवं शिवालय महिमा वर्णन का सुंदर व्याख्यान किया। कथा के दौरान प्रसंग के आधार पर कलाकारों ने जीवंत झांकी भी प्रस्तुत की। महाराज श्री ने कहा कि स्कंद पुराण में वर्णन मिलता है कि पूर्वजन्म में भगवान कुबेर का जन्म एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था जिसका नाम गुणनिधि था। लेकिन उसमें एक अवगुण था कि वह…

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जमशेदपुर. वर्षों से सीधी बहाली की मांग पूरी न होने को लेकर टाटा स्टील निबंधित कर्मचारी पुत्र संघ ने 30दिसंबर को आमरण अनशन की चेतावनी दी है.इस संबंध में शुक्रवार को उपायुक्त को पत्र लिखकर यह जानकारी दी गई है.पत्र में संघ की ओर से बताया गया है कि वायदे के मुताबिक स्टैंडिंग ऑर्डर एवं आरक्षण नीति के तहत टाटा स्टील कर्मचारी आश्रितों की सीधी बहाली अब तक नहीं हुई है.इस संबंध में कंपनी ने उनके तमाम आवेदनों और मांगों की अवहेलना की है.इतना ही नहीं दलित व आदिवासी सफाई कर्मचारी पुत्र-पुत्रियों को अनपढ कहकर अपमानित किया गया है.सभी दलित…

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Birth Anniversary Ratan N Tata 9 अक्टूबर 2024 का दिन इतिहास में शोक और श्रद्धाभाव के साथ दर्ज हो गया, जब श्री रतन टाटा ने इस दुनिया को अलविदा कहा। उनका जाना एक ऐसा शून्य छोड़ गया है, जिसे भर पाना शायद असंभव है। भारत और दुनिया ने उस महान विभूति को खो दिया, जो सदियों में एक बार जन्म लेते हैं। आज, 28 दिसंबर, वह दिन है जब श्री रतन टाटा का 87वां जन्मदिन होता। उनके जीवन और उपलब्धियों पर विचार करते हुए, हम उन अमूल्य मूल्यों को याद करते हैं, जो उन्होंने टाटा समूह में स्थापित किए: अखंडता, उत्कृष्टता और एकता। उनके सहयोगी और परिचित उनकी सादगी और आत्मीयता की कहानियां साझा करते हैं, जो एक ऐसे व्यक्तित्व को उजागर करती हैं, जो दूरदर्शी होने के साथ-साथ बेहद सुलभ और विनम्र थे।दुनिया उन्हें भारतीय उद्योग के ‘महानायक’ के रूप में याद करती है, जिन्होंने टाटा समूह को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित ब्रांड बनाया। लेकिन उनकी यादें केवल उनके व्यवसायिक कौशल तक सीमित नहीं हैं। उन्हें उनके सौम्य स्वभाव, अडिग संकल्प और न्याय के प्रति निष्ठा के लिए भी दिल से सराहा जाता है। भविष्य को गढ़ने वाले इस महानायक ने हमें सिखाया कि सपने देखना और उन्हें साकार करना संभव है, भले ही वे समय से कहीं आगे क्यों न हों। श्री रतन टाटा ने दुनिया को पूंजीवाद और धन के नए मायने सिखाए। उन्होंने दिखाया कि करुणा और विनम्रता जैसे गुण, चाहे प्रतिस्पर्धा कितनी ही तीव्र क्यों न हो, हर समय संजोने लायक हैं। जब आधुनिक पूंजीवाद अक्सर शॉर्टकट और सुविधाजनक रास्तों पर चलने के लिए आलोचना झेलता रहा, तब श्री टाटा नैतिकता और सही आचरण का प्रतीक बनकर खड़े रहे। उन्होंने कभी भी सुविधा को सत्य और न्याय से ऊपर नहीं रखा। वह टाटा मूल्यों के जीवंत स्वरूप थे।उनके नेतृत्व में 25 से अधिक साल पहले टाटा कोड ऑफ कंडक्ट की स्थापना हुई, जो न केवल एक दस्तावेज़, बल्कि नैतिकता का मूल मंत्र बन गया। टाटा स्टील सहित टाटा समूह की हर कंपनी इस कोड को अपना मार्गदर्शक मानती है। श्री रतन टाटा ने टाटा स्टील को न केवल कठिन समय में मार्गदर्शन दिया, बल्कि उसे बदलाव और प्रगति की राह पर भी अग्रसर किया। उनकी दूरदर्शी सोच ने टाटा स्टील को एक भारतीय इस्पात निर्माता से वैश्विक धातु और खनन क्षेत्र का लीडर बनाया। दक्षिण-पूर्व एशिया और यूरोप में अधिग्रहण के माध्यम से उन्होंने कंपनी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। 2004 में, उन्होंने ओडिशा सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करके भारत में कंपनी के विस्तार की नींव रखी। यह वही राज्य बना, जिसने आने वाले वर्षों में टाटा स्टील की विकास आकांक्षाओं को साकार किया। टाटा स्टील के कर्मचारी आज भी उन्हें गहरे सम्मान के साथ याद करते हैं। उनके साथ काम करने वाले लोग उनकी इस विशेषता को याद करते हैं कि उन्होंने हमेशा अपने अधिकारियों पर पूरा भरोसा किया, कभी किसी को नीचा नहीं दिखाया, और न ही कभी झुंझलाहट या अधीरता का प्रदर्शन किया। श्री रतन टाटा एक प्रेरक प्रकाशस्तंभ थे, जिन्होंने अनगिनत व्यक्तियों को मानवता के उत्थान के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता से प्रेरित किया। श्री रतन टाटा भारतीयों के लिए सिर्फ एक उद्योगपति नहीं, बल्कि एक राष्ट्रनिर्माता थे, जिन्होंने हमेशा देशहित को व्यापारिक लाभ से ऊपर रखा। वह कॉरपोरेट परोपकार के प्रतीक थे, जिन्होंने दिखाया कि उद्योग समाज की भलाई और बदलाव का माध्यम बन सकता है। उनकी संवेदनशीलता और दूरदर्शिता ने उन्हें आम लोगों से जोड़ा। उन्होंने लोगों का दिल तब जीत लिया, जब एक दिन उन्होंने बारिश में एक चार सदस्यीय परिवार को दोपहिया वाहन पर भीगते देखा। इस दृश्य ने उन्हें व्यथित कर दिया और उन्होंने आम आदमी के लिए एक किफायती कार का सपना देखा। 26/11 के आतंकवादी हमलों के दौरान ताज होटल के बाहर खड़े होकर – शांत, दृढ़ और विचारशील – श्री रतन टाटा न केवल संकट के समय में साहस का प्रतीक बने, बल्कि सहनशीलता और करुणा का वास्तविक उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके लिए कारोबार और सामाजिक जिम्मेदारी दोनों में एक समान प्राथमिकता थी: लोग, उद्देश्य और हमेशा सही करने की अनुकूलनशील प्रतिबद्धता। उनकी सोच और नेतृत्व ने यह साबित किया कि सच्चे नेतृत्व का अर्थ केवल निर्णय लेना नहीं, बल्कि इन निर्णयों के साथ समाज के भले के लिए अडिग खड़ा रहना भी है। चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों, श्री टाटा ने हमेशा सुनिश्चित किया कि उनका हर कदम नैतिकता, मानवता और समाज के कल्याण के साथ जुड़ा रहे। श्री रतन टाटा का निधन केवल एक उद्योगपति का चले जाना नहीं था, बल्कि यह एक ऐसे व्यक्ति की अपूरणीय क्षति थी, जिन्होंने हर किसी के दिल में अपनी एक खास जगह बनाई थी, चाहे वह टाटा समूह से जुड़ा हो या नहीं। यह उस अपार श्रद्धा का प्रतिबिंब था, जब नेशनल सेंटर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स के बाहर लोग लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी भावनाओं का इज़हार करने पहुंचे। यह वही स्थान था जिसे जेआरडी टाटा ने सह-स्थापित किया था, और अब वह श्री रतन टाटा के योगदान का प्रतीक बन गया है। कुछ उद्योगपतियों को जीवन भर ऐसी सच्ची श्रद्धा और स्नेह नहीं मिलता, जो श्री रतन टाटा को हर वर्ग, पृष्ठभूमि और समुदाय से मिला। टाटा स्टील गर्व के साथ इस प्रिय और आदर्श व्यक्तित्व की जयंती मनाती है, जिन्होंने संगठन और समाज पर गहरा असर छोड़ा। उनके योगदान को सम्मानित करते हुए, टाटा स्टील अपने द्वारा किए गए कार्यों और उनके द्वारा स्थापित मूल्यों को सहेजने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः प्रकट करती है।यह अवसर सिर्फ उनके महान कार्यों को श्रद्धांजलि नहीं है, बल्कि यह वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा भी है। श्री रतन टाटा के आदर्शों को अपनाते हुए, हम एक समृद्ध, समान और न्यायपूर्ण दुनिया की दिशा में मिलकर कदम बढ़ाने का संकल्प लेते हैं।

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जमशेदपुर। संत गाडगे जागृति मंच के कोर कमिटी की सदस्यों की बैठक साकची के बोधि सोसाइटी टेंपल में सम्पन्न हुई।। बैठक में सर्व सम्मति से मिलन समारोह सह अभिनंदन समारोह स्थानीय बोधि टेंपल के सभागार में किए जाने का निर्णय हुआ।। बैठक में उपस्थित मंच के सदस्यों ने बताया कि मिलन समारोह में जहां वर्तमान परिस्थितियों पर चर्चा होगी वहीं झारखंड विधान 2024 कांके विधान सभा से नव निर्वाचित माननीय विधायक श्री सुरेश बैठा जी का अभिनंदन होगा।। संत गाडगे जागृति मंच समाज के उत्थान में अग्रणी भूमिका निभाएगा ये बाते मंच के संरक्षिका श्रीमती शारदा देवी ने बताया कि…

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नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का गुरुवार को निधन हो गया है। तबीयत बिगड़ने के बाद देर शाम उन्हें दिल्ली के AIIMS में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वह 92 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। जानकारी के अनुसार साल 2006 में मनमोहन सिंह की दूसरी बार बाईपास सर्जरी हुई थी, जिसके बाद से वह काफी बीमार चल रहे थे। गुरुवार को उन्हें सांस लेने में तक़लीफ और बेचैनी के बाद एम्स में भर्ती कराया गया था। उनका जन्म 26 सितम्बर 1932 को पश्चिमी पंजाब के गाह…

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जमशेदपुर/कोलकाता : सीआईआई यंग इंडियंस (वाईआई) जमशेदपुर ने कोलकाता में हाल ही में आयोजित वार्षिक फ्लैगशिप समिट ‘टेक प्राइड’ में शानदार प्रदर्शन किया. जमशेदपुर चैप्टर ने 2024 में राष्ट्र निर्माण और युवा नेतृत्व के विकास में अपने असाधारण योगदान के लिए चार प्रतिष्ठित पुरस्कार हासिल किए. बाल सुरक्षा की पहलों के लिए अवार्ड इन अवाड्र्स में से खास है प्रोजेक्ट मासूम की प्रभावशाली गतिविधियों का सम्मान जिनका फोकस बच्चों की सुरक्षा पर रहता है. बैडमिंटन में देश के लिए कई मेडल जीतनेवाली दिग्गज खिलाड़ी सायना नेहवाल ने यह अवार्ड प्रदान किया. सायना ने अपने संबोधन में सुरक्षित बचपन की दिशा…

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