जमशेदपुर शनिवार को मुख्तार अंसारी गैंग के कुख्यात शूटर अनुज कनौजिया को मुठभेड़ में मार दिया गया। एसटीएफ की गोरखपुर इकाई ने अनुज कनौजिया को झारखंड के जमशेदपुर में मार गिराया। झारखंड और गोरखपुर एसटीएफ के संयुक्त ऑपरेशन में मारा गया अनुज कनौजिया मऊ का रहने वाला था। उसके ऊपर ढाई लाख रुपये का इनाम था। अनुज कनौजिया पर बीते गुरुवार को इनाम की राशि ढाई गुना बढ़ा दी गई थी। अब यह घोषित राशि ढाई लाख रुपये हो गई थी। इससे पहले यह इनाम की राशि एक लाख रुपये थी। मुख्तार अंसारी के शूटर और फरार अपराधी अनुज कनौजिया…
Author: BJNN Desk
जमशेदपुर। शहर के गोविंदपुर थाना क्षेत्र के यूपी एसटीएफ और जमशेदपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई मुख्तार अंसारी गैंग का कुख्यात शूटर अनुज कन्नौजिया पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। उत्तर प्रदेश एसटीएफ (गोरखपुर यूनिट) और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे जमशेदपुर में घेर लिया, जिसके बाद दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई। इस मुठभेड़ में अनुज को ढेर कर दिया गया। अनुज कन्नौजिया पर 2.5 लाख रुपये का इनाम घोषित था और पुलिस को कई संगीन मामलों में उसकी तलाश थी। पुलिस के अनुसार, वह मुख्तार अंसारी गैंग के लिए शूटरों की भर्ती करने और हत्याओं की साजिश रचने…
जमशेदपुर : षष्ठम झारखंड विधानसभा का द्वितीय (बजट) सत्र की समाप्ति के बाद पोटका विधायक संजीव सरदार पुनः अपने क्षेत्र के ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान में जुट गए हैं। शनिवार को उन्होंने तुरामडीह कार्यालय में जनता दरबार लगाया, जहां ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को रखा। विधायक ने मौके पर ही कई समस्याओं का समाधान किया और शेष मामलों को संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। हर हाल में जनता के बीच रहते हैं विधायक पोटका विधायक संजीव सरदार की पहचान एक जनप्रिय नेता के रूप में है, जो हर परिस्थिति में जनता के बीच रहते हैं। चाहे आंधी हो,…
National/Jamshedpur, 29th March 2025: Tata Power, one of India’s largest integrated power companies, has been officially recognized as a Dual Awarding Body (AB -Dual) under the National Council for Vocational Education and Training (NCVET). This significant recognition, formalized through an agreement, empowers Tata Power to assess, certify, and award qualifications to learners trained at its skill development arm, Tata Power Skill Development Institute (TPSDI)- premium institute supported by Tata Power, which is also equipping youth with expertise for the booming energy sector . The agreement was signed by Mr. Alok Prasad (Head – TPSDI) on behalf of Tata Power and Col.…
भारतीय रेलवे द्वारा माल और यात्री संचालन से उत्पन्न राजस्व पिछले पाँच वर्षों में निम्नलिखित रहा है: वित्तीय वर्ष राजस्व (₹ करोड़ में) मालभाड़ा 2019-20 1,13,488 2020-21* 1,17,232 2021-22* 1,41,096 2022-23 1,62,263 2023-24 1,68,293 *COVID वर्ष भारतीय रेलवे द्वारा 2019-20 से 2023-24 तक फ्लेक्सी फेयर, तत्काल और प्रीमियम तत्काल से अर्जित राजस्व लगभग 5.7% है जो यात्री सेवाओं से कुल प्राप्त राजस्व का हिस्सा है। टिकटों के रद्द होने पर जो राशि अर्जित होती है, वह अलग से दर्ज नहीं की जाती है। 01.04.24 तक, भारतीय रेलवे में लगभग 79,000 कोच चलाए जा रहे हैं। इसके विवरण निम्नलिखित हैं: कक्षा कोचों की संख्या सीटों की संख्या सामान्य और गैर-एसी स्लीपर ~56,000 (कुल का 70%) ~51 लाख एसी कोच ~23,000 ~14 लाख कुल ~79,000 ~65 लाख 2019-20 से 2023-24 तक यात्री सीटों और राजस्व का विवरण निम्नलिखित है: कक्षा कुल सीटों का औसत % हिस्सा कुल यात्री राजस्व का औसत % हिस्सा गैर-एसी कोच (सामान्य / स्लीपर आदि) ~82% ~53% एसी कोच ~18% ~47% यह जानकारी रेलवे, सूचना और प्रसारण मंत्रालय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव
जमशेदपुर। जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र में हाल के दिनों में आपराधिक घटनाओं में हुई वृद्धि और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को लेकर विधायक पूर्णिमा साहू ने गहरी चिंता जताई है। आम नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने शनिवार को वरीय पुलिस अधीक्षक किशोर कौशल से मुलाकात की। इस दौरान विधायक प्रतिनिधि गुंजन यादव भी मौजूद रहे। एसएसपी कार्यालय में हुए इस मुलाकात के दौरान विधायक पूर्णिमा साहू ने एसएसपी किशोर कौशल को एक विस्तृत पत्र सौंपा, जिसमें क्षेत्र में व्याप्त अपराध की गंभीर स्थिति पर ध्यान आकृष्ट कराते हुए त्वरित और कठोर कार्रवाई…
जमशेदपुर। गोपाल मैदान (रीगल मैदान) में बरसों बरसों से बना हुआ सार्वजनिक मंच जहां से नेता अभिनेता एवं प्रशासनिक तौर पर भी कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं, आज उसकी स्थिति बद से बदतर हो गयी है, कहीं ना कहीं दुर्घटनाओं को आमंत्रण देता नजर आ रहा है। उक्त मंच की ओर कई लोगों की नजर जाती रही है लेकिन अनदेखा होते आ रहा है। आज जब मैं देखा तो काफी दयनीय स्थिति लगी जो आने वाले किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटनाओं का सबब बन सकता है। आज के समय इसकी उपयोगिता है पर दुर्दशा के कारण उपयोग में…
-डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसी स्टैंडर्ड्स ऑफ परफार्मेंस रेगुलेशन्स 2015 (झारखंड स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन) में है यह व्यवस्था -जुर्माने की राशि अफसर और कर्मचारी अपनी जेब से भरेंगे -टाटा स्टील की बिजली हो या राज्य सरकार की, जुर्माना देना होगा -जन-जागरुकता की कमी के कारण इस नियम के तहत नहीं हो रहे दावे जमशेदपुर। क्या आपको पता है कि अगर आपके (शहरी) घर के पास का ट्रांसफार्मर खराब हो गया हो या जल गया हो और 12 घंटे के भीतर उसे ठीक न किया गया अथवा बदला न गया तो क्या होगा? आप अगर अधीक्षण अभियंता के कार्यालय में दावा करेंगे तो…
रेल खबर। 31.03.2024 तक, भारतीय रेलवे के पास लगभग 4.90 लाख हेक्टेयर भूमि है, जिसमें से 8812 हेक्टेयर भूमि विभिन्न उद्देश्यों के लिए पट्टे पर दी गई है। इसमें यात्री सुविधाओं, मालवाहन सुविधाओं, व्यावसायिक विकास आदि के लिए पट्टे पर दी गई रेलवे भूमि शामिल है। क्षेत्रवार कुल रेलवे भूमि और पट्टे पर दी गई भूमि का विवरण निम्नलिखित है: (संख्याएँ हेक्टेयर में) क्षेत्रीय रेलवे कुल रेलवे भूमि पट्टे पर दी गई कुल भूमि केंद्रीय 31,476 168 पूर्वी 21,082 469 पूर्व मध्य 33,644 2,437 पूर्व तट 23,010 273 उत्तरी 46,447 474 उत्तर मध्य 21,149 220 उत्तर-पूर्वी 25,899 326 पूर्वोत्तर सीमा 48,469 1,214 उत्तर पश्चिमी 27,555 87 दक्षिणी 26,953 365 दक्षिण मध्य 40,600 237 दक्षिण पूर्वी 34,877 970 दक्षिण पूर्व मध्य 23,085 368 दक्षिण पश्चिमी 19,893 197 पश्चिमी 38,275 620 पश्चिम मध्य 23,656 183 मेट्रो 152 0.42 उत्पादन इकाइयाँ 3,989 204 कुल 490,211 8,812.42 भारतीय रेलवे के पास जो भूमि है, उसका उपयोग ट्रैक, स्टेशन, टर्मिनल, कार्यशालाएँ, उत्पादन इकाइयाँ आदि जैसी स्थिर अवसंरचना प्रदान करने के लिए किया जाता है। इसके अतिरिक्त, रेलवे भूमि को सरकारी विभागों, केंद्रीय विद्यालयों, सार्वजनिक सेवा उपयोगकर्ताओं, निजी क्षेत्रों को रेलवे से संबंधित गतिविधियों जैसे यात्री सुविधाओं, मालवाहन सुविधाओं आदि के लिए पट्टे पर दी जाती है, जबकि स्वामित्व रेलवे के पास ही रहता है, जैसा कि मौजूदा नीति में निर्धारित है। जो अधिशेष रेलवे भूमि भविष्य में ऑपरेशनल उद्देश्य के लिए आवश्यक नहीं है, उसे रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) के पास व्यावसायिक विकास के लिए पट्टे पर देने के लिए सौंपा जाता है। व्यावसायिक रूप से विकसित भूमि का स्वामित्व हमेशा रेलवे के पास रहता है। यह जानकारी रेलवे, सूचना और प्रसारण मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा कल राज्यसभा में लिखित उत्तर में दी गई।
अजय धारी सिंह मधुबनी: मधुबनी जिले मैं कल 21 प्रखंड है जिसमें राजनगर प्रखंड का रामपट्टी गांव के मनमोहन उच्च विद्यालय का छात्र दुर्गेश कुमार कर्ण बिहार में टॉप 10 नाम दर्ज कराकर जिला टॉपर बना है। दुर्गेश की माता पुष्पा कर्ण रघुवीर चक प्राइमरी विद्यालय में शिक्षक है, जबकि पिता श्री अरुण कुमार कर्ण बच्चों को ट्यूशन पढ़कर जीवन यापन करते हैं। दुर्गेश ने बताया कि वह बड़ा होकर यूपीएससी कंप्लीट करना चाहता है और उसके आदर्श स्वामी विवेकानंद हैं। उसने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता और गुरुजन को…
