डीजीपी से मिला प्रतिनिधिमंडल
जमशेदपुर : सीतारामडेरा थाना में रविवार की शाम पत्रकारों के ऊपर निर्दयतापुवर्क पुलिस के हमले के विरोध में सोमवार जुबली पार्क में पत्रकारों ने एक बैठक रखी. इसमें शहर के सारे पत्रकारों समेत ग्रामीण क्षेत्र के भी पत्रकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर पत्रकार एकता का परिचय दिया और सभी ने रविवार को पुलिसिया कार्रवाई पर अपना विरोध प्रकट किया जिसमें सभी ने अपने-अपने विचार रखते हुए कहा कि यह हमला सोची-समझी रणनीति के तहत पत्रकारों का परिचय पूछ-पूछ कर उन्हें पीटा गया, जिसकी वजह से कई पत्रकार को गंभीर चोटें आई. पत्रकारों पर इस तरह का हमला पुलिस के वरीय अधिकारी के अनुमति के वगैर नही हो सकता. यह हमला पत्रकारों के निष्पक्ष पत्रकारिता को अपना धौंस दिखाकर डराने, दबाने के मकसद से किया गया हैं. इस पूरे मामले को साजिश करार करते हुए कहा कि इसकी उच्चस्तरीय जांच हो ताकि यह पता चले कि इस हमले का मास्टर माइंड का पता हो और सरकार उसके खिलाफ उचित कारवाई करें ताकि पत्रकारों पर इस तरह के बार0बार हमले बंद हो. पत्रकारों ने कहा कि एसपी ने 48 घंटे का समय मांगा हैं. अगर उसके भीतर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नही होती हैं तो हम अब चुप नही बैठेंगे, जब तक कार्रवाई नही होती हैं. तब तक काला बिल्ला लगाकर अपनी ड्यूटी करेंगे. सभी पत्रकार एक हैं और एक रहेंगे. इस बैठक में तय किया गया कि वे लोग रांची में जाकर राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और इस मामले की न्यायिक व मजिस्ट्रेरियल जांच की मांग करेंगे. इस मामले में डीएसपी केएन मिश्रा की भूमिका की जांच करने और उसके ऊपर कार्रवाई करने की मांग की है. यहां तय किया गया कि वे लोग राज्यपाल के पास चले जायेंगे. दूसरी ओर, पत्रकारों ने रांची में डीजीपी डीके पांडेय, एडीजी अनुराग गुप्ता से मिलकर उच्च स्तरीय जांच कर सभी दोषियों पर कार्यवाई के लिये लिखित ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई करने की मांग की. डीजीपी ने इस मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की है.




