जमशेदपुर। देश की प्रमुख हेल्थ और वेलनेस कंपनी एम्वे इंडिया ने भारत सरकार की राष्ट्र-निर्माण प्राथमिकताओं और विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण से जुड़ते हुए न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद श्रेणी में एक रणनीतिक विस्तार की घोषणा की है। स्वास्थ्य और बचाव-आधारित वेलनेस के प्रति बढ़ती उपभोक्ता मांग को देखते हुए कंपनी ने नौ नए आयुर्वेदिक उत्पाद पेश करने की योजना बनाई है। एम्वे ने अगले दो वर्षों में इस नए वर्टिकल से 100 करोड़ का कारोबार हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। कंपनी की ओर से पूर्व में पेश किए गए न्यूट्रिलाइट च्यवनप्राश की सफलता के बाद यह नया विस्तार सदियों पुरानी आयुर्वेदिक परंपरा को वैज्ञानिक सटीकता के साथ प्रस्तुत करता है। यह नए उत्पाद 8 सितंबर 2026 से एम्वे के सभी अधिकृत डायरेक्ट सेलिंग नेटवर्क और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। इन उत्पादों में इस्तेमाल होने वाली जड़ी-बूटियां जैविक (ऑर्गेनिक) खेती करने वाले न्यूट्रीसर्ट प्रमाणित खेतों से जिम्मेदार तरीके से ली जाती हैं और इन्हें तमिलनाडु स्थित एम्वे की अत्याधुनिक निर्माण इकाई में तैयार किया जाता है। एम्वे इंडिया के प्रबंध निदेशक रजनीश चोपड़ा ने कहा कि आयुर्वेद की अपार संभावनाओं पर भरोसा जताते हुए हमने अगले दो वर्षों में न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद को 100 करोड़ का ब्रांड बनाने का लक्ष्य रखा है। पोषण में हमारी गहरी विशेषज्ञता, न्यूट्रिलाइट के 90 वर्षों से अधिक के बॉटनिकल साइंस और आधुनिक वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर हम भारत के रणनीतिक आयुर्वेदिक रोडमैप में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार हैं। पहले चरण में लॉन्च हुए तीन मुख्य फॉर्मूलेशनः-कालमेघ, लिवर (यकृत) के सुचारू और बेहतर कामकाज में सहायता प्रदान करता है। पहले चरण में तीन आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन बाजार में आ रहे हैं। कालमेघ लिवर के बेहतर कामकाज में मदद करता है। शिग्रु (मोरिंगा) शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा होने और सूजन को कम करने में मदद करता है। वृक्षाम्ल (गार्सिनिया) मेटाबॉलिज्म बेहतर बनाने और पेट भरे रहने का अहसास बनाए रखने में मदद करता है।

