
जमशेदपुर। आगामी 29 दिसंबर 2025 को देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर के 15वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने आदित्यपुर पहुँचेंगी। एनआईटी के 65 वर्षों के इतिहास में यह पहला अवसर होगा, जब किसी राष्ट्रपति का प्रत्यक्ष आगमन हो रहा है। यह क्षण न केवल संस्थान बल्कि पूरे आदित्यपुर और जमशेदपुर के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है।
एनआईटी जमशेदपुर: तकनीकी शिक्षा का प्रतिष्ठित केंद्र
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) जमशेदपुर, जिसे पहले रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (RIT) के नाम से जाना जाता था, की स्थापना 15 अगस्त 1960 को भारत सरकार और तत्कालीन बिहार सरकार के संयुक्त प्रयास से की गई थी। इसका उद्देश्य उच्चतम मानकों के तकनीकी स्नातक तैयार करना था, जो क्षेत्र और देश को तकनीकी नेतृत्व प्रदान कर सकें।
देश के पहले आठ RECs में शामिल
एनआईटी जमशेदपुर देश के पहले आठ रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेजों (RECs) में शामिल रहा है, जिनकी स्थापना दूसरे पंचवर्षीय योजना (1956–1961) के तहत की गई थी। यह देश का एकमात्र ऐसा REC था, जिसे RIT नाम दिया गया, जिससे यह अविभाजित बिहार और झारखंड का प्रमुख तकनीकी संस्थान बना।
डॉ. श्रीकृष्ण सिन्हा ने रखी आधारशिला
RIT जमशेदपुर की आधारशिला तत्कालीन बिहार के मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिन्हा ने रखी थी। उनका उद्देश्य प्रतिभाओं को निखारना और तकनीकी शिक्षा में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करना था।
RIT से NIT बनने की यात्रा
27 दिसंबर 2002 को भारत सरकार के निर्णय के अनुसार RIT जमशेदपुर को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का दर्जा दिया गया। इसके बाद 1 अप्रैल 2003 से यह संस्थान शिक्षा मंत्रालय (MoE), भारत सरकार के अधीन पूर्ण रूप से संचालित होने लगा। 15 अगस्त 2007 को संसद द्वारा पारित NIT अधिनियम के तहत इसे “राष्ट्रीय महत्व का संस्थान” घोषित किया गया।
11 विभाग, सशक्त शैक्षणिक ढांचा
वर्तमान में एनआईटी जमशेदपुर में इंजीनियरिंग, विज्ञान और मानविकी सहित कुल 11 विभाग संचालित हैं। संस्थान में लगभग 200 फैकल्टी सदस्य, 4000 छात्र तथा 150 प्रशासनिक एवं सहायक कर्मचारी कार्यरत हैं।
हरित और आत्मनिर्भर परिसर
341.3 एकड़ में फैला यह संस्थान जमशेदपुर के बाहरी क्षेत्र में स्थित है। पहाड़ियों, जंगलों और नदी से घिरा यह परिसर प्राकृतिक सौंदर्य और औद्योगिक परिवेश का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है, जो उच्च शिक्षा और अनुसंधान के लिए आदर्श वातावरण प्रदान करता है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस कैंपस
एनआईटी परिसर में मुख्य भवन, पुस्तकालय, कंप्यूटर सेंटर, 13 छात्रावास (7 बालक, 6 बालिका), दो निर्माणाधीन छात्रावास, स्टाफ क्वार्टर, गेस्ट हाउस, स्टूडेंट्स जिमखाना, डाकघर, एसबीआई शाखा, दो एटीएम, सेंट्रल स्टोर और डिस्पेंसरी उपलब्ध हैं। सभी विभाग और छात्रावास हाई-स्पीड वायरलेस LAN से जुड़े हैं।
खेल और सर्वांगीण विकास
संस्थान में बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन और टेनिस कोर्ट के साथ-साथ क्रिकेट, हॉकी और फुटबॉल के लिए भी समुचित मैदान उपलब्ध हैं, जो छात्रों के सर्वांगीण विकास में सहायक हैं।
उद्योगोन्मुख शिक्षा और शानदार प्लेसमेंट
समाज और उद्योग की जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रमों के पुनर्गठन के कारण एनआईटी जमशेदपुर ने शिक्षा, अनुसंधान और प्लेसमेंट के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। देश की शीर्ष औद्योगिक एवं सॉफ्टवेयर कंपनियां यहां से बड़ी संख्या में छात्रों का चयन कर रही हैं।
उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर
1960 से लेकर आज तक निरंतर प्रगति की राह पर चल रहा एनआईटी जमशेदपुर तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान बना चुका है और आने वाले वर्षों में और भी नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।
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