आदित्यपुर।
भारत सरकार के माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) मंत्रालय ने 29 अप्रैल 2026 को झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर में एक बड़े ‘एंटरप्रेन्योर अवेयरनेस और स्पेशल वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम’ (EA&SVDP) का सफल आयोजन किया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (ASIA) के विशेष सहयोग से किया गया। इस भव्य आयोजन में सरायकेला-खरसावां और उसके आसपास के क्षेत्रों के 150 से भी अधिक मौजूदा और नए उद्यमियों ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी और NSSH योजना पर विशेष फोकस
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नेशनल SC-ST हब (NSSH) योजना सहित एमएसएमई मंत्रालय की विभिन्न लाभकारी पहलों के बारे में व्यापक जागरूकता फैलाना था। कार्यक्रम की शुरुआत में NSSHO रांची की सीनियर ब्रांच मैनेजर किरण मारिया तिरु ने अपने परिचयात्मक भाषण में भारत सरकार की पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत सेंट्रल मिनिस्ट्री, विभागों और CPSEs द्वारा की जाने वाली कुल सरकारी खरीद में SC/ST के सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (MSEs) से 4% और महिला उद्यमियों (MSEs) से 3% खरीद करना अनिवार्य है।
नए और मौजूदा उद्यमियों को मिला तकनीकी मार्गदर्शन
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने नए और पहले से स्थापित, दोनों तरह के उद्यमियों को व्यापारिक बारीकियों से अवगत कराया। नए उद्यमियों को अपने बिजनेस को औपचारिक (Formal) रूप देने के लिए ‘उद्यम पोर्टल’ (Udyam Portal) पर अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराने की अहमियत बताई गई। वहीं, मौजूदा उद्यमियों को वेंडर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, जरूरी कागजात (Documentation), CPSEs द्वारा खरीदे जाने वाले आइटम्स, ई-टेंडरिंग (E-Tendering) की प्रक्रिया, क्रेडिट फैसिलिटेशन के विकल्प और व्यापार को टिकाऊ बनाने के लिए बैंकों द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सब्सिडी के बारे में गहन तकनीकी जानकारी प्रदान की गई।
विशेषज्ञों और उद्यमियों के बीच हुआ सीधा संवाद
इस आयोजन ने स्टेकहोल्डर्स के बीच एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म का काम किया। कार्यक्रम ने उद्यमियों, CPSEs, MSME-DFO, वित्तीय संस्थानों और अन्य MSME-सपोर्टिंग एजेंसियों के बीच सीधे संवाद (Direct Interaction) को आसान बनाया। तकनीकी सत्र के दौरान MSME-DFO रांची, लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (LDM) सरायकेला, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, HCL, DIC, ICAI, इनवॉइसमार्ट और GeM के प्रतिनिधियों ने वित्तीय सहायता और वेंडर एम्पैनलमेंट प्रक्रिया पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिससे पूरे MSME इकोसिस्टम में आपसी तालमेल काफी मजबूत हुआ।
प्रमुख अतिथियों और अधिकारियों की रही उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जियाडा (JIADA) आदित्यपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय उप निदेशक दिनेश रंजन उपस्थित रहे। उनके साथ सम्मानित अतिथियों में ICAI जमशेदपुर के अध्यक्ष आनंद अग्रवाल, NIC जमशेदपुर के संयुक्त निदेशक किशोर प्रसाद, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया जमशेदपुर के एजीएम संजीत कुमार, ASIA के अध्यक्ष इंदर अग्रवाल, DIC के जीएम रविशंकर प्रसाद, HCL के प्रबंधक दीपक शिव, MSME-DFO के निदेशक इंद्रजीत यादव, ASIA के सचिव अशोक कुमार, GeM के प्रतिनिधि सुबोध कांत, ISHT के संस्थापक सतीश कुमार, तथा NSSHO रांची से एस के चौधरी, विवेकानंद सिंह और शुभम कुमार विशेष रूप से उपस्थित थे।




