
आदित्यपुर। झारखंड के लिए स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है कि आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर के पीछे स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल को एमबीबीएस की 150 सीटों पर दाखिले की मंजूरी मिल गई है। अक्टूबर 2025 से नीट परीक्षा 2025 के बाद दाखिले की प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे इस संस्थान में औपचारिक रूप से चिकित्सा शिक्षा की शुरुआत हो जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में नई उपलब्धियां
कॉलेज से जुड़े अस्पताल ने सिर्फ तीन महीने (अक्टूबर 2024 से दिसंबर 2024) में ही 153 सफल सर्जरी की हैं। इनमें 59 ऑर्थोपेडिक सर्जरी (जिनमें जटिल हिप रिप्लेसमेंट भी शामिल), 57 जनरल सर्जरी, 34 गायनिक ऑपरेशन और 03 ईएनटी सर्जरी शामिल हैं।
ऑर्थोपेडिक विभाग के प्रमुख डॉ. ए. साहू ने बताया कि अस्पताल ने पहली बार हार्ट के मरीज पर हिप रिप्लेसमेंट जैसी कठिन सर्जरी को भी सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इसके अलावा, आंखों की सर्जरी के लिए फेको तकनीक की भी शुरुआत होने जा रही है।
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विशेष ओपीडी और योजनाओं की सुविधा
संस्थान में कार्डियोलॉजी से जुड़ी बीमारियों के लिए विशेष ओपीडी सेवा उपलब्ध है। इसके साथ ही आयुष्मान भारत योजना के कार्डधारकों को भी विशेष सुविधाएं मिल रही हैं।
कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. के. एन. सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए संस्थान ने कई कंपनियों के साथ एमओयू (MOU) किया है। वहीं, आसपास के जिलों के सिविल सर्जन ने भी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार हेतु संस्थान से एमओयू करने का प्रस्ताव रखा है।
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241 चिकित्सकों का योगदान
अस्पताल के चेयरमैन मदन मोहन सिंह ने कहा कि अब तक 241 चिकित्सक इस संस्थान में अपनी सेवा दे चुके हैं। अस्पताल ने अल्प समय में ही क्षेत्र में उन्नत चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई है और अब चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
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झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में नया अध्याय
नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल की यह उपलब्धि न केवल आदित्यपुर बल्कि पूरे झारखंड के लिए मील का पत्थर साबित होगी। यहां हर साल 150 नए डॉक्टर तैयार होंगे, जिससे झारखंड के चिकित्सा ढांचे को मजबूती मिलेगी और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।


