
आदित्यपुर (जमशेदपुर):
डिजिटल युग में जहां मोबाइल, ईमेल और सोशल मीडिया ने संवाद को आसान बना दिया है, वहीं भारत की परंपरागत और विश्वसनीय डाक सेवा आज भी ज्ञान और संवेदना का मजबूत माध्यम बनी हुई है। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए डाक विभाग, सिंहभूम मंडल द्वारा बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर न्यू कॉलोनी उत्क्रमित उच्च विद्यालय, आदित्यपुर में ‘ज्ञान पोस्ट’ अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
किताबों से जुड़ने की अनोखी कोशिश
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में किताबों के प्रति रुचि बढ़ाना और डाक सेवा की उपयोगिता को समझाना था। कार्यक्रम माननीय केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की उस परिकल्पना का हिस्सा है, जिसके तहत देशभर के छात्रों तक पुस्तकें और ज्ञान पहुंचाने की पहल की जा रही है। सिंहभूम मंडल के वरिष्ठ डाक अधीक्षक श्री उदयभान सिंह के निर्देशन में इस आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।
अधिकारियों ने किया बच्चों का मार्गदर्शन
मौके पर उप डाक अधीक्षक श्री विश्वजीत रॉय और डाक निरीक्षक श्री विकास वर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों को डाक विभाग की कार्यप्रणाली और उसकी विभिन्न सेवाओं के बारे में सरल शब्दों में जानकारी दी।
‘ज्ञान पोस्ट’ से बच्चों को मिला विद्या का उपहार
कार्यक्रम में सुश्री ज्योति कुमारी ने ‘ज्ञान पोस्ट’ सेवा की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस सेवा के माध्यम से किताबों को बेहद कम शुल्क पर देश के किसी भी कोने तक भेजा जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के बीच विभिन्न पुस्तकें वितरित की गईं। इसके साथ ही बच्चों को नए स्कूल बैग और चॉकलेट भी दिए गए, जिससे उनमें खासा उत्साह देखने को मिला।
फिलेटली और पत्र लेखन का अनुभव
आज की पीढ़ी के लिए सबसे रोचक पल वह रहा जब उन्हें डाक टिकटों की दुनिया यानी फिलेटली से परिचित कराया गया। बच्चों को बताया गया कि कैसे डाक टिकटों के जरिए इतिहास और संस्कृति को समझा जा सकता है। इसके बाद उन्हें पोस्टकार्ड दिए गए, जिस पर उन्होंने अपने मित्रों और परिवारजनों को संदेश लिखे और स्वयं जाकर उन्हें लेटर बॉक्स में डाला। बाद में डाक विभाग द्वारा इन पत्रों को डाकिया के माध्यम से भेजा गया।
विद्यालय प्रशासन ने की सराहना
विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य और शिक्षकों ने डाक विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे बच्चों में रचनात्मक लेखन, सामान्य ज्ञान और सामाजिक जुड़ाव बढ़ेगा। इस अवसर पर बच्चों को सुकन्या समृद्धि योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई।



