
आदित्यपुर। आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित आशियाना आदित्य सोसायटी में शारदीय नवरात्र एवं दुर्गा पूजा महोत्सव श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। महोत्सव के दौरान आयोजित गरबा, डांडिया, भजन संध्या, नाट्य प्रस्तुतियों और बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का मन मोह लिया। वहीं, विजयादशमी के अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक सिंदूर खेला की रस्म निभाकर मां दुर्गा को भावपूर्ण विदाई दी।पूरे आयोजन के दौरान सोसायटी के लोगों ने परिवार के साथ विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लिया।
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गरबा और डांडिया की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
दुर्गा पूजा महोत्सव की शुरुआत भजन संध्या और माता की चौकी से हुई। इसके बाद नवरात्र के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए गए।रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने गरबा और डांडिया नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। नृत्य, गीत और नाट्य कार्यक्रमों ने उत्सव में सांस्कृतिक रंग भर दिया।सोसायटी के लोगों ने इन कार्यक्रमों का आनंद लिया और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
बच्चों ने दिखाई धार्मिक आस्था और देशभक्ति की झलक
महोत्सव में नन्हे-मुन्ने बच्चों की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। बच्चों ने धार्मिक प्रसंगों और देशभक्ति पर आधारित झांकियां प्रस्तुत कीं।विशेष रूप से वीरांगना झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के शौर्य, साहस और देशभक्ति पर आधारित प्रस्तुति को लोगों ने खूब सराहा।इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों ने भारतीय इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणादायी झलक पेश की।
विजयादशमी पर महिलाओं ने खेला सिंदूर
विजयादशमी के दिन आशियाना आदित्य सोसायटी में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और आरती की गई।इसके बाद सुहागिन महिलाओं ने पारंपरिक सिंदूर खेला की रस्म निभाई। महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर अखंड सौभाग्य, परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।मां दुर्गा की विदाई के अवसर पर सोसायटी परिसर में धार्मिक आस्था और भावुकता का माहौल रहा।
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आयोजन में पूजा समिति और सोसायटी सदस्यों की रही अहम भूमिका
दुर्गा पूजा महोत्सव को सफल बनाने में पूजा समिति के अध्यक्ष शंकर गुरुनाथन, उपाध्यक्ष राजीव नंदन, सचिव अमिता चौधरी, संयुक्त सचिव कुंदन कुमार, पीके सिंह और मधुलिका ने सक्रिय भूमिका निभाई।
इसके अलावा सोसायटी के अध्यक्ष मेजर सत्यनारायण, कोषाध्यक्ष निकिता पेड़ीवाल, सह कोषाध्यक्ष पुष्कर चौधरी, ऊषा सत्यनारायण, चंद्रा शंकर, विभा चौधरी, इंदु देवी, उर्मिला देवी, सबिता झा, एसके पहाड़ी, देवेंद्र सिंह, सुरेश चौधरी, उपेंद्र शर्मा, अनंत झा, ललन कुमार सिंह, संदीप भौमिक, एसएन प्रसाद, अंशुमन सरकार, दीपेन सरकार, डॉ. सिकंदर, दीपक विश्वास, मनीष चौधरी, धर्मेंद्र शर्मा और प्रीति खंडेलवाल सहित अन्य सदस्यों का योगदान रहा।

