
आदित्यपुर। आदित्यपुर के आयडा गेट स्थित खाऊ गली में दुर्गा पूजा के दौरान हुई युवक शिखर तिर्की की हत्या के बाद आखिरकार प्रशासन हरकत में आया। गुरुवार को आदित्यपुर थाना पुलिस ने झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (जियाडा) के समीप सर्विस रोड पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान सड़क किनारे लगी कुछ दुकानों को पुलिस उठाकर थाने ले गई, जबकि कार्रवाई शुरू होते ही कई दुकानदार अपनी दुकानें समेटकर दूसरे स्थान पर चले गए।
हालांकि, हत्या की घटना के बाद हुई इस कार्रवाई ने नगर निगम और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सर्विस रोड पर लंबे समय से अतिक्रमण की समस्या बनी हुई थी, लेकिन इसे दूर करने के लिए समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए।
हत्या के बाद पुलिस की कार्रवाई, दुकानदारों में मची अफरातफरी
दुर्गा पूजा के दौरान खाऊ गली में खाने के ऑर्डर को लेकर हुए विवाद में शिखर तिर्की की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना में तीन अन्य युवक भी घायल हुए थे।घटना के बाद गुरुवार को आदित्यपुर पुलिस ने जियाडा के समीप सर्विस रोड पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। पुलिस की कार्रवाई से दुकानदारों में अफरातफरी की स्थिति बन गई।कुछ दुकानों को पुलिस जब्त कर थाने ले गई, जबकि कई दुकानदार कार्रवाई से पहले ही अपना सामान समेटकर वहां से हट गए।
पहले क्यों नहीं हुई कार्रवाई? स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि खाऊ गली और आसपास की सर्विस रोड पर लंबे समय से दुकानदारों का कब्जा था। सड़क किनारे अनियोजित तरीके से दुकानें लगने के कारण यातायात और आवागमन में परेशानी होती थी।लोगों का कहना है कि अतिक्रमण की समस्या को लेकर समाचार पत्रों में भी कई बार खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके बावजूद नगर निगम और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की।अब युवक की हत्या के बाद अचानक अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू होने से लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा था?
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नगर निगम और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार, सर्विस रोड पर नियमित निगरानी और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।उनका कहना है कि यदि पहले ही सड़क को अतिक्रमण मुक्त रखने और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने की दिशा में कदम उठाए गए होते, तो क्षेत्र में अव्यवस्था कम की जा सकती थी।
हालांकि, खाऊ गली में हुई हत्या का सीधा कारण खाने के ऑर्डर को लेकर विवाद बताया गया है। ऐसे में अतिक्रमण को हत्या का प्रत्यक्ष कारण नहीं माना जा सकता।
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क्या स्थायी रूप से अतिक्रमण मुक्त होगी खाऊ गली?
गुरुवार की कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन खाऊ गली और जियाडा के समीप सर्विस रोड को स्थायी रूप से अतिक्रमण मुक्त रख पाएगा या कुछ दिनों बाद फिर पहले जैसी स्थिति बन जाएगी।स्थानीय लोगों ने नगर निगम और पुलिस प्रशासन से नियमित अभियान चलाने, सर्विस रोड पर निगरानी बढ़ाने और यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।

