
आदित्यपुर.

भीषण गर्मी के बीच हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा चुका है. भूगर्भ जलस्तर (Groundwater level) के काफी नीचे चले जाने और सरकारी पाइपलाइन जलापूर्ति योजना के अब तक शुरु न होने से नाराज स्थानीय निवासियों और जन कल्याण मोर्चा ने नगर निगम प्रशासन और संबंधित एजेंसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. अधिवक्ता ओम प्रकाश के नेतृत्व में जन कल्याण मोर्चा व अधिवक्ता संघ ने जल्द जलापूर्ति चालू करने की मांग को लेकर आकाशवाणी चौक पर एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया. इसमें मुख्य रुप से शारदा देवी, लिलि दास, वार्ड 17 की पार्षद नीतू शर्मा, पार्षद सुधीर चौधरी समेत विभिन्न वार्डों के पार्षदों, अन्नी अमृता, वरिष्ठ नागरिक गण और आम लोगों ने भाग लिया.
धरना में तीन मांगों को रखा गया–
1–सीतारामपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट अविलंब चालू हो
2–सभी उपभोक्ताओं को पेयजल कनेक्शन अविलंब दिया जाए
3–सापड़ा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट अगस्त 2026 तक चालू हो
इस दौरान नगर निगम के प्रशासक और जलापूर्ति से संबंधित एजेंसी के पदाधिकारी भी पहुंचे और आक्रोशित लोगों को भरोसा दिलाया कि एक सप्ताह के अंदर आदित्यपुर -2 में स्थित सहारा सिटी और आदित्य सिंडिकेट में जलापूर्ति शुरु हो जाएगी. उन्होंने कहा कि 15 जुलाई तक सीतारामपुर वाटर प्लांट शुरु हो जाएगा. वहीं फाॅरेस्ट क्लियरेंस न होने से सापड़ा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट दिसंबर तक शुरु हो पाएगा. ऐसे में वार्ड -17 और आदित्यपुर-1 के अन्य हिस्सों में लोगों को इंतजार करना होगा.
2018 में आदित्यपुर जलापूर्ति योजना का हुआ था शिलान्यास, 8 साल बाद भी जलापूर्ति शुरु नहीं
धरने का नेतृत्व कर रहे जन कल्याण मोर्चा के अध्यक्ष ओम प्रकाश ने कहा कि लगभग 395 करोड़ रुपये की लागत वाली मेगा पेयजल योजना को मार्च 2022 तक ही पूरा हो जाना था, लेकिन 2026 आने के बावजूद यह योजना कछुआ गति से चल रही है. एजेंसी और नगर निगम के अधिकारी सिर्फ नई तारीखें दे रहे हैं, जबकि धरातल पर जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है. ओम प्रकाश ने चेतावनी दी कि आज प्रशासन की ओर से जो 15 जुलाई की तारीख दी गई, अगर उस पर अमल नहीं होगा तो 19 जुलाई को बैठक होगी और आगे के आंदोलन की रणनीति बनेगी.
ड्राई जोन बन चुका है आदित्यपुर
धरने में शामिल वार्ड पार्षदों और अन्य लोगों ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र (JIADA) की फैक्ट्रियों द्वारा अत्यधिक दोहन के कारण रिहायशी इलाकों के बोरवेल और चापाकल पूरी तरह सूख चुके हैं.
जनता को मजबूरी में हर दिन महंगे वाटर जार और निजी टैंकरों पर पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं.
जनता की प्रमुख मांगें:
एजेंसी पर कार्रवाई: जलापूर्ति की अनियमितता और देरी को लेकर कठोर कार्रवाई हो
टैंकरों की संख्या बढ़े: प्रभावित बस्तियों में नगर निगम और JIADA (सीएसआर फंड के तहत) तुरंत 12-12 हजार लीटर वाले कम से कम 5 नए पानी के टैंकर तैनात करें.
रोज दो वक्त पानी: गर्मी खत्म होने तक हर हाल में सुबह और शाम दोनों वक्त पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाए



