आदित्यपुर: आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में लंबे समय से गंभीर बनी कचरा उठाव और निस्तारण की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की कोशिश एक बार फिर ग्रामीणों के विरोध के कारण अटक गई। बुधवार (28 अक्टूबर) को वार्ड संख्या 9 के मीरूडीह में प्रस्तावित कचरा निस्तारण प्लांट का कार्य शुरू कराने पहुंचे नगर निगम के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को स्थानीय ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। इसके चलते फिलहाल काम शुरू नहीं हो सका।
डिप्टी मेयर अंकुर सिंह के नेतृत्व में नगर निगम की टीम मीरूडीह पहुंची थी। इस दौरान ग्रामीणों और निगम प्रतिनिधियों के बीच प्रस्तावित प्लांट को लेकर बातचीत हुई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।
डिप्टी मेयर बोले- काम नहीं शुरू हुआ तो वर्षों तक बनी रहेगी समस्या
डिप्टी मेयर अंकुर सिंह ने कहा कि पूरे आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के कचरा निस्तारण के लिए संबंधित जमीन सरकार द्वारा क्यूब कंपनी को विधिवत आवंटित की गई है।
उन्होंने कहा, “यदि हम काम शुरू नहीं होने देंगे, तो सालों-साल समय बर्बाद होगा और शहर की कचरा समस्या कभी हल नहीं होगी। जनता को जवाब देना पड़ता है कि कचरा गाड़ियां क्यों नहीं चल रहीं।”
अंकुर सिंह ने ग्रामीणों के विरोध को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित आधुनिक कचरा प्रोसेसिंग प्लांट में प्रदूषण की रोकथाम का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
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गड्ढा खोदकर तिरपाल बिछाने और बाउंड्रीवॉल बनाने की थी योजना
नगर निगम की योजना प्रस्तावित स्थल पर वैज्ञानिक पद्धति से गड्ढा तैयार कर उसमें तिरपाल बिछाने के साथ कचरा डंपिंग और बाउंड्रीवॉल निर्माण का कार्य शुरू करने की थी।निगम का उद्देश्य शहर से निकलने वाले कचरे के निस्तारण की व्यवस्था विकसित करना और कचरा उठाने वाले वाहनों का परिचालन सुचारू करना है।हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों के कड़े विरोध के कारण प्रस्तावित कार्य शुरू नहीं हो सका।
नगर आयुक्त बोले- एक-दो दिनों में वार्ड सभा या जनसुनवाई
नगर निगम आयुक्त एजाज अनवर ने बताया कि कचरा निस्तारण की समस्या का समाधान निकालने के उद्देश्य से निगम की टीम मौके पर पहुंची थी।उन्होंने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत हुई है। अगले एक-दो दिनों में वार्ड सभा या जनसुनवाई आयोजित कर आम सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा।निगम प्रशासन का कहना है कि बातचीत के माध्यम से विवाद का समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।
विरोध के बीच पहुंचे मेयर संजय सरदार, ग्रामीणों से की बातचीत
मीरूडीह में विरोध बढ़ने के बाद आदित्यपुर नगर निगम के मेयर संजय सरदार भी मौके पर पहुंचे।उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि विकास कार्यों को लेकर उठ रही आपत्तियों का समाधान बातचीत और संबंधित सरकारी दस्तावेजों की जांच के आधार पर किया जाएगा।
मेयर के हस्तक्षेप और निगम प्रशासन के आश्वासन के बाद फिलहाल स्थिति शांत हुई। हालांकि, प्रस्तावित कचरा निस्तारण प्लांट का काम कब शुरू होगा, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
35 में से सिर्फ पांच पार्षद पहुंचे, उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू नगर निगम के निर्वाचित प्रतिनिधियों की मौजूदगी भी रही।आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के 35 वार्ड पार्षदों में से केवल पांच पार्षद ही मौके पर पहुंचे। इनमें स्थानीय वार्ड पार्षद दुर्गा चरण बेसरा, अंजू सिंह, नथुनी सिंह, सुधीर चौधरी और परितोष बेज शामिल थे।
डिप्टी मेयर अंकुर सिंह के साथ नगर आयुक्त एजाज अनवर, कार्यपालक अभियंता पंकज झा और निगम के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।पूरे शहर से जुड़ी कचरा निस्तारण की गंभीर समस्या के समाधान की पहल के दौरान अधिकांश पार्षदों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही।
आदित्यपुर में कचरा संकट का समाधान कब?
आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में कचरे का नियमित उठाव और उसके सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था लंबे समय से बड़ी चुनौती बनी हुई है।मीरूडीह में प्रस्तावित प्लांट को लेकर उत्पन्न विरोध ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्थायी समाधान कब तक निकल पाएगा।अब निगाहें प्रस्तावित वार्ड सभा या जनसुनवाई पर टिकी हैं, जहां ग्रामीणों की आपत्तियों और नगर निगम की योजना पर चर्चा के बाद आगे का रास्ता निकलने की उम्मीद है।

