देवघर
झारखंड के देवघर बाबा बैद्यनाथ मंदिर के पास सोमवार सुबह हुई भगदड़ में 11 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है, जबकि करीब 50 कांवड़िये घायल हो गए। श्रावण महीने के दूसरे सोमवार को बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर के दर्शन के लिए यहां रविवार रात से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। देवघर का शिव मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। भगवान शिव के भक्त यहां श्रावण माह में गंगाजल चढ़ाने आते हैं। सुल्तानगंज से कांवड़िये गंगा जल उठाते हैं और वहां से पैदल यात्रा कर बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग पर आकर जलार्पण करते हैं।
सोमवार का जश्न सोमवार को तड़के बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में मातम में बदल गया। बेलाबागान स्थित दुर्गा मंदिर में भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई और 50 अन्य घायल हो गए। घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका है। भगदड़ का कारण कावंड़ियों की ज्यादा भीड़ होना बताया जा रहा है। मृतकों में 10 पुरुष और एक महिला शामिल हैं। घायलों को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।
पुलिस ने बताया कि मंदिर से करीब तीन किलोमीटर दूर बेलाबगान के पास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई और इसी दौरान भगदड़ मच गई। देवघर के डीएम अमित कुमार ने बताया कि मंदिर में जल चढ़ाने के लिए सोमवार तड़के से ही यहां श्रद्धालुओं की भीड़ जमा थी। 10 किलोमीटर पहले ही श्रद्धालुओं की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। श्रद्धालुओं के बीच कतार में आगे जाने की होड़ लगने की वजह से मंदिर से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर भगदड़ मच गई।
जानकारी के अनुसार, सुबह अफवाह उड़ी की मंदिर में बाबा बैद्यनाथ को कांवड़िये जल चढ़ाने लगे हैं। इसके बाद पीछे के दरवाजे से कांवडि़ए दौड़ पड़े। बताया जा रहा है इसी बीच बेलाबगान में सड़क के किनारे सोए लोगों को भीड़ रौंदते हुए आगे बढ़ गई, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में से एक की पहचान प्रवेश कुमार (37) के रूप में हुई है, जो केजरीग्राम करनौल जिला चंदौली के रहने वाले थे। दूसरे की पहचान प्रद्युमन गुप्ता (18) कामगंज अररिया (बिहार) के रूप में हुई है।
हालांकि, कुछ लोगों का कहना यह भी है कि भगदड़ की वजह लाठीचार्ज है। दावा किया जा रहा है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और उसके बाद भगदड़ मच गई। कांवड़िये लाठीचार्ज के बाद इधर-उधर भागने लगे, जिसके बाद वे रस्सियों से उलझ कर गिर गए। करीब आधे घंटे तक अफरातरफी का माहौल रहा।
मुख्यमंत्री ने गृह सचिव एन एन पांडेय और एडीजीपी एस एन प्रधान को देवघर जाकर राहत कार्यों का जायजा लेने का निर्देश दिया है। आधिकारिक सूचना के अनुसार घायलों का इलाज देवघर के सदर अस्पताल में चल रहा है। मंदिर में भक्तों के दर्शन की व्यवस्था फिर सुचारू कर दी गई है।