
● भाजपा जिला प्रवक्ता अंकित आनंद के शिकायत पर पीएमओ ने सिविल सर्जन से किया रिपोर्ट तलब
● सरकारी आदेशों और एमसीआई के प्रावधानों के उल्लंघन पर किया था शिकायत
जमशेदपुर। समेत राज्य के विभिन्न शासकीय एवं निज़ी अस्पतालों,क्लिनिक,नर्सिंग होम में डॉक्टरों द्वारा मरीजों को जेनरिक दवा न लिखने के मामले में पीएमओ ( प्रधानमंत्री कार्यालय ) ने संज्ञान लिया है। इस आलोक में भाजपा के जिला प्रवक्ता अंकित आनंद द्वारा पीएमओ में किये गए शिकायत के आधार पर पीएमओ ने जिले के सिविल सर्जन महेश्वर प्रसाद से रिपोर्ट तलब किया है। इस मामले में सिविल सर्जन ने गुरुवार को ही जाँच का निर्देश जारी कर दिया है। विदित हो कि प्राइवेट एवं सरकारी सेवा के डॉक्टर मरीज़ों को जेनरिक दवा ( सस्ते दामों पर उपलब्ध ) नहीं लिखते हैं। इस आशय की शिकायत करते हुए भाजपा जिला प्रवक्ता अंकित आनंद ने पीएमओ में भेजी गई शिकायत में उल्लेखित किया था कि प्राइवेट दवा कंपनियों से मिलने वाले मोटे कमीशन के कारण डॉक्टर गरीब मरीजों को जेनरिक दवा नहीं लिखतें। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के कोड ऑफ प्रोफेशनल कंडक्ट एंड एथिक्स के प्रावधान 1.5 के अलावे केंद्र एवं राज्य सरकारों के विभिन्न आदेशों का अवमानना है। वहीं मानगो में खुले एकमात्र निज़ी जनऔषधि केंद्र भी डॉक्टरों के मुनाफाखोरी की बलि चढ़ गयी। भाजपा प्रवक्ता ने पीएमओ में भेजे अपने पत्र में माँग किया था कि सरकारी एवं प्राइवेट डॉक्टरों को जेनरिक दवा लिखना अनिवार्य किया जाए। वहीं कोल्हान के एकमात्र बड़े शासकीय अस्पताल एमजीएम में जन औषधी केंद्र खोलने के साथ हीं राज्य के सभी जिलों में हर थाना क्षेत्रों में दो-दो जन औषधि केंद्र खोली जाए। उक्त आशय की शिकायत रजिस्टर्ड पोस्ट के माध्यम से पीएमओ, सीएम जनसंवाद केंद्र समेत केंद्रीय एवं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री को त्वरित संज्ञान लेने हेतु आग्रह किया गया है। पीएमओ के इस कार्यवाई पर अंकित आनंद ने कहा कि आगामी दिनों में गरीबों को लाभ मिलने तक उनका अभियान जारी रहेगा।

