
रांची।
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कोडरमा के डीसी छवि रंजन और डीडीसी कौशल किशोर ठाकुर को हटा दिया है। साथ ही मरकच्चो ब्लॉक के सीओ संदीप मद्धेसिया और डीसी के बॉडीगार्ड कृष्णा वर्मा को सस्पेंड करने का आदेश दिया है। कोडरमा डीसी ऑफिस में कार्यरत एक डाटा इंट्री ऑपरेटर दिनेश तूरी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। इस पूरे मामले की जांच एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) से कराई जाएगी। सीएम ने इस बात की जानकारी सोमवार को विधानसभा में दी।
क्या है मामला ?
कोडरमा के मरकच्चो-गिरिडीह कोवार पथ पर शाहगंज के समीप जिला परिषद का एक डाक बंगला अवस्थित है। डाक बंगला के चारों तरफ चहारदीवारी है, जबकि मुख्य द्वार सड़क से सटा है। यहां से बड़ी मात्रा में सागवान और शीशम जैसी कीमती लकड़ियां काट डाली गईं। ग्रामीणों ने बताया है कि उन्होंने जेसीबी से पेड़ों की कटाई होते देखा था।
सीएम ने 72 घंटे में दिया था कार्रवाई का भरोसा
यह मामला विधानसभा में उठा था जिसके बाद मुख्यमंत्री रघुवर दास के 72 घंटे में जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया था। वित्त विभाग के अपर वित्त सचिव सतेंद्र सिंह ने पूरे मामले की कोडरमा जाकर जांच की थी।
डीडीसी ने दर्ज कराई थी FIR
इस संबंध में जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह डीडीसी कौशल किशोर ठाकुर ने पूरी जांच के बाद मरकच्चाे थाने में प्रखंड के सीओ संदीप मद्धेसिया, डीसी के अंगरक्षक कृष्णा वर्मा और थाना के ऑपरेटर दिनेश तूरी पर प्राथमिकी दर्ज कर कराई थी।
जांच के दौरान ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी संदीप मद्धेसिया पर अपनी मौजूदगी में पेड़ कटवाने का आरोप लगाया था। वहीं थाना के चौकीदार सुबोध यादव के आवास से काटे गए पेड़ की कुछ लकड़ी भी मिली थी। जांच टीम के समक्ष चौकीदार सुबोध ने अपने बयान में अंचलाधिकारी सहित डीसी के एक अंगरक्षक कृष्णा वर्मा, मरकच्चो थाने के कंप्यूटर ऑपरेटर दिनेश तूरी पर पेड़ कटवाने की बात कही थी। वहीं ग्रामीण कैलाश नाथ पांडेय ने भी अंचलाधिकारी द्वारा पेड़ कटवाने की बात कही है।
डीसी पर लगा था सरकार की छवि खराब करने का आरोप
भाजपा ने कीमती लकड़ी कटवाने के मामले के लिए उपायुक्त छवि रंजन पर कार्रवाई करने की मांग की थी। राज्य के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में भाजपा के जिला महामंत्री शिवेंद्र नारायण ने कहा था कि उपायुक्त रंजन जब से जिले में पदस्थापित हैं तब से इनका कार्यकाल काफी विवादास्पद रहा है।

