
रांची।


न उम्र की सीमा हो न जन्म का हो बंधन…। जगजीत सिंह की यह गजल को फिल्म प्रेम गीत में राज बब्बर ने भले ही अपनी प्रेमिका को समर्पित किया हो, लेकिन जीवन साथी बनने या बनाने के लिए उम्र कभी बाधक नहीं होती। किसी भी उम्र में कोई किसी का जीवन साथी बन सकता है। रांची में भी इस तरह का एक मामला आया है। जिसमें 79 साल के पुरूष और 50 साल की महिला ने एक दूसरे का हाथ थामा और उम्र के उस पड़ाव में जब एक दूसरे के साथ की सबसे अधिक जरूरत होती है साथ- साथ रहना मंजूर किया।
79 साल के डॉ रवींद्र कुमार शर्मा और 50 साल की डोली हांडा ने कोर्ट मैरिज किया और 26 अगस्त को मैरिज अफसर ने उन्हें प्रमाणपत्र सौंपा। मैरिज अफसर राहुल कुमार चौबे और कार्यालय को सभी कर्मचारियों ने दोनों को बधाई दी और उनके सुखमय और दीर्घायु जीवन की कामना की।

